"लाखो लाख हमारे क्रांतिकारी शहीद हुए, उन्हें हम आज याद करते हैं, नमन करते हैं। उनके बलिदान की वजह से ही हमारा देश स्वतंत्र है।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश जी
"मैं लोहिया जी की एक किताब भेजूंगा मुख्यमंत्री जी पढ़ लें। ये वो लोग हैं जो आज़ादी के आंदोलन में नहीं थे। ये किसके साथ थे? ये अंडरग्राउंड थे और अंडरग्राउंड रहकर यह सूचनाएं दे रहे थे अंग्रेज़ों को।"
– माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हमारे education system को फिर से संवारने की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।
शाबाश देश भर के छात्रों, आप सभी पर गर्व है।
सड़कों पर आ कर लोकतंत्र, संविधान और अपने भविष्य की रक्षा में डट कर खड़े होने वाले हर एक युवा, हर छात्र को बहुत-बहुत बधाई।
2 मांगें अभी भी बाकी हैं - प्रधानमंत्री छात्रों और भारत के भविष्य को सम्मान देते हुए माफ़ी मांगें और छात्रों पर हिंसा के दोषियों पर कार्रवाई हो।
ये समाज के दूसरे वर्गों किसानों, मजदूरों, गरीबों, हर वो व्यक्ति जिसे इस सरकार ने दबाया है, कुचला है - अपने सम्मान के लिए संवैधानिक तरीके से डटकर खड़े होने में ही असली साहस है।
इस सरकार को हटाने का वक्त आ गया है।
डरो मत!
सलाम है उन सच्चे पत्रकारों को! जिनके कारण जंतर मंतर की आवाज़ दुनिया तक पहुँची।
अगर ये न होते तो देश अभी तक बच्चों पर हो रहे सरकार के अत्याचारों से अनजान रहता। देश सच नहीं देख पता ॥
इन्होंने सच्ची पत्रकारिता का झंडा बुलंद रखते हुए पूरे देश को जगाया है।
ऐसे बेबाक और ईमानदार
संसद में आज छात्रों की आवाज़ गूंजी।
NEET मुद्दे और छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने संसद परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
काले कपड़े पहनकर सांसदों ने सरकार से जवाबदेही और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई
चप्पा-चप्पा इंक़लाब के नारों से गूंज रहा है।
जब युवा अपने भविष्य, शिक्षा और रोज़गार के सवाल पर सड़क पर उतरते हैं, तो वह सिर्फ़ एक आंदोलन नहीं, बल्कि देश के आने वाले कल की आवाज़ बन जाता है।
अब यह आवाज़ किसी एक शहर की नहीं, पूरे देश की बन चुकी है। आइए, लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से न्याय, शिक्षा और युवाओं के अधिकारों की इस लड़ाई में एकजुट होकर अपनी भागीदारी निभाएँ। बदलाव की शुरुआत हमेशा जागरूक समाज से होती है।
पहले सोनम वांगचुक को गिरफ्तार किया फिर अभिजीत दीपके पर स्याही फेंका तो वहां ये महिला भड़का गई..
महिला: हमने और यहां आय हुए लोगों ने किसी का क्या अपमान किया..
पत्रकार: कुणाल कामरा का नाम ले रहे थे उन्होंने जो सीता माता के लिए बोला था..
महिला: कुणाल कामरा ने क्या किया गाली दिया..
और मोदी क्या करता है कभी हनुमान जी की पतंग बनाकर उड़ाता है कभी उसको भाजपा पार्टी का झंडा देकर उसको नचवाता है
बीफ एक्सपोर्ट में छाती पीटते हुए कहते है हमें गर्व है कि हम बीफ एक्सपोर्ट में पहले नंबर है।
किसी की हिम्मत है जो मोदी से इसपर सवाल कर दे हम लोग 20 तारीख को संसद तक जाएंगे जिसमें हिम्मत हो रोककर दिखा दे..
शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे, भूख हड़ताल बैठे सोनम वांगचुक जी को CJP अभिजीत दीपके हज़ारों आंदोलन कारियों को मोदी सरकार दिल्ली पुलिस द्वारा उठाना लाठीचार्ज करना , तानाशाही की हद है, अब समय आ गया लोकतंत्र के हित देश की जनता को आगे आना चाहिए ।
#SonamWanchuk
ज़िंदाबाद
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So what’s wrong 😑..??
Pls explain