@minprdd@DrMohanYadav51@prahladspatel@RadhaSinghBJP Vb g ram g मे कार्यरत रोजगार सहायको का क्या... Grs को वार्षिक वेतन बृद्धि, pf, अनुकंपा, अनुग्रह, स्वास्थ्य बीमा इत्यादि लाभ से वंचित क्यू रखा जा रहा.... इस अन्याय का कारण क्या... क्या grs को सभी चीजें सस्ती मिलती हैं , महगाई grs को नही है या सरकार grs को सब फ्री मे दे रही...
ऑनलाइन उपस्थिति कैसे लगेगी?
कंप्यूटर से लगती नहीं, मोबाइल फोन विभाग ने दिया नहीं।
अब क्या विभाग कबूतर भेजेगा, या पंचायत सहायक टेलीपैथी से हाजिरी लगाएगा? 🤔📱
व्यवस्था शून्य, आदेश पूर्ण!
वाह रे सिस्टम, क्या मज़ाक है! 😄
#संसाधन_नहीं_तो_कार्य_नहीं@uppanchayatiraj
@RahulHazari90@EarthRaghu@DrMohanYadav51 ग्राम रोजगार सहायको के परिवार में मंहगाई लागू नहीं होती 2वर्षों से 1रुपया नहीं बढ़ा क्या उनके परिवार मंगाई से नहीं जूझते
प्रदेश के 23,000 #रोजगार_सहायकों के हक की लड़ाई लड़ने वाले इन साथियों का यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। आज पूरा संगठन इन परिवारों के साथ खड़ा है। सरकार केवल आश्वासन न दे, पीड़ित परिवारों को न्याय और सम्मान दे!
अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि! 💐🕯️
#Justice#GRS@treetesh07
विनम्र निवेदन:
जिला रतलाम के 04 'ग्राम रोजगार सहायक' साथियों की सड़क दुर्घटना में मौत, और अन्य 07 लोग 'गंभीर रुप से घायल'!, ह्रदय विदायत घटना घटित हुई। मृत कर्मचारी पर आश्रित परिवार को 25-25 लाख की आर्थिक सहायता दी जाए और परिवार सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति दिया जाए।
@CMMadhyaPradesh@DrMohanYadav51@minprdd माननीय मुख़्यमंत्री जी वर्ष 2017 मे 9000 मानदेय था 6 वर्ष बाद 9000से 2023 मे 18000 मानदेय हुआ था
आज वर्ष 2026 चल रहा है क्या इन 3 वर्षो मे रोजगार सहायक (सहायक सचिव ) के लिए महंगाई नहीं बड़ी
आपसे उम्मीद थी कुछ करेंगे लेकिन 03 वर्ष पहले जो दिया उसे ही दोहरा दिया गया 🙏🙏
#छत्तीसगढ में "पंचायत सचिव" की नवीन भर्ती में CPCT की कोई अनिवार्यता नही है,, जबकि #मध्यप्रदेश में सचिव भर्ती के लिए सीपीसीटी (CPCT) को अनिवार्य किया गया है। मुझे लगता है कि 14-15 बरस से सेवाएं दे रहे #ग्राम_रोजगार_सहायकों को नियमों में निश्चित रूप से छूट मिलनी चाहिए।
@minprdd
इतिहास में सबसे अधिक नफ़रत झेलने वाले दो धर्म /पंथ है - हिंदू और यहूदी।
लेकिन क्यों ❓
पश्चिमी देशों की बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटियाँ भी हिंदू और यहूदियों को गलत ठहराने का कोई मौका नहीं छोड़तीं। ✍️
👉 Harvard University जैसी यूनिवर्सिटी फ़िलिस्तीन समर्थित आतंकी संगठनों को “फ्रीडम फाइटर” का दर्जा देने की कोशिश करती रहती हैं।
👉 वहीं भारत में Jamia Millia Islamia और Jawaharlal Nehru University जैसी जगहों पर कश्मीरी पंडितों के नरसंहार को प्रोपेगेंडा कहकर नकारा जाता है।
इन लोगों को यह विश्वास ही नहीं होता कि कश्मीरी पंडित अपने ही घर-आंगन में किस हाल में जी रहे थे।
एक खास समुदाय को अल्पसंख्यक कहा जाता है,
जबकि वास्तविकता यह है कि वह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी है।
👉 उनके त्योहारों में चाहे कितना भी खून बहे —
👉 लेकिन हिंदुओं के त्योहार नफरत की वजह बना दिए जाते हैं।
सबसे बड़ी वजह यही है कि अब हिंदू और यहूदी चुप नहीं हैं।
👉 सदियों से चले आ रहे प्रोपेगेंडा की जंजीरों को तोड़कर
अब वे अपने ऊपर हुई प्रताड़ना का हिसाब रख रहे हैं,
👉 अपनी मातृभूमि और संस्कृति की रक्षा कर रहे हैं,
👉 और अन्याय के खिलाफ खड़े हो रहे हैं।
हिंदू-यहूदी विरोध की असली वजह यही है कि
👉 हज़ारों सालों बाद भी इन लोगों ने
अपना धर्म, अपने संस्कार और अपनी पहचान सहेज कर रखी है।
👉 न धर्म छोड़ा,
👉 न संस्कार छोड़े,
👉 न अपनी जमीन से नाता तोड़ा।
आज भी इन दो आवाज़ों को कुचलने की कोशिश हो रही है।
लेकिन याद रखिए —हिंदू झुकेगा नहीं, रुकेगा नहीं।
@CMMadhyaPradesh@ChouhanShivraj@BJP4MP@DrMohanYadav51@INCMP
मोहन सरकार ने रोजगार सहायको की लंबित माँगो को किया अंसुना.... पकड़ाया झुंझुना...
महोदय गाव की रीढ़ है रोजगार सहायक यह आपको अब चुनाव मे समझ मे आयेगा...
2023 से 1 रू की वेतन बृद्धि नही की गई क्या हम पर महगाई लागू नही