सैकड़ों लोग इस रास्ते से गुज़रे होंगे, लेकिन किसी ने ये नहीं सोचा होगा कि बस एक मिनट नीचे उतरकर इस बड़े जलभराव को साफ किया जा सकता है।
इस बंदे ने कोई बड़ा तीर नहीं चलाया। न कोई युद्ध लड़ा, न अनशन किया और न कोई आंदोलन करना पड़ा।
बस सड़क से 5-6 फुट नीचे उतरा, कुछ कदम आगे गया और रास्ता रोककर पड़ा एक बाँस उठाकर फेंक दिया।
बस इतनी सी कोशिश… और जो पानी लंबे समय से सड़ रहा था, वो बह गया। अब उसी जगह साफ पानी बहने लगेगा।
बदलाव के लिए हमेशा बड़ी मुहिम की जरूरत नहीं होती। कई बार बस एक इंसान को आगे बढ़कर पहला कदम उठाना पड़ता है।