Hyundai India madarchod @HyundaiIndia@HMGnewsroom
Bhosdiwalo jab a class bolte ho to sari branches a class banao to sare equipments essentials provide to karo
Kahi bhi kuch proper nahi hai
Hyundai official staff apni manmani kar rahe
Have some common sense to talk to others.
@sankaaravind Just be more clear and give the best rates to captains as there are some places where riders are paid less than the actual fares.
I hope that you sort that asap.
In the world of baby names like Raha "Kapoor"
Jeh "Ali Khan"
Akaay "Kohli"
Being a Dua "Padukone" Singh is something the society needs.
Babies can carry the legacy of their mom's name as well 🥰
#DuaPadukoneSingh 🩵🧿
सरस्वतीस्वरूप दुर्गा !
छोटी सी उम्र में दुर्गा ने तंबूरा पकड़ लिया और सुनाने लगी पंडवानी। महाभारत का एक-एक प्रसंग दुर्गा ने आत्मसात कर लिया है, जिन्हें गाकर और कथा कहकर सुनाया जाता है। देश-दुनिया में छत्तीसगढ़ी लोक विधा पंडवानी की पहचान तीजन बाई से है। तीजन बाई से परे भी कई कलाकारों ने पंडवानी की पहचान बरकरार रखी लेकिन आज के दौर में जहां ताम-झाम म्यूजिक, दिखावटी छत्तीसगढ़ी प्रस्तुति, हिंदी में लिखकर छत्तीसगढ़ी अनुवाद वाले गाने और कमर्शियल कलाकार ट्रेंड कर रहे हैं, तब छत्तीसगढ़ी 'लोक' के लिए दुर्गा एक मिसाल है। किसी गांव में पंडवानी करवानी हो तो दुर्गा साहू टीम एक नारियल पर कार्यक्रम पक्का कर देती है, क्योंकि पहली प्राथमिकता संस्कृति का प्रचार करना है, और जहां दुर्गा पंडवानी प्रस्तुत करती है वहां मान-सम्मान और प्रोत्साहन राशि अपने आप लोग देते हैं।
दुर्गा साहू ने बचपन से ही अपने दादा को हारमोनियम बजाते देखा, रामायण मंडली में हिस्सा लेती रही, परिवार की बड़ी लड़की है, छोटी उम्र में ही पिता का साया सर से उठ गया। दुर्गा बताती है कि उसे पितातुल्य गुरु मिले हैं, निर्मल साहू, जो पेशे से शिक्षक हैं और उन्होंने ही दुर्गा को पंडवानी सिखाई। आज वो उसके रागी हैं। दुर्गा की पंडवानी खास है जिसमें महाभारत के प्रसंग तो स्वाभाविक हैं, लेकिन उन प्रसंगों के आसरे वो समाज में फैली बुराई के खिलाफ टिप्पणी भी करती है, जो बुरे और बदमाशों के लिए चेतावनी है और अबोध के लिए जागरूकता का संदेश।
मैंने तीजन बाई की पंडवानी और संस्कृति के प्रति उनके समर्पण के बारे दूरदर्शन में उनके इंटरव्यू से ही जाना। आज भी गर्व से भर देता है वो दृश्य जो दशकों पहले कैमरे में कैद हुआ, और पूरी दुनिया तीजन बाई के आसरे छत्तीसगढ़ी लोक से रुबरु हुई।
कामना है कि दुर्गा की मेहनत और संस्कृति के प्रति उसका समर्पण उसे देश-दुनिया में पहचान दिलाए, आज गीता-महाभारत को सिलेबस में शामिल करने की बातें उठती हैं, कुछ देशों में महाभारत ग्रंथ सिलेबस में शामिल किए जाने की भी खबर है। इस बीच महाभारत की कथा समझने और पढ़ने का प्रैक्टिकल और सशक्त माध्यम छत्तीसगढ़ की पंडवानी हो सकती है।
दुर्गा की कमाई लाखों की नहीं है, और ना ही वो शहर के चकाचौंध भरे स्टेज की स्टार है, लेकिन वो लोककला की सच्ची सेवक है, छत्तीसगढ़ी संस्कृति की संवाहक है। वह गांव में पंडवानी प्रस्तुत करने जाती है तो आस्थावान लोग पैर छूते हैं, और कहते हैं, तुम कथा कह रही हो तो सरस्वतीस्वरूप हो।
-तृप्ति सोनी
Happy birthday to my friend @KamalaHarris! She has spent her life fighting on behalf of people who need a voice and a chance—now it’s our turn to help elect her as our next president. Make sure you're ready to vote at https://t.co/NKXRGNgbZX.
Phone (2).
An icon, evolved. Purposefully designed from the inside out to deliver a premium experience you can count on. With new ways to interact with a smartphone to allow you to feel more present when it matters most.
Come to the bright side.
I’m in the running to win the new @Nothing Phone (2) thanks to @TechnicalGuruji ! Don't miss out on the official announcement on 11 July: https://t.co/NiQsUHgXii #Nothingphone2
Sunday Special🌼
भाजीयों के लिए प्रसिद्ध हमारे प्रदेश मे भाजीयों का राजा कहलाने वाले बोहार भाजी की तस्वीर...(season के पांचवा हवय पहली ४ धांव लालच म फोटो लेवई यादे नई अइस😛)
#Chhattisgadhiya