@MumbaichaDon What advice? You will be booked under that Act even if you are not home, if he slipped on your floor. Not hypothetical, happened in my neighborhood.
A student at IIT Bombay dies by suicide.
Outrage against the IIT admin.
IIT clarifies that the student was caught using ChatGPT for answers during an exam, was counselled. He went to hostel and died by suicide.
Student's father suddenly realised that since last many months, his son was subjected to caste based abuses by Prof Doolla, the faculty who caught him cheating, and this caste based harassment was "under the directions of IIT director".
Politically suitable scenario, caste groups jump in. Dalit Politicians jump in, including those in power and speak against the professor.
The eminent and illustrious professor, with an impeccable career, is now subjected to a media trial, receives threats, faces calls to be hanged, and is booked under the SC/ST Atrocities Act.
The IIT director resign/forced to resign.
The Ministry of Education, under which IIT operates, does not utter a single word in support of the Prof Doolla who is being hounded simply for doing his job as per the laid down procedure.
On the contrary, IIT Bombay today apologized for its tweet about the cheating incident, stating that the cause of death remains under investigation.
Next, in all likelihood Professor Doolla will be sacrificed to calm the caste groups.
This country is beyond repair.
We have reached a dangerous point for India’s education system.
A professor stopping a student from cheating is being treated as caste discrimination and he is being booked under the SC/ST Act.
The downfall is already here!
उत्तरप्रदेश के ललितपुर का सिलावन गांव। शाम का वक्त। करीब 44-45 साल का एक शख्स लंगड़ाते हुए चला जा रहा था। वो इधर-उधर देख रहा था, जैसे किसी को पहचानने को कोशिश कर रहा हो।
तभी उसे साइकिल से आता हुआ एक शख्स दिखा। उसने उसे रोककर कहा- ‘मेरा नाम विष्णु तिवारी है। क्या मुझे जानते हैं? मेरे घर का पता बता दो।’ उस शख्स ने हैरानी भरी नजरों से देखा और बोला- ‘भइया पागल हो क्या, तुम्हारा घर है और, मुझसे पूछ रहे हो।’
विष्णु ने एक के बाद एक, कई लोगों से अपने घर का पता पूछा, लेकिन सभी ने उन्हें पागल कहा। अब तक अंधेरा हो गया था। विष्णु थककर एक पेड़ के नीचे बैठ गए। तभी एक और शख्स वहां से गुजरा और विष्णु को देखते ही ठिठक गया। बोला- तुम विष्णु तिवारी हो न? पहचाना मुझे? तुम्हारा दोस्त सुरेश।
विष्णु फौरन बोल पड़े- ‘मेरे भाई तुमने तो मुझे पहचान लिया’ दोस्त बोला-'तुम तो जेल में थे ना।’ विष्णु ने जवाब दिया- ‘झूठा मुकदमा था। 20 साल बाद हाईकोर्ट ने रिहा कर दिया। मेरे घर का पता तुम्हें याद हो तो घर पहुंचा दो।’ दोस्त ने कहा- ‘तुम्हारा घर तो रहने लायक बचा नहीं, चलकर देख लो।’
विष्णु, दोस्त के साथ अपने घर की ओर चल दिए। कुछ कदम चलने के बाद बोले- ‘घर में तो मेरी राह देखने वाला कोई जिंदा ही नहीं बचा।’ दोस्त बोला- ‘चाचा जिंदा हैं। उन्हीं के घर चले जाना।’
कुछ ही देर में विष्णु अपने घर पहुंचे। दोस्त ने मोबाइल का टॉर्च जलाया तो देखा टूटे दरवाजे में जंग लगा ताला लटक रहा था। दीवारें भी गिर चुकी थीं। विष्णु ने पास ही पड़ा हुआ एक पत्थर उठाया और ताला तोड़ दिया।
अंदर जाकर देखा तो कचरे का ढेर लगा था। उसी ढेर में मां-पिताजी के वोटर आईडी मिले। कहीं दीवार गिर गई, तो कहीं मोटी-मोटी दरारें। विष्णु जमीन पर बैठकर फूट-फूटकर रोने लगे। दोस्त ने उन्हें संभाला और चाचा के घर ले गए।
चाचा को देखते ही विष्णु बोले-‘सब खत्म हो गया चाचा। न घर बचा, न मां-बाप।’ चाचा ने पूछा जेल से कैसे छूटे। विष्णु बोले- ‘रेप का केस भी झूठा था और SC-ST का मुकदमा भी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया।'
चार वर्ष की बच्ची का रेप और मर्डर करने वाले दरिंदों में ‘सुधार की आशा’ देखने वाले देश को, 25 वर्ष अच्छे व्यवहार के साथ दंड भोग चुके व्यक्ति में सुधार की आशा नहीं दिखती! बलात्कारी-हत्यारे को यहाँ पेरोल पर पेरोल मिलता है क्योंकि वह वोटबैंक एकत्र कर सकता है, पर दारा सिंह को वह दया नहीं मिलेगी क्योंकि चर्च लॉबी के सामने यह देश नपुंसक हो जाता है।
Sharmishta was arrested for saying facts about Muhammad while Nishu is roaming freely after abusing Ram Ji and Durga Mata and even calling the Ramayana a myth
Woke secularism has ruined this country 💔
Mother killed her 6 years old son PRINCE with the help of her brother-in-law she was in affair with , then framed SC-ST ACT on 5 members of a Brahmin family and got 4.5 lakhs compensation from Government .
What an act Modi ji
The names of the rap*sts are
1) Md Sameer
2) Md Waleen
3) Md Salman
All three are Muslims.
Now read her tweet. How “smartly” she linked the incident with Hindu festivals, as if Hindu festivals were synonyms for r*pe. R*pe don't happen on other religions festivals?
Clowns like @Chinmayi hide behind a feminist face but are bigger Islamists than the real ones.
Anticipatory bail has just been denied to @ajeetbharti in the case where the FIR against him invoked draconian SC/ST act provisions. Ajeet's remarks were a reaction to provocation involving his sister. He could be jailed for up to 7 years.
I stand with Ajeet. And so should you.
राम सिंह ठाकुर नाम का यह लड़का छत्तीसगढ़ के बिलासपुर का चर्चित हिंदुत्ववादी है जो हिंदुत्व के विरोध में होने वाले हर कांड के सामने खड़ा हो जाता है |
अब से कुछ दिन पहले राम सिंह ठाकुर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था जिस पोस्ट पर आकर मोहम्मद सोहेल ने हिंदू प्रतीकों को लेकर ओछी टिप्पणी करी थी | 😡😡
इस ओछी टिप्पणी की वजह से क्षेत्र में तनाव फैल गया और माहौल सामान्य से असामान्य हो गया |
माहौल खराब करने की शुरुआत मोहम्मद सोहेल ने करी थी लेकिन बिलासपुर पुलिस ने कई गंभीर धाराओं में राम सिंह ठाकुर के खिलाफ एफआईआर कर दी |
अब राम सिंह ठाकुर सोशल मीडिया पर आ कर अपने लिए समर्थन मांग रहा है तो हिंदुओं से बस यही कहना है कि अगर राम सिंह को समर्थन नहीं किया | 😡😡
तो आगे आगे छत्तीसगढ़ पुलिस ना जाने कितने हिंदुत्ववादियों को जबरन शांत कर घर बैठा देगी और किसी भी हिंदू विरोधी घटना पर कोई हिंदूवादी बोलने की हिम्मत नहीं करेगा |
आज हम बेशक राम सिंह के समर्थन में बिलासपुर नहीं पहुंच सकते पर सोशल मीडिया के माध्यम से इन हिंदू को इतना समर्थन दे सकते है जो मौके पर पहुंचने से भी ज्यादा मजबूत माना जाएगा |
दलित टीचर ने एक ब्राह्मण बच्ची को इतना मारा उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई मरने से पहले बयान दिया है यदि यही बच्ची ब्राह्मण की जगह दलित होती और करने वाला ब्राह्मण होता तो अब तक उत्तर प्रदेश में हाहाकार मच जाता मामला हरदोई ज़िले के भरखनी ब्लॉक का है
First they asked their religion. Then they attacked — on Raksha Bandhan, in Bilaspur, Chhattisgarh.
Four Hindu youths were passing through a Muslim area when Sohel Khan and others allegedly asked them their religion and then assaulted them.
Within seconds, hundreds of Muslims gathered and began stone-pelting. Over 50 people, including police officers, were injured.
Bajrang Dal says that instead of arresting the stone-pelters, the police arrested and lathi-charged the Hindu youths.
श्री चिराग पासवान जी, आपने कहा आरक्षण पर समीक्षा तो छोड़िए, चर्चा भी नहीं होगी। यदि ऐसा हुआ को इतने लोग सड़कों पर आ जाएँगे कि सँभालना कठिन हो जाएगा।
मुझे नहीं लगता कि आपको ‘चर्चा’ और ‘समीक्षा’ का अर्थ भी पता है। नौ बार के सांसद और विधायक पिता के पुत्र, आज भी आरक्षित सीट से राजनीति कर रहे हैं। और दुर्भाग्य कि आज भी अपने समर्थकों को आप आगजनी-दंगा करने वाले गुंडों की तरह ही देखते हैं कि इन्हें सँभालना मुश्किल हो जाएगा।
आप ऑप्रेस्ड हैं, दलित हैं, पीड़ित हैं और आप सड़कों पर आने की धमकी भी दे देते हैं, ये विरोधाभास कैसे बाँच लेते हैं आप?
और हाँ, आपके चाहने, न चाहने से कुछ नहीं होता। घर में टीवी है तो एकाध बार डिबेट देखिए कि ‘चर्चा’ किस विषय पर हो रही है। और @JPNadda जी आरक्षण पर सोच रहे हैं या नहीं, यह भी आपको पता चल जाएगा।
वैसे यह भी ठीक है कि जब आपको ही ‘चर्चा’ और ‘समीक्षा’ का नहीं पता, तो जिन्हें आप सड़कों पर लाना चाह रहे हैं, वो कितना ही समझ पाएँगे। आपकी जाति SC का सबसे बड़ा हिस्सा ले जाती है। पासवान, चमार, धोबी और पासी 95% आरक्षण ले रहे हैं।
तो देखिए, युवा बिहारी @iChiragPaswan जी, चर्चा तो आरंभ हो चुकी है और @BJP4India ने एक कदम आधिकारिक रूप में बढ़ाया है, एक कदम अनाधिकारिक रूप से अन्य लोगों से रीच आउट कर के।
आप ‘बिहारी फर्स्ट’ की बात करते थे, ये अचानक से माफिया की भाषा क्यों बोल रहे हैं। आप तो मोदी जी के हनुमान हैं, मोदी जी पर विश्वास रखिए। वो चर्चा करवा रहे हैं, वरना आपको लगता है कि अनिल बेलूनी जी की कृपादृष्टि के बिना कोई भी टॉपिक चर्चा में आ सकता है?
गेम समझिए। परिस्थिति बदल रही है। महबूबा ने भी धमकी दी थी। वीपी सिंह को भी लगा था कि वो अनंत काल पीएम रहेगा। जनता से उसी पार्टी को चुना जिसके नेता ने संसद में खड़े हो कर ओबीसी आरक्षण का विरोध किया था।
नेहरू ने OBC को 1955 में ही कोटा देने का विरोध किया था। 1961 में मुख्यमंत्रियों को लिखे पत्र में नेहरू ने आरक्षण का विरोध किया था। पर वो लगातार चुनाव जीतते रहे। तो ऐसा तो है नहीं कि यदि @narendramodi आज इस पर समीक्षा करें, और वह चुनाव हार जाएँगे!
संभव है कि सवर्ण और अनरिप्रेजेंटेड ओबीसी, एससी एकमुश्त वोट दे दे! इसीलिए, चर्चा और समीक्षा दोनों हो रही है, और हम रिफॉर्म भी करवा लेंगे।
No Ex-Chief Minister is mentoring
No political party is funding
No mainstream media is covering
This is a movement born out of public anger & feedback.
Keep supporting and we will WIN!
यह देश का पहला ऐसा आंदोलन है, जिसमें न पक्ष साथ है, न विपक्ष साथ है, सरकार का विरोध करने वाले भी इसके साथ नहीं हैं, और वे भी साथ नहीं हैं जो कल तक खुद को कॉकरोच कहकर अपनी पहचान बताते थे।
कोई बात नहीं, हम अपना हक लड़कर लेना जानते हैं।