राजस्थान की प्रक्रियाधीन भर्तियों, विशेषकर चतुर्थ श्रेणी भर्ती के हजारों अभ्यर्थियों की मांग जायज़ है। जब चयनित अभ्यर्थी पद ग्रहण नहीं करते तो रिक्त पदों पर 1 Year Waiting Rule लागू न होने से योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होता है।
सरकार से मांग है कि सभी प्रक्रियाधीन भर्तियों में यह नियम शीघ्र लागू किया जाए ताकि योग्य युवाओं को न्याय मिल सके।
@1stIndiaNews@rpbreakingnews
लड़की – तुम यह जनेऊ क्यों पहनते हो?
बाभन – हम जन्म से श्रेष्ठ है इसलिए पहनते हैं,
लड़की - क्या तुमने इलेक्ट्रिक बोर्ड, एयरोप्लेन, कंप्यूटर, मोटरसाइकिल, बाइसाइकिल का अविष्कार किया है ?
बाभन लड़का – No
लड़की – तो सर्वश्रेष्ठ कैसे हुए ?
लड़का – 😂😂
सुनो आरक्षण विरोधियो
रिजर्वेशन हटा देंगे। भारतीय जनता पार्टी कभी रिजर्वेशन को हटाने वाली नहीं है।
इतना ही नहीं, आप हटाना चाहोगे, तो आपको भारतीय जनता पार्टी हटाने भी नहीं देगी!
यह कमिटमेंट भारतीय जनता पार्टी का है।"
-40 नंबर होने पर भी बच्चों को एडमिशन क्यों दिया गया??
-40 नंबर पर किस कैटेगरी के बच्चों ने एडमिशन लिया?
SC/ST से ज्यादा -40 पर जनरल बच्चों ने एडमिशन लिया कैसे.... आइए जानते हैं।
पूर्व IPS अधिकारी, राजस्थान के पूर्व DGP और वर्तमान कांग्रेस सांसद श्री हरीश चंद्र मीणा जी ने संसद में जिस निडरता और तथ्यों के साथ सरकार से जवाबदेही की मांग की, वह लोकतंत्र की असली भावना का उदाहरण है.
बीच-बीच में लगातार व्यवधान डालने की कोशिशों के बावजूद उन्होंने अपनी बात पूरी दृढ़ता से रखी. सत्ता से सवाल पूछना विपक्ष का कर्तव्य है, और उसे निर्भीक होकर निभाना ही एक जनप्रतिनिधि की पहचान है. #AccountabilityMatters #MonsoonSession
इनका नाम उदित गुप्ता है इन भाई साहब ने बड़े अच्छे से समझाया है कि "आरक्षण" क्यों खत्म नहीं होना चाहिए।
और इसका सॉल्यूशन क्या है।
इनकी ये वीडियो पूरी देखी जानी चाहिए और इनके तर्क सुने जाने चाहिए।
आरक्षण विरोधियों किया चनौती देते हुए नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद कहते है
आरक्षण क्या जाति के आधार पर ही मिलता है? आरक्षण क्षेत्र के आधार पर भी मिलता है। आप जाकर देखो जम्मू-कश्मीर में, आरक्षण क्षेत्र के आधार पर मिलता है। आप जाकर देखो हिमाचल में, आरक्षण क्षेत्र के आधार पर मिलता है। आप जाकर देखो उत्तराखंड में, आरक्षण क्षेत्र के आधार पर मिलता है। कौन कहता है जाति के आधार पर मिलता है?
आरक्षण उनको मिलता है जो पीछे रह गए हैं, जिनका प्रतिनिधित्व कम है। और इस देश का... मैं गारंटी से कहता हूँ, कास्ट सेंसेस करा के आप लोग डेटा उठा के लाइए, आइए डिबेट कीजिए और बताइए आपकी संख्या कम है, मैं गारंटी देता हूँ।
मैं चंद्रशेखर आजाद, जो लोकसभा का सदस्य है, और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ता में वचन देकर कहता हूँ—अगर किसी भी विभाग में आपका आरक्षण कम हुआ, चाहे वो विधानसभा हो, या लोकसभा हो, या कोई भी विभाग हो, अगर आपका आरक्षण आपका प्रतिनिधित्व कम हुआ, मैं वचन देकर कहता हूँ कि दलित-पिछड़ों की लड़ाई को पीछे छोड़ के पहले आपकी लड़ाई लड़ने का काम करेंगे, इस बात का मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ।
मैं संविधान को मानने वाला व्यक्ति हूँ, न्यायप्रिय व्यक्ति हूँ, इसलिए आपसे कह रहा हूँ... सच बोलना पड़ेगा।
इस देश में अगर आरक्षण आया सबसे पहले, तो 1902 में आया, जिसे छत्रपति शाहूजी महाराज ने लागू किया। किसी और ने लागू नहीं किया। कुर्मी वंश के छत्रपति शाहूजी महाराज ने लागू किया। उससे पहले तमाम न्यायप्रिय लोगों के पास था अवसर, उन्होंने लागू नहीं किया।
इस देश में अगर वोटिंग राइट मिला, इस देश के बहुसंख्यक लोगों को, बालिग लोगों को, वयस्क मताधिकार मिला, सार्वभौमिक मताधिकार मिला, इसका श्रेय अगर किसी को जाता है, तो वो बाबा साहब अंबेडकर को जाता है। आपको इतिहास पढ़ना चाहिए। 1919 से पहले इस देश में बहुत कम परसेंट लोग वोट करते थे। मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार समिति बनी, और सुधार समिति ने नए पैमाने तय किए कि वोट देने का अधिकार उनको मिले जो जमींदार हैं, जो भूमि जिनके पास बड़ी संख्या में है, जो लगान देते हैं, जो टैक्स देते हैं, जो बहुत पढ़े-लिखे हैं, जो पूँजीपति हैं, जिन पर व्यापार है...
आप इतिहास उठाकर देखो, जिनको न आँख थी, या जिनको अपने अधिकारों का पता ही संविधान के आने के बाद लगा है, उनकी संख्या कितनी रही होगी—आप इस बात को महसूस करके देख लीजिए।
तो इसलिए मैं कह रहा हूँ कि कुछ भी माँगने से नहीं मिला है भारत..."
@BhimArmyChief
जब तक जातिवाद रहेगा तब तक आरक्षण रहेगा
कोई माई का लाल है! खत्म करके दिखाए
बीजेपी वालो तुम लोग डबल खेल रहे हैं! यह खेल खेलना बंद कर दो!
उत्तर प्रदेश के चुनाव मै करारा जवाब मिलेगा
और UGC बिल कब ला रहे हो