अनुसूचित क्षेत्र के लिए राजस्थान की सभी सरकारी भर्तियों में नाम मात्र के पद ही आवंटित होते हैं हम युवाओं की मांग है कि राजस्थान की कुल जनसंख्या के 12% से 13% पद अनुसूचित क्षेत्र के लिए आरक्षित हों ताकि युवाओं का सरकारी भर्तियों में चयन हो सकें.!
#जनसंख्या_के_अनुपात_आरक्षण_दो
आग लगी है हर कोने में,
हर सागर में तूफ़ान उठा ... कोई कोना बचा ही नहीं अब ....…
सोचकर डर लगता है कि कितने फर्जी लोग अब तक आराम से नौकरी पा चुके होंगे,और चैन की ज़िंदगी जी रहे होंगे।वहीं एक ईमानदार आज भी
अपनी मेहनत को ही दोष दे रहा होगा,
भगवान को दोष दे रहा होगा,किस्मत को कोस रहा होगा।लेकिन सच्चाई यह है कि
ये लोग हत्यारे हैं —ईमानदारी के,मेहनत के,
और सपनों के।और फिर भी…शायद कुछ नहीं होगा,या क्या ही होगा?यही सवाल सबसे ज़्यादा जलाता है।.....
डॉ धीर सिंह धाभाई
#OMRघोटाला
#rammb
#SOG
आदरणीय कम से कम पेपर में पैटर्न, पाठ्यक्रम और ब्लू प्रिंट का थोड़ा बहुत तो समावेश करो आज sst का पेपर देखा जो साइकोलॉजी और परिदृश्य में एक ही बिंदु से कई प्रश्न बाकी टॉपिक को छुआ ही नहीं कुछ प्रश्न एकदम से पाठ्यक्रम से बाहर कम से कम पेपर सेट करने वाले को यह तो बोलो कि पाठ्यक्रम क्यों जारी किया है फ़िर .... पढ़ने वाले बच्चे के साथ यह मज़ाक सा लगता है
“100 मीटर नहीं, 100 पीढ़ियों का सवाल है अरावली।”
आज प्रकृति हारी तो कल इंसान हारेगा।
अरावली कोई आँकड़ा नहीं, यह पानी, हवा और जीवन की ढाल है।
#SaveAravali#SaveAravaliHills#अरावली_बचाओ
अरावली नहीं बची तो आप भी नहीं बचेंगे!
अरावली सिर्फ पहाड़ नहीं, हमारा जल, जंगल, जमीन और भविष्य है। अवैध खनन और नीतिगत लापरवाही से इसे खत्म किया जा रहा है। आज नहीं जागे तो कल बहुत देर हो जाएगी।
अरावली बचाओ, जीवन बचाओ।
#SaveAravalli
आदरणीय @loksabhaspeaker साहेब,
डूंगरपुर-बांसवाड़ा सांसद राजकुमार रोत को एक फेसबुक यूजर (Chandraveer Singh) ने खुलेआम जान से मारने की धमकी दी है। ये कोई सामान्य बात नहीं है ये सिर्फ़ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज की अस्मिता और लोकतंत्र की आवाज़ पर हमला है!
सांसद राजकुमार रोत जी आदिवासियों, अल्पसंख्यकों, दलितों, किसानों और कमजोर वर्गों की आवाज़ बनकर उभरे हैं ऐसे में कुछ नफरती मानसिकता वाले तत्व सोशल मीडिया से धमकी देकर डराने की कोशिश कर रहे हैं।
लोकसभा अध्यक्ष होने के नाते आप सांसद साहेब को सुरक्षा मुहैया कराए और उचित कार्यवाही करें।
@RajPoliceHelp प्रशासन और पुलिस से भी अनुरोध है कि
1. इस फेसबुक यूजर की पहचान कर तुरंत गिरफ्तारी करें।
2.आईटी एक्ट और आपराधिक धमकी की धाराओं में FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू करें।
3. सांसद और उनके परिवार की सुरक्षा बढ़ाई जाए और ऐसे नफरती यूजर्स पर स्थायी प्रतिबंध लगाया जाए।
जोहार, जय आदिवासी
कक्षा 4वीं के अंग्रेजी की पुस्तक में पेज संख्या 88 से 96 तक मानगढ़ नरसंहार के बारे में जो पाठ था, उस पाठ को वर्तमान राज्य सरकार ने हटाकर पूरे आदिवासी समुदाय के साथ बहुत बड़ा कुठाराघात किया है।
जब से वर्तमान सरकार बनी, तब से आदिवासी समाज के इतिहास को मिटाने का काम कर रही है।
“टूटते स्कूल, बिखरते सपने और बिलखते लोग।”
झालावाड़ के मनोहर थाना क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से मैं पूछना चाहता हूँ कि इस आधुनिक दौर में भी आज लोगो के आशियानें इतने बदतर, कि टूटी झोपड़िया,कच्ची दीवारे, तिरपाल की छते, घरों में लाइट नहीं और पशुओं के साथ इंसान सो रहा है।
क्या उन्हें हिंदुस्तान में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो रही है? या ग़रीब पिछड़ा वर्ग इसका हक़दार नहीं है?
मुझे तो यह स्थिति देख के लग रहा है कि आजादी पहले भी ऐसा मंजर तो नहीं होगा, जहाँ हर कोने में लाचारी और ग़रीबी के दर्द की चीखे गूंज रही हैं।
@narendramodi@PMOIndia@BhajanlalBjp@RajCMO@madandilawar@DmJhalawar@PoliceRajasthan
#justice #students #jhalawar #govtschool
#NirmalChoudhary
RBSE-CBSE की किताबों पर विश्वास नहीं है, बाहर की प्राइवेट किताबों पर विश्वास है।
...तो क्या बोर्ड की किताबों में गलत पढ़ाया जा रहा है।"
(कर्मचारी चयन बोर्ड को एक मामले में हाईकोर्ट से जमकर पड़ी फटकार)
जैसलमेर में स्कूल का गेट गिरने से एक मासूम छात्र की मृत्यु बेहद दुखद है। झालावाड़ दुखांतिका के बाद इस प्रकार से एक बार फिर एक छात्र की मृत्यु होना प्रदेश सरकार के लिए चिंता का विषय होना चाहिए।
अभी बारिश का मौसम चल रहा है। मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी से मेरा आग्रह है कि शीघ्रता से कदम उठाएं ताकि किसी और मासूम की जान न जाए।
शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।
कर्मचारी चयन बोर्ड एक्सपर्ट कमेटी के नाम पर खेल!
हाईकोर्ट बोर्ड के वकील को खरी खोटी सुना रहा है लेकिन बोर्ड वाले इतने निकम्मे हैं कि पूछो ही मत।
CBSE,RBSE की किताबें क्यों नहीं मानते, प्राइवेट लेखक, publication की क्यों मानते हैं आपके एक्सपर्ट
@alokrajRSSB@BadhalDr जवाब दो
सभी स्कूलों की मरम्मत संभव नहीं पर किसी मंत्री के आने से पहले रातों रात सड़क चमकाना संभव है,,,, वाह मंत्री जी वाह😡
और जब मुमकिन नहीं है तो इस्तीफा दे दो किसी और को आने दो। जरूरी है क्या की आप ही रहे। हमारा देश का बेसिक education सिस्टम सड़ चुका है 😥
"सभी स्कूल भवनों की मरम्मत संभव नहीं है, मैं अपनी जेब से पैसा नहीं दे सकता"...
झालावाड़ में 7 मासूमों की मौत के बाद भी शिक्षा मंत्री का यह बयान ना सिर्फ शर्मनाक, बल्कि संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
शिक्षा मंत्री के इस गैर-जिम्मेदाराना बयान से स्पष्ट है कि ना तो वो इस हादसे से सबक लेना चाहते हैं, और ना ही सरकार खोखले सिस्टम में सुधार लाना चाहती है। शिक्षा मंत्री का यह बयान झालावाड़ जैसे दर्दनाक हादसों को सीधा-सीधा आमंत्रण हैं।
जब सत्ता में बैठे मंत्रियों और बड़े बाबुओं के बंगलों में सुधार के नाम पर करोड़ों रुपए लगाए जा सकते हैं, तो फिर स्कूलों की मरम्मत असंभव कैसे हो सकती है?
क्या मासूमों की जान इतनी सस्ती है कि सरकार के पास स्कूल भवनों की मरम्मत का भी बजट नहीं है?
क्या नैतिक जिम्मेदारी और जांच के जुमले देकर मां की गोद उजाड़ने वाले जिम्मेदार बच जाएंगे?
शिक्षा मंत्री जी.. अगर वाकई नैतिक जिम्मेदारी लेते तो अब तक इस्तीफा दे चुके होते, ना कि माला पहनकर शर्मनाक बयानबाज़ी करते।
#शिक्षा_मंत्री_इस्तीफा_दो