जब तुम लोगो के बाप दादा घोड़ों के पैरों की आवाज सुनकर खेत की मेड़ के पीछे छुप जाया करते थे तब हमारे बाप दादा इसी जमीन को बचाने के लिए उनसे छाती तान कर भीड़ जाया करते थे
हमें जमीन बचाई, तुम्हें रोजगार मिल जाए इसलिए जमीने तुम्हें जोतने के लिए बताई
तब उसमें से हिस्सा लिया
नफरत शॉप
1953 में 3600 बीघा जमीन दी🤔
जमीन गोचर ओरण की उसकी रखवाली बिशनोई समाज के बंधु करते आए हैं फिर आपने क्या दिया??? ओर उसके बाद तो लेंड सीलिंग एक्ट भी आया था तो तुम्हारा ओर मेरा क्या??? ओर जो तुम लोग हर वर्ग के लोगों को बोलते हो ना कि जमीन हमने दी तो भाई कहा से लाए थे तुम जमीन??? जमीन इस देश की, लोग इस देश के, सदियों से जमीन जोतकर आपको घर बैठे बिठाए मजदूरी करके करके खिलाते थे उनका शुक्रिया अदा करने की बजाय रोज ताना मरते हो कि जमीन हमने दी।
बाकी जितना ज्यादा बोलोगे उतना ज्यादा उधडोगे!
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कल हीं राजस्थान में लंबित भर्तियों में रिज़ल्ट जारी करने और ज्वाईनिंग में देरी को लेकर मुख्यसचिव को बैठक बुलाने के लिए कहा है। 4 जून तो सचिवालय में समीक्षा बैठक मुख्य सचिव लेंगे। इसमें 4th ग्रेड, VDO समेत सभी लंबित भर्तियों पर चर्चा होगी।
@8PMnoCM अरे 2 कौड़ी की गोदी पत्रकार उसी यूट्यूब से पढ़कर मेरे घर में पिछले 2 साल में 3 सरकारी नौकरी लगी है।
यूट्यूब पर आने वालों में तू ही एक ईमानदार है बाकी सब बेईमान है 🤣
पिताजी कभी नहीं कहते — “मेरे पास पैसे नहीं हैं” और माँ कभी नहीं कहती — “मेरी तबीयत खराब है…”
इन्हीं दो झूठों की वजह से हमारी दुनिया इतनी खूबसूरत बनी रहती है। ❤️
At the age of 15, he has earned immense respect , love & emotional connection from entire India. ♥️
@LSinghShekhawat Business man nahi h beta vo.... Unke btaye upay krke dekho ek sal me fayda na mile to kahna..... Shiv ji ka sakshat aashirvad hai in par....
इस समय अगर किसी नेता या करणी सेना / क्षत्रिय महासभा को सच मे क्षत्रियो का हित करना है तो वो देश दुनिया का बेफुजुल मुद्दों को छोड़कर सिर्फ 3 मांगो पर पुरे भारत मे आंदोलन करना,धरना देना शुरू करना चाहिए, अगर ये तीन चीज लागू हो जाए तो क्षत्रिय समाज फिर से अपना पुराना गौरव इस लोकतंत्र मे भी पा सकता है
1- EWS सरलीकरण व उम्र फीस मे छूट ( राजस्थान गुजरात की तर्ज पर )
2- EWS को पंचायती राज मे लागू करना
3- EWS को संवैधानिक आयोग बनाना
आज यूपी मे पंचायती राज चुनाव मे सबसे अहीर सबसे मजबूत है क्यूंकि जहाँ OBC सीट आरक्षित होता है वहा कोई इनका टक़्कर नहीँ ले पाता, सेम यही हाल राजस्थान मे जाट का है, OBC सीट होने पर कोई इनका टक़्कर नहीँ ले पाता |
अब सोचिये अगर पंचायती राज चुनावों मे EWS आरक्षण लागू हो गया तो यूपी बिहार मप्र राजस्थान हिमाचल उत्तराखंड गुजरात मे क्या प्रभाव पड़ेगा? बनिया कायस्थ जैसी जातियाँ पूर्ण रूपेण शहरी जाति हो चुकी है और ब्राह्मण जाति भी शहरी जाति बनने के कगार पर है, अगर ये 10% EWS आरक्षण लागू हो जाए तो इसका 80% फायदा यानी 8% हिस्सेदारी क्षत्रिय समाज का होगा |
अभी 7-8 साल पहले बिहार मे पुलिस कांस्टेबल की भर्ती हुई थी जिसमे 9000 के करीब पोस्ट था जिसमे अगर मै गलत नहीँ हु तो सिर्फ 97 पोस्ट पर क्षत्रिय समाज का चयन हुआ था जिसमे भी 64 पोस्ट पर लड़कियां का चयन हुआ था, बिहार मे क्षत्रिय समाज जहाँ केंद्र की नौकरियों मे तो अच्छी संख्या मे था लेकिन राज्य सरकार की नौकरियों मे पिछले 20 साल से एकदम गायब हो रहा था उनके लिए EWS संजीवनी बूटी का काम किया है |
राजस्थान मे क्षत्रिय समाज तो नौकरियों मे 25 साल से छोटी छोटी आबादी वाली जातियों से भी चयन मे पीछे था और था भी तो कांस्टेबल जैसी पोस्टो पर थे लेकिन EWS आरक्षण आने से वहां अब बड़ी पोस्टो पर भी चयन होने लगा है, हां आबादी अनुरूप भले नहीँ हो रहा लेकिन जहाँ पहले बड़ी पोस्टो पर 1% भी चयन नहीँ होता था आज 6-7% तक हो रहे और ये समय के साथ जल्द 12-15% तक पहुंचेगा क्यूंकि जिसके घर मे ग्रुप C की नौकरी आती है उसी के घर मे अगली पीढ़ी मे ग्रुप A - B की नौकरी आती है, वैसे भी भारत मे एक दूसरे को देखकर प्रेरणा लेने की आदत है " देखि देखा पुण्य देखी देखा पाप "
अब लड़ाई है EWS सरलीकरण की, EWS मे सिर्फ 8 लाख की इनकम ही आधार हो और जमीन मकान की शर्त का हटना बहुत जरूरी है क्यूंकि अब गांव मे ऐसा कौन सा क्षत्रिय होगा जिसका 1 बिस्वा मे घर न हो? 5 एकड़ की लिमिट भी हटना चाहिए
आखिर शहर मे रहने वाला जिसका आधा बिस्वा मे घर दुकान हो उसकी इनकम तो 5 एकड़ वाले किसान से तो हमेशा ज्यादा रहेगा, ये नियम तो ऐसा लगता है जैसे जानबूझकर लगाया गया है जिससे क्षत्रिय समाज लाभ लेने से वंचित रह जाए, बहुत महीन खेल किया गया है सरकार द्वारा
वो धन्य भाग्य राजस्थान मे अशोकन गहलोत और गुजरात मे बीजेपी ने राज्य सरकार की नौकरियों मे जमीन की लिमिट हटा दिया है, सीधा 8 लाख इनकम ही आधार है और उन्हें ओबीसी की तरह उम्र मे भी छूट है
तो जितने भी संगठन वाले है उनसे यही कहना है की अगर आप लोग सच मे समाज का भला करना चाहते हो पार्टियों की दलाली नहीँ करना चाहते तो यही 3 मुद्दों पर पुरे भारत मे आंदोलन करो, आवाज उठाओ, धरने दो
Note - राजस्थान मे समाज चाहे जिसको फर्जी मे काकोसा बाबोसा जिजोसा मामोसा का टैग दे दे या राजाओं को सुबह शाम अगरबत्ती दिखाए लेकिन जो काम क्षत्रिय समाज के लिए धर्मेंद्र राठौड़ ने कर दिया कोई उनके आस पास नहीँ है, समाज को अचानक से मुख्य धारा मे ले आये राठौड़ साहब, जितनी भी तारीफ की जाए उतना कम है | हां इसके लिए गहलोत साहब की भी जितनी तारीफ या एहसान माना जाए उतना कम है।
✍️ Satendra Gaharwar
@sushilakajla2 मेरा और मेरे भाई का under 2000 चयन हुआ है साथ ही मेरे गांव में 2 और लड़कों का चयन हुआ है अब तुम्हारे गांव में नहीं हुआ तो उसमें बोर्ड अध्यक्ष का क्या दोष।
तुम्हारे गांव में हो सकता है ढपोल चंद ज्यादा हो और इंटेलीजेंट ने या तो पेपर ना दिया हो और दिया हो तो अच्छी तैयारी नहीं की हो।
@alokrajRSSB चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती को पूरी पारदर्शिता से करवाने के लिए मेजर साहब आपका बहुत बहुत आभार। मेरा भी अंडर 2000 रैंक के साथ चयन हुआ है ।
जो लोग फर्जीवाड़े की बात कर रहे है सच पूछो तो उनके नम्बर 5× में भी नहीं आ रहा होगा, उन्हें 60 प्रश्न पर नौकरी चाहिए थी जो असंभव है ।