मध्य प्रदेश के तमाम राजनेताओं की कहानियाँ, साज़िशें, रंजिशें, शौक़ और गठबंधनों राजनीति के अनसुने किस्से सुनाने के लिए हम हर सोमवार #RajnitiPuran के तहत एक ट्विटर थ्रेड साझा करते हैं।
कोई क़िस्सा छूट न जाए, फॉलो करें @ElectionMP2028
सभी पुराने थ्रेड नीचे कमेंट में मिल जाएंगे।
अखिलेश यादव ने INDIA गठबंधन की बैठक से पहले अपने एक कार्यकर्ता को पास में बुलाया और कहा:
कुछ कांग्रेस के लोग हमारे ख़िलाफ़ लिख रहे है, जरा देख के बाद में बताना कौन है।
देहरादून में दो युवा विनोद जाखड़ और वैभव वालिया ने कोहराम मचा दिया।
धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफ़े की माँग के साथ आए दिन कांग्रेस और NSUI के धरने जारी है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा मुख्यमंत्री बनाने की खबर महज़ अफ़वाह है।
मोदी-शाह कभी किसी क़द्दावर नेता को राज्य की कमान नहीं सौंपते जब तक वो पूर्ण रूप से उनकी जेब में ना हो।
राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखण्ड, मध्य प्रदेश इसका उदाहरण है।
Meenakshi Natarajan, a politician who is an utter hypocrite in projection won’t make it to the RS. If the Cong had political smarts they would have nominated an old but senior leader who would have ensured his win
भाजपा के पास विधायक नहीं है फिर भी उन्होंने राज्य सभा के लिए तीसरा उम्मीदवार उतारा।
हम मिलकर मीनाक्षी नटराजन को जीत कर भाजपा की अक्ल ठिकाने लगा देंगे।
- जीतू पटवारी
कांग्रेस विधायकों को सुरक्षित तेलंगाना पहुँचाने के लिए AICC सचिव कुणाल चौधरी को ज़िम्मेदारी दी गई है।
कांग्रेस पार्टी ने कुणाल चौधरी को पहले राष्ट्रीय सचिव बनाया फिर महाराष्ट्र का प्रभार दिया फिर बिहार स्क्रीनिंग कमेटी का सदस्य बनाया और अब संकट मोचन की भूमिका में रखा है।
क़द बढ़ता ही जा रहा है।
भाजपा के तीसरे उम्मीदवार ने मध्य प्रदेश के अर्जुन को कृष्ण बना दिया है!
जीतू पटवारी ड्राइविंग सीट पर मीनाक्षी नटराजन के नामांकन कार्यक्रम में जाते हुए।
म्भाजपा ने मध्य प्रदेश में अपना तीसरा राज्य सभा प्रत्याशी महेश केवट को मैदान में उतारा है।
मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष है महेश केवट।
कांग्रेस यह देखते हुए अपने सारे विधायकों को तेलंगाना भेज सकती है।
मीनाक्षी नटराजन की दिल्ली की राह आसान नहीं।
आज फिर अशोक गहलोत ने मर्यादा लांघते हुए, गांधी परिवार को लाल आँख दिखाते हुए सचिन पायलट को नीचा दिखाया।
हर बार की तरह इस बार भी सचिन पायलट खामोश रहे।
यह खामोशी सचिन को राजस्थान कि पायलट बना देगी।