@AnilYadavmedia1 बुलडोजर ने घर छीना, मगर हौसले को नहीं दबा पाया, किताबों के साथ दौड़ती ये बेटी दिखाती है कि सपने कभी रुकते नहीं। आपका एक कदम उसकी पढ़ाई को उड़ान दे सकता है—आइए, शिक्षा की रोशनी से उसके भविष्य को संवारें।
बच्ची की पढ़ाई के लिए चैरिटी करिए।
@RahulGandhi kyo jane de desh ka paisa bahar
phle hi trump tariff par tariff lga rha hai...
modi ko hum bhi nahi chahte lekin modi virodh main desh ko nuksan nhi pahuchayenge ।
ye reply nahi karna tha rahul gandhi ko
@AnilYadavmedia1 gav ke kisan logo ko pta hi nahi hai arakshan kya hota hai..
unko tv ne ye bta rakha hai dharm khatre main to vo usko bachane m lage hai
*बिहार में शिक्षा के भगवाकरण का खेल?*
#RSS द्वारा #OBC की अस्मिता पर बड़ा हमला।
मघेपुरा से ही क्यों उठा विरोध का झंडा?
551 सरकारी स्कूलों के नाम और रंग बदलने से उठे बड़े सवाल
सम्राट चौधरी सरकार ने गैर-कानूनी तरीके से 551 स्कूलों के नाम बदलकर 'सरस्वती विद्या निकेतन' कर दिए और इन स्कूलों को भगवा रंग में रंग दिया।
19 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेगूसराय से इन विद्यालयों का राज्यव्यापी उद्घाटन किया। सरकारी घोषणा के अनुसार, इन विद्यालयों को “सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय)” के रूप में विकसित किया गया है।
रासबिहारी हाई स्कूल" — जो मधेपुरा शहर के बीचों-बीच अरबों रुपये की कीमती ज़मीन पर बना है और जिसे महान रासबिहारी लाल मंडल (एक क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी, 1910 में गोप जातीय महासभा/यादव महासभा के संस्थापक, AICC सदस्य और 1908 में बिहार प्रदेश कांग्रेस पार्टी के संस्थापक पदाधिकारी) के परिवार ने दान किया था — उसका नाम बदलकर "सरस्वती विद्या निकेतन" कर दिया गया है। रविवार, 19 जुलाई 2026 को बिहार सरकार के प्रभारी मंत्री ने इस नए नाम के साथ इसका उद्घाटन किया। 1948 में, रासबिहारी बाबू के सबसे बड़े बेटे स्वर्गीय भुवनेश्वरी प्रसाद मंडल (MLC, 1924), उनकी दूसरी बहू स्वर्गीय सूर्यवती देवी (स्वर्गीय कमलेश्वरी प्रसाद मंडल, MLC, 1937 की पत्नी) और उनके सबसे छोटे बेटे स्वर्गीय बिंदेश्वरी प्रसाद मंडल (बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री) ने मधेपुरा शहर के बीचों-बीच रासबिहारी हाई स्कूल को पाँच बीघा ज़मीन दान में दी।
बाद में, 1963 में, रासबिहारी बाबू के पोते और डॉ. सूरज यादव मंडल के पिता, स्वर्गीय रमेश चंद्र यादव ने मधेपुरा के पास मजखरा मौज़ा में स्कूल को 35 बीघा और ज़मीन दान की।
आज, इस ज़मीन की कीमत अरबों रुपये है।
महर्षि मेही एक संत थे, जिनके लाखों अनुयायी मुख्य रूप से कटिहार, पूर्णिया, भागलपुर, सहरसा और मधेपुरा ज़िलों में OBC और EBC समुदायों से आते हैं।
लेकिन सबसे बड़ा हमला OBC और यादवों के सम्मान पर हुआ है — जिसे बिहार सरकार की आड़ में RSS के एक सहयोगी संगठन ने अंजाम दिया है: इसमें रासबिहारी लाल मंडल का नाम हटा दिया गया है। वे बिहार से इंडियन नेशनल कांग्रेस के संस्थापक सदस्य, 1911 में गोपे जातीय (यादव) महासभा के संस्थापक और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष बी.पी. मंडल के पिता थे।
मधेपुरा में रासबिहारी उच्च विद्यालय के नाम बदले जाने का पुरजोर विरोध हो रहा है।
For full video Link https://t.co/DKzSa0XyBV
डॉ सूरज यादव मण्डल रासबिहारी लाल मंडल के प्रपौत्र, डॉ रतन लाल के साथ अंबेडकरनामा पर।
Dr @suraj_yadav2005 Mandal with Dr Ratan Lal on AmbedkarNama .
#संविधान_बचाओ_संघर्ष_समिति
🚨 SHOCKING: 300 doctors in Maharashtra quit their seats. 25 have died by suicide.
Junior residents forced into 36-HOUR shifts with no rest. No relief.
This isn't a calling — it's exploitation.
When will we stop normalizing the death of those who save our lives?
#SaveDoctors #ResidentDoctors #HealthcareReform #MedicalEducation
@JPNadda@MoHFW_INDIA@NMC_IND@DainikBhaskar@PTI_News@PMOIndia
नौकरी में इंटरव्यू को क्यों खत्म होना चाहिए आइए जानते है.–
मेरे मित्र हैं मनीष यादव जो कि 22 से 24 तक मारुति सुजुकी इंडिया @Maruti_Corp लिमिटेड मानेसर गुड़गांव प्लांट में TW के पद पर कार्यरत थे. @MSArenaOfficial वहां इन्हें कहा जाता था कि आप अच्छा कार्य करें, अच्छा व्यवहार रखें और अपनी अटेंडेंस अच्छी रखे तो इस कंपनी में आप को परमानेंट होने का मौका मिल सकता है.इसमें मनीष जी तीन बार के एम्प्लॉय ऑफ मंथ के अवॉर्डी भी रहे हैं. इनके साथ के लोग इन्हें कहते थे कि मनीष जरूर परमानेंट होंगे.
दो साल बाद कंपनी द्वारा लिखित परीक्षा ली गई। जिसमें करीब 8 हजार लोग शामिल हुए थे। इस एग्जाम को पास केवल 252 लोग ही कर पाते है जिसमे मनीष भी थे। अब आती है इंटरव्यू की बारी तो इन सभी 252 लोगो का इंटरव्यू होता है. इस इंटरव्यू में मनीष से उनके फील्ड से संबंधित कोई सवाल नहीं किया जाता है. उनसे सवाल किए जाते है पिता जी क्या करते है,कितने भाई बहन हो आदि.तो इन्हें लगा कि मुझे यादव होने की सजा मिलेगी पक्का.और हुआ भी वही ,इनका सलेक्शन नहीं हुआ.जिस इंटरव्यू में से केवल 48 लोगों को चुना जाता है जिसमें संभवतः सभी लोग सवर्ण है.
मेरे लाल @grok ये बता
इंदिरा गाँधी ने अग्नि मिसाइल प्रोजेक्ट लॉन्च किया
राजीव गाँधी ने पृथ्वी मिसाइल प्रोजेक्ट लॉन्च किया
मोदी जी ने कौन सा मिसाइल प्रोजेक्ट लॉन्च किया
बता,
कोई मिसाइल प्रोजेक्ट लॉन्च किया भी या नहीं किया,
सच सच बता,