भारत को स्वाधीनता भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु जैसे क्रांतिकारियों के बलिदान की क़ीमत पर प्राप्त हुई। बलिदान दिवस पर इन्हें सादर नमन…
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शिवराम हरि राजगुरु (1908-1931) की पढाई भोंसलें वेदशाला में हुई थी। यहाँ उनकी मुलाकात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार से 1925 में हुई। इसके बाद राजगुरु का नागपुर स्थित मोहिते बाड़ा शाखा में कई बार आना हुआ। #BalidanDiwas#vskmalwa
क्रांतिकारी शचीन्द्रनाथ सान्याल, रामप्रसाद बिस्मिल और योगेशचंद्र चटर्जी ने 1923 में हिंदुस्तान रिपब्लिक एसोसिएशन की बुनियाद रखी। भगत सिंह भी इस दल के साथ जुड़ गए और उनका नाम ‘बलवंत’ रखा गया। @Indarsingh192#BalidanDiwas#vskmalwa
राजगुरु लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के विचारों से बहुत प्रभावित थे। इनकी शिक्षा वाराणसी में हुई और यहीं से इनका सम्पर्क स्वाधीनता आंदोलन के क्रांतिकारियों से हुआ। #BalidanDiwas#vskmalwa
भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को भारत के स्वाधीनता संग्राम के उन क्रांतिकारियों और बलिदानियों में गिना जाता है, जिन्होंने अल्पायु में ही देश के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया । #BalidanDiwas#vskmalwa
भगत सिंह अपने परिवार से अंतिम बार 3 मार्च 1931 को मिले। उनके कानूनी सलाहकार प्राणनाथ मेहता ने उन्हें समझाया कि वे गवर्नर जनरल से माफी मांग लें तो वे बच सक���े हैं। ऐसा करने से तीनों ने मना कर दिया।
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लायलपुर के सनातन धर्म हाईस्कूल से मैट्रिक पास कर सुखदेव ने लाहौर के नेशनल कॉलेज में प्रवेश लिया। यहीं पर सुखदेव की भेंट भगत सिंह से हुई।
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#अयोध्या में श्रीराम मंदिर के मुख्य शिखर पर श्री सीतारामजी की अद्भुत छवि, लेजर शो से भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह का प्रसंग दिखाया गया।
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पवित्र युगारंभ हुआ ,राम मंदिर की ऊँचाई पर पहुँचा ध्वज सनातन परंपरा का अमर दीप 🪔है आइए इस क्षण के साक्षी बनें
क्या नाम है अपना विश्व में सभी को बताएं हम प्राचीन सभ्यता को बचाए हैं ,सनातनी जीवित हैं
#DharmDhwaja मेंभाग लें सनातन एकता का परिचय दें🙏
#धर्म_ध्वजा🚩