मां से बेहतर शिक्षक दुनियां में कोई नहीं होता, अटल और शाश्वत सत्य है,
मां जैसी सिखाएगी बच्चे का सोच उसी अनुक्रम में बढ़ता है
नजरिया , और सोच हमेशा सकारात्मक होना चाहिए 🤔
आज लोहिया अस्पताल पहुँचकर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आदरणीय राजेंद्र चौधरी जी से भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना एवं डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी ली।
जनता पूछ रही है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के उप्र के पहले दौरे में जनता ने ‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरी’ के गुस्से की वजह से उनका बहिष्कार तो किया ही है, क्या डबल इंजन की टकराहट भी इस सन्नाटे की वजह है?
दरअसल उप्र का भाजपा संगठन जन-आक्रोश के डर के मारे अपने घरों में दुबका बैठा है या प्रदेश से बाहर भाग गया है, नहीं तो कुछ लोग तो ज़रूर दिखाई देते, बेचारे ‘नव-निर्मित अध्यक्ष जी’ हाथ हिलाने के लिए तरसते दिखाई न देते। आज उन्हें भी पता चला होगा कि ‘5’ बड़ा या ‘7’।
भगवान से धोखा करनेवालों का दुर्भाग्य देखिए कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी का दावा करनेवालों का झंडा तक उठानेवाले अब कोई नहीं बचा, वो भी किराये पर ही लाए गए।
उप्र ने भाजपा की रिटर्न टिकट कन्फ़र्म कर दी है।
‘संविधान’ को नहीं माननेवाले भाजपा और उनके संगी-साथी कम से कम दान दी गई
सोने की ‘रामचरितमानस’ को तो छोड़ देते।
भाजपाई हिसाब से लेकर किताब तक सबमें घपला करते हैं।
जिन कोंचिगवालों ने पेपर लीक, शिक्षकों व शिक्षार्थियों की समस्याओं व अन्य मुद्दों पर आवाज़ उठाई है, उन पर लगे मुक़दमे वापस हों। 2027 में हम सरकार में आकर ‘नौकरी का कैलेंडर’ बनाकर बेरोज़गारी की समस्या का समयबद्ध-निश्चित समाधान निकालेंगे। संविदा की ठेकेदारी में कमीशन खाने व पीडीए का आरक्षण मारने के चक्कर में, नौकरी न देने की ‘भाजपाई साज़िश’ का अब पर्दाफाश हो गया है।
हमने हमेशा कहा है आज फिर दोहरा रहे हैं:
नौकरी भाजपा के एजेंडे में है ही नहीं!
सच तो ये है कि ‘भर्ती-नौकरी’ के पीछे भाजपाइयों और उनके unregistered-underground संगी-साथियों का बेहद ख़ुफ़िया चौतरफ़ा प्लान काम कर रहा है।
1.एक बड़ा plan तो PDA का आरक्षण लूटना है।
2.नौकरियों में NFS (Not Found Suitable) के माध्यम से पहले ही लोगों की छँटनी कर देना है।
3.Lateral Entry के बहाने अपनी संकीर्ण सोच के लोगों को जगह-जगह Adjust और Set करना है।
4.नौकरी-भर्ती की प्रक्रिया को रोकना और अटकाना है।
भाजपा परीक्षा प्रणाली का वो रावण है जिसके दस चेहरे हैं… इन दशानन के दस रूप हैं:
- परीक्षा प्रणाली में हेरफेर-हेराफेरी करनेवाले भाजपाई ,
- गलत प्रश्नोत्तर के पेपर छपवानेवाले भाजपाई,
- पेपर लीक करवानेवाले भाजपाई
- परीक्षा की तारीख़ें टलवानेवाले भाजपाई,
- परीक्षा रद्द करवानेवाले भाजपाई,
- कॉपी बदलवानेवाले भाजपाई,
- आरक्षण मारनेवाले भाजपाई,
- रिज़ल्ट लटकानेवाले भाजपाई,
- भर्ती-नौकरी कोर्ट में ले जानेवाले भाजपाई
- कोर्ट में परिणाम उलझानेवाले भाजपाई
इसीलिए हम प्रयागराज में संपन्न हुई ‘विज़न इंडिया’ : पीडीए समिट में कही गई, अपनी बात फिर दोहरा रहे हैं :
शिक्षा अच्छी हो,
परीक्षा सच्ची हो,
तो तरक़्क़ी पक्की हो!
युवा कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!
#UPSC
#UPPCS
#NEET
#NEET_REEXAM
#TET
#69000
#SSC
‘उत्कृष्टता’ का प्रवचन देनेवालों को ‘डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी’ (RUPAAM) को पूरा करने में 11 साल लग गये और बनाया भी तो इतने निम्न स्तर का कि गुणवता का एक भी बुनियादी मानक पूरा नहीं किया, उत्कृष्टता तो बहुत दूर की बात है।
प्रशासनिक असंवेदनशीलता व दुर्व्यवस्था की वजह से जिस महिला की परीक्षा छूट गई, उसको बुलवाकर यहाँ प्रशासनिक अधिकारियों को ‘संवेदनशीलता’ का पाठ पढ़ाना चाहिए। हम उस महिला की परीक्षा की वैकल्पिक व्यवस्था का ‘इनोवेशन’ करने की माँग करते हैं अथवा प्रशासनिक निष्ठुरता के ख़िलाफ़, उस महिला के कोर्ट जाने के अधिकार का हम समर्थन करते हैं।
संवेदनशील मुख्यमंत्री जी के संज्ञानार्थ!
बेहद दुखद, निंदनीय, शर्मनाक समाचार : उप्र के हमीरपुर में पुलिस ने मिलते-जुलते नाम के चक्कर में बेकसूर को दी ‘थर्ड डिग्री’ प्रताड़ना।
उप्र की जनता थाने के सभी दोषियों को नौकरी से बर्ख़ास्त करने की माँग कर रही है। शायद कल ही मुख्यमंत्री जी ने कहा था कि प्रशासन को संवेदनशील होना चाहिए, लगता है पुलिस मुख्यालय ने इसे सुना नहीं या वो मुख्यमंत्री जी की सुनते नहीं हैं। अपनी चमचमाती छविवाले मुख्यमंत्री जी का बस चलता तो इस बात पर गृहमंत्री को ही बर्ख़ास्त कर देते लेकिन मजबूरी ये है कि उस पद पर भी वो ख़ुद ही बैठे हैं। इसलिए हम इस मामले में, उनसे किसी भी कार्रवाई की उम्मीद नहीं रखते हैं। मुख्यमंत्री जी के अंदर अगर कहीं अंश मात्र भी मानवता या किसी के दर्द के लिए संवेदना या भावना है तो अपने विवेक से कार्रवाई करके दिखाएं।
सार्वजनिक-सार्वभौमिक वैधानिक चेतावनी!
जितना सत्ता पक्ष के सांसद का विशेषाधिकार होता है, उतना ही विशेषाधिकार विपक्ष के सांसद का भी होता है। पुरुषोत्तम प्रभु राम जी की मर्यादा एवं सामाजिक शालीनता, सभ्यता और संसदीय परंपरा का मान रखते हुए हम भाजपा के सांसद को 10 मिनट का समय देते हैं कि वो इस झूठे ट्वीट-पोस्ट को डिलीट कर दें अन्यथा उनके ख़िलाफ़ तत्काल नामज़द रिपोर्ट दर्ज़ कराई जाएगी, साथ ही ये चेतावनी उन सबको भी है जिन्होंने ये झूठ फैलाया है, वो भी सोशल मीडिया पर तुंरत डिलीट करें और सार्वजनिक माफी माँगें या क़ानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें। वो याद रखें भाजपाई किसी के सगे नहीं हैं, जब सालों-साल कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ेंगे तो कोई संगी-साथी भी बचाने नहीं आयेगा। जो भगवान के नहीं हुए वो इंसान के क्या होंगे।
‘पीडीए समाज’ को कलंकित व अपमानित करने के लिए भाजपाई और उनके संगी-साथी ये कुत्सित झूठ प्रचारित-प्रसारित कर रहे हैं। ’पीडीए समाज’ एकजुट होकर इसका जवाब देगा।
‘चढ़ावा-चंदा-दान चोरों’ का गिरोह जनाक्रोश के डर से अब अपने घरों में दुबका बैठा है और षड्यंत्र कर रहा है। अगर मुख़बिरों के वंशंजों में सत्य का साहस है तो अपने परंपरागत भूमिगत-सुरंगी निवास से बाहर आकर अयोध्यावासियों के सामने सरयू का जल हाथ में उठाकर ये बात कहें।
- संपूर्ण विश्व के रामभक्त संज्ञान लें
- दुनिया भर के सनातनी संज्ञान लें
- अयोध्या के पूज्य साधु-संत संज्ञान लें
- माननीय सर्वोच्च न्यायालय संज्ञान ले
- माननीय लोकसभा अध्यक्ष संज्ञान लें
- उप्र-अयोध्या के नागरिक संज्ञान लें
- समस्त पीडीए समाज संज्ञान ले
@nishikant_dubey
पिताजी को ये नहीं पता कि भारत के बाहर रुपया नहीं चलता। हर बार पूछते हैं, “बेटा, पैसा है न? कुछ पैसा भेज दें?” मैं उनसे कहती हूँ, “पापा, स्कॉलरशिप मिली है। यहाँ यूरो चलता है, रुपया नहीं। दूसरी करेंसी है।” फिर वह पूछते हैं, “वो क्या होता है?” यह सुनकर मैं सोच में पड़ गई कि उन्हें “यूरो” नहीं पता। फिर ध्यान आया कि पिताजी ने पढ़ाया, लेकिन वे अभाव के कारण स्वयं पढ़ नहीं पाए। माँ ने भी पढ़ाया, लेकिन वे भी पढ़ नहीं पाईं, लेकिन उन्होंने अपनी बेटी को इस लायक बना दिया कि उनकी बेटी दूसरी करेंसी समझती है, दूसरे देश अकेले जाती है, पेपर प्रस्तुत करती है, अपना काम दुनिया को दिखाती है, दूसरे देशों में भी आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई करती है और आत्मसम्मान के साथ सर उठा कर जीती है।
एक ग़रीब किसान परिवार, जिसके दादा-परदादा ने खेती की, पिता ने टेम्पो चलाया, और माँ भी पढ़ी-लिखी नहीं थीं; जिसके पूरे खानदान में दूर-दूर तक अपने राज्य से दूसरे राज्य जाना भी लगभग असंभव-सा रहा हो, उस परिवार के लिए उस परिवार की बेटी का दूसरे देश जाकर पढ़ना एक सुनहरे सपने जैसा ही है।
सावित्रीबाई और महात्मा फुले का आभार, जिन्होंने हम महिलाओं के लिए स्कूल खोले; वरना जड़ सामाजिक व्यवस्था शायद हमें घर के किचन से बाहर भी न निकलने देती। बाबा साहेब का आभार, जिन्होंने संविधान के माध्यम से समानता के अवसर सुनिश्चित किए। कर्पूरी जी, जगदेव बाबू, लालू जी,बी. पी. मंडल, वी. पी. सिंह और अर्जुन सिंह, राम मनोहर लोहिया सभी का आभार, जिन्होंने पिछड़ों के लिए विश्वविद्यालयों के रास्ते खोले। हर महानायक और महानायिका को मेरा प्रणाम, क्योंकि यदि वे न होते, तो शायद हर साल नई भाषा सीखना, नई संस्कृति को समझना , अलग अलग कोर्स करना या अपने शोध-कार्य को अकादमिक दुनिया के सामने प्रस्तुत करना संभव न हो पाता।
शिक्षा सिर्फ़ आपके लिए हज़ारों रास्ते नहीं खोलती, वह आपके और आपके पूरे समाज के लिए लाखों अवसर भी तैयार करती है। शिक्षा भेदभाव नहीं करती, इसलिए शिक्षित होना हर वंचित की पहली ज़िम्मेदारी है, क्योंकि यही शिक्षा से आप साबित करते हैं कि “मेरिट” खोखला है। समान अवसर सभी को मिले, तो हर इंसान बेहतर कर सकता है, बेहतर बन सकता है और दुनिया को कुछ बेहतर दे सकता है। शिक्षा आपके भीतर conscience का निर्माण करती है और obedience को ख़त्म करती है। इसलिए शिक्षा हमेशा से वर्चस्ववादी ताकतों के लिए ख़तरा रही है। शिक्षा के हथियार से ख़ुद को लैस करिए, हर प्रकार का वर्चस्व अपने आप धराशायी हो जाएगा।
बाबा साहेब के शब्दों में “शिक्षित बनें, संगठित रहें, संघर्ष करें।”
तस्वीर लिथुआनिया के राष्ट्रपति ऑफ़िस की है।
कल जनपद मऊ में भारतीय सेना के जाबाज़ महावीर चक्र विजेता अमर शहीद ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान साहब के 78 वें शहादत दिवस कार्यक्रम में सम्मिलित होकर नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित किया ।
जनपद सुल्तानपुर की लंभुआ विधानसभा में श्री राममगन पाल जी की धर्मपत्नी के आकस्मिक निधन पर उनके आवास पहुँचकर शोक संवेदना व्यक्त की एवं शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति।
जब हम 'राम मंदिर' में दर्शन के लिए जाते हैं तो हमारी लंगोटी तक चेक की जाती है
लेकिन चापलूस बैग में पैसे भरकर लेकर आते हैं तो उनकी चेकिंग तक नहीं हुई : अयोध्या के संत ने कहा
एडेड जूनियर हाईस्कूल भर्ती: PDA के 547 पदों पर डाका!
योगी सरकार में सामाजिक न्याय के साथ खिलवाड़ का एक और गंभीर मामला सामने है। एडेड जूनियर हाईस्कूल भर्ती में हेडमास्टर के 253 पदों में PDA के लिए एक भी पद आरक्षित नहीं किया गया, जबकि 127 पदों की हिस्सेदारी बनती थी।
वहीं सहायक अध्यापकों के 1262 पदों में PDA की हिस्सेदारी 631 पदों की बनती थी, लेकिन आरक्षित किए गए सिर्फ़ 211 पद। यानी दोनों श्रेणियों को मिलाकर PDA के 547 पदों की हिस्सेदारी कम कर दी गई।
भाजपा सरकार बताए - दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों का हक़ छीनकर किसे दिया जा रहा है? सामाजिक न्याय भाषणों और नारों से नहीं, हिस्सेदारी और प्रतिनिधित्व से तय होता है।