*रोंगटे खड़े कर देनेवाला हादसा*
बहराइच। जिले से रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां मगरमच्छ ने 12 साल के बच्चे को जिंदा खा लिया।बौंडी थाना क्षेत्र में धान की रोपाई के बाद बच्चा नदी में हाथ-पैर धोने गया था। इसी दौरान मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया।
अप्पा यानी गिरिजा देवी जी के साथ हारमोनियम पर पंडित धर्मनाथ मिश्र हैं,तबले पर पंडित कुमार बोस हैं। तानपुरे पर सुनंदा शर्मा जी हैं।अप्पा ‘बाबुल मोरा नैहर छूटो ही जाए’ गा रही हैं।अपना पसंदीदा।इसके बाद कुछ भी कहने की जरूरत नहीं है,बस सुनिए
#Raaggiri@YRDeshmukh@hvgoenka@sumrag
समंदर में स्टंट करना एक शख्स को भारी पड़ गया।
तेज लहरों के बीच स्टंट करते समय वह समुद्र की लहरों में बुरी तरह फंस गया और काफी मशक्कत के बाद अपनी जान बचा पाया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यह हादसा इस बात की चेतावनी है कि रोमांच के लिए की गई लापरवाही कभी भी जानलेवा साबित हो सकती है।
प्रोफेसर जीडी अग्रवाल!
IIT रुड़की से सिविल इंजीनियरिंग, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से पर्यावरण में Ph.D. और आईआईटी कानपुर के HOD रहे!
चाहते तो विदेश में ऐश की जिंदगी जी सकते थे लेकिन उन्होंने इस देश के कृतघ्न लोगों के लिए लड़ना चुना।
न जाने क्यों उनका दिमाग फिरा कि इस देश को बचा लें तो वह गंगा को बचाने के लिए अनशन पर बैठ गए।
लेकिन हमें गंगा थोड़े ही बचानी थी, हमें तो गंगा के नाम पर चल रहे धंधे को बचाना था! नतीजा? 111 दिन के अनशन के बाद उन्होंने अपने प्राण त्याग दिए।
इस महान विचारक की शहादत इस देश के दलाल मीडिया, उन्मादी लोगों और खोखले राष्ट्रवाद के शोर में बस एक छोटी सी खबर बनकर दब गई।
मुख्यधारा का मीडिया धार्मिक ध्रुवीकरण और राजनीतिक नूराकुश्ती बेचने में व्यस्त रहा और इस व्यवस्था ने उन्हें चुपचाप निगल लिया।
हम सब मरेंगे क्योंकि हमने कभी सही लोगों को नहीं पहचाना। हम बस दलालों को सिर आंखों पर बिठाते रहे और देश को बचाने निकला एक सच्चा इंसान घुट-घुट कर चला गया।
@Mahendr10266974@_vatsalasingh भैया कोई शिक्षक ऐसा नही करता, क्योंकि सभी उस माता पिता अभिभावक को जानते पहचानते हैं। और कलर पेन्सिल 10 रुपये पैकेट से आनी शुरू हो जाती है।
कभी देश के स्टार्स में शुमार थें,
ये भारतीय हॉकी के खिलाड़ी रहे टेकचंद हैं। 9 दिसंबर 1940 को जन्मे टेक चंद यादव ने भारत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया था
साल 1961 में जिस भारतीय टीम ने हालैंड को हराकर हॉकी मैच में इतिहास रचा था, टेकचंद उस टीम के अहम खिलाड़ी थे।
आज इनकी स्थिति बेहद दयनीय रही हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के शिष्य और मोहरसिंह जैसे खिलाडियों के गुरू आज एक टूटी-फूटी झोपड़ी में रहने को अभिशप्त थे
जनप्रतिनिधि से लेकर सरकार तक जिन्हें इनकी कद्र करनी चाहिए, थी कहीं दूर-दूर तक नजर नही आए। हॉकी देश का राष्ट्रीय खेल भी है। शायद इसीलिए सरकार 600 रूपये प्रतिमाह पेंशन देकर इनके ऊपर अहसान करती रही
मध्यप्रदेश के सागर में रहने वाले टेकचंद के पत्नी व बच्चे नहीं हैं। भोजन के लिए अपने भाइयों के परिवार पर आश्रित इस अभागे को कभी-कभी भूखे भी सोना पड़ा
। ये उसी देश में रहते हैं, जहां एक बार विधायक- सांसद बन जाने के बाद कई पुश्तों के लिए खजाना और जीवन भर के लिए पेंशन-भत्ता खैरात में मिलता है।
उनका 5 फरवरी 2025 को 85 वर्ष की आयु में मध्य प्रदेश के सागर जिले में निधन हो गया।
अपने करियर के बाद के वर्षों में, उन्हें काफी गरीबी और गुमनामी का सामना करना पड़ा और वे सागर में एक कच्ची झोपड़ी में रहने को मजबूर हो गए थे। उनके निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को चिकित्सा शिक्षा के लिए दान कर दिया गया था....Read News
खिलौनों की तरह बह गईं कारें
चीन के पूर्वी इलाके में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जहां कई कारें खिलौनों की तरह पानी के तेज बहाव में बह गईं।
वहीं टाइफून Bavi के उत्तर की ओर बढ़ने की आशंका है, जिससे सोमवार और मंगलवार तक इलाके में लगातार भारी बारिश जारी रह सकती है।
मध्य प्रदेश के रीवा में एक होटल में पत्नी ने पति को उसकी गर्लफ्रेंड के साथ रंगे हाथ पकड़ लिया.....
प्रेमिका बोली -आप कौन हैं
पत्नी बोली - मैं इसकी पत्नी
प्रेमिका - साला शादी तो ये मुझसे किया है
पति - ये (प्रेमिका) मुझसे जबर्दस्ती मिलने आई है
सब गोलमाल है मामला😅😅
रूठकर ट्रेन पकड़ने जा रहे प्यार के पैरों में गिरा प्रेमी, दृश्य देखकर मौके पर पहुंची पुलिस
यह वीडियो महाराष्ट्र मुम्बई के बोरीवली रेलवे स्टेशन का बताया जा रहा है जो सोशल मीडिया में वायरल है।
नोट- लड़का लड़की के जाने के गम में दारू पिए है नशेड़ी नहीं
😀
जन्म देते ही जुड़वाँ बेटियों को माँ ने ठुकरा दिया तो उसका इलाज करने वाली अविवाहित महिला डॉक्टर डॉ. कोमल यादव ने उन्हें अपना लिया।
अस्पताल प्रबंधन ने समझाया लेकिन उसने एक नहीं सुनी।
सभी औपचारिकताएं पूरी कर सोमवार को वह दोनों बेटियों को लेकर अपने गाँव पहुँची तो पूरे गाँव ने उसे हाथोंहाथ लिया।
बेटी बचाने की यह मिसाल पेश की है गुलावठी के गाँव ईसेपुर निवासी सीताराम यादव की 29 वर्षीय अविवाहित बेटी डॉ. कोमल ने...
डॉ. कोमल यादव वर्तमान में फर्रुखाबाद के एक निजी अस्पताल में तैनात हैं। डॉक्टर कोमल के मुताबिक उनकी ड्यूटी के दौरान 10 दिन पहले एक महिला ने अस्पताल में जुड़वाँ बेटियों को जन्म दिया था।
उनका कहना है कि वो शादी भी उसी से करेंगी जो इन दोनों बच्चियों को अपनाएगा....Read News