@TirthrajWa49249 “मोदी जी, बारह साल का लंबा कार्यकाल हो चुका है। अब देश को नई दिशा और नए नेतृत्व की जरूरत है। देश और जनता पर कृपा कीजिए—अब सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने का समय आ गया है।”
@ravish_journo रवीश जी मुझे लगता हैं भगतो को लगता हैं कि देश में पापा ओर चाचा के आगे सब मूर्ख है। अगर इन्हे समन्दर छोड दिया जाय तो ये किसी का सहारा नहीं लेंगे। कि जबतक पापा या चाचा नही आयेगे हम समन्दर के बीच में ही रहेगे।
पेपर लीक का नया कांड गुजरात आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय का हुआ पेपर लीक गुजरात में पिछले 10 वर्षों के अंदर दर्जनों पेपर लीक हुए जानते हैं क्यों?
क्यूँकि पेपर चोरों के साथ BJP नेताओं के गहरे रिश्ते हैं।... https://t.co/GZnCDW2jSZ via @YouTube
श्री सोनम वांगचुक जी से हमारा अति विनम्र आग्रह और सविनय अपील है कि वो अपना अनशन तोड़ दें। उनका जीवन समस्त विश्व के लिए अनमोल है क्योंकि उसमें मानवता और पर्यावरण के लिए उतनी ही प्रतिबद्धता है जितनी की लोकतंत्र के लिए।
जिस भाजपा सरकार को जगाने के लिए वो आमरण अनशन पर हैं वो तो एक सिद्धांतहीन, भ्रष्ट तंत्र है, उसकी असंवेदनशीलता और हृदयहीनता में किसी के भी त्याग का कोई महत्व नहीं है अत: भाजपाइयों से सदाचार और हृदय-परिवर्तन की कोई भी अपेक्षा निरर्थक है। भाजपाइयों के लिए किसी के जीवन का कोई भी मोल नहीं है। उनके लिए धन ही प्रधान है। वो भ्रष्टाचार से कमाए पैसों के घमंड में चूर हैं। उनमें बदलाव की आशा करना ही व्यर्थ है। जिनमें अहंकार होता है उनमें परिष्कार नहीं होता। ‘सत्याग्रह’ का महत्व वो क्या जानें जो ‘सत्ताग्रह’ के लालच में मंदिर तक लूट ले रहे हैं। उन्हें न युवाओं के भविष्य से कुछ लेना-देना है, न उनके माता-पिता और अन्य परिजनों के सपनों से, वो तो ख़ुदगर्ज़ लोग हैं।
लोकतंत्र का गला घोंटनेवाली महापापी-अधर्मी भाजपा और उसके भूमिगत अपंजीकृत संगी-साथियों के गिरोह को हराने और सदैव के लिए हटाने के लिए आपके मनोबल और नैतिकता की महाशक्ति हर सच्चे भारतीय की प्रेरणा बनती रहे और आप देशवासियों, युवाओं, लोकतंत्र और पर्यावरण के संघर्ष के लिए नकारात्मक ताक़तों के ख़िलाफ़ सदैव प्रकाश स्तंभ बने रहें, यही हम सबकी चाह है और प्रार्थना भी।
@Wangchuk66
भारत के प्रधानमंत्री ने बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी हैं। एक तरफ अमेरिका ने तीन दिनों में तीन जहाज़ों पर हमला किया, जिसमें तीन भारतीयों की मौत हो गई। मोदी जी भारतीयों की मौत पर अमेरिका का विरोध करने के बजाय अपनी प्रशंसा सुनकर ट्रंप को धन्यवाद देने में व्यस्त हैं। ट्रंप को धन्यवाद तो दे रहे हैं, मगर भारतीयों की मौत पर शोक का एक भी ट्वीट नहीं। क्या देश को ऐसा दब्बू और लाचार प्रधानमंत्री चाहिए ?