@BJP4India मोदीजी बिल का भी देख लो लगाने क़े पहले भी, लगाने क़े बाद भी लगाने से पहले भी 2500,3000 से लगाने बाद भी 2500 से ज़्यदा किस्त सहित बिल सहित 2000 की जेब कट रही हैँ हमारी!
साहिल की FIR दर्ज न होने देने का एक ही मतलब है -
नरेंद्र मोदी और अमित शाह के राज में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर खुलेआम पैलेट गन चलाई जा सकती है, मगर उन्हें इंसाफ नहीं मिल सकता।
जब तक FIR दर्ज नहीं होती, जब तक दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा नहीं मिलता - हम डटे रहेंगे।
लक्ष्य न्याय है और वो हर हाल में लेकर ही रहेंगे।
इस बेटी ने उत्तराखंड CM पुष्कर धामी के सामने कह दिया कि मुझसे डेढ़ लाख रुपए मांगे गए, इसलिए इंटरनेशनल गेम्स खेलने नहीं भेजा गया।
इसी बेटी का अब दूसरा Video देखिए। कह रही है कि फेडरेशन मुझे 1.70 लाख रुपए दे रही थी, बाकी का खर्च मुझे करना था। यह बात मैंने किसी को नहीं बताई। इसलिए इंटरनेशनल गेम्स खेलने नहीं जा सकी।
बच्ची का चेहरा देखिए और फिर मजबूरी समझिए। किसी के खिलाफ बोलने के बाद आने वाले सरकारी प्रेशर को झेलना हर किसी के बस में नहीं होता।