Residents of Morta, Ghaziabad have been facing severe power outages since this morning. Electricity cuts lasting 7–8 hours at a time are causing major inconvenience, especially in this heat.
@UPPCLLKO
Residents of Morta, Ghaziabad have been facing severe power outages since this evening. Electricity cuts lasting 4–5 hours at a time are causing major inconvenience, especially in this heat.
@UPPCLLKO
Residents of Morta, Ghaziabad have been facing severe power outages since last night. Electricity cuts lasting 4–5 hours at a time are causing major inconvenience, especially in this heat.
@UPPCLLKO
Internet has been down for 24+ hours. Contacted Customer Care multiple times, but all I get is the same scripted response: "Technical fault, our ground team is working, it will be resolved soon." No update, no ETA, no accountability. Pathetic service, @excitel_rocks
Residents of Morta, Ghaziabad have been facing severe power outages since last night. Electricity cuts lasting 4–5 hours at a time are causing major inconvenience, especially in this heat.
@UPPCLLKO
Residents of Morta, Ghaziabad have been facing severe power outages since last night. Electricity cuts lasting 4–5 hours at a time are causing major inconvenience, especially in this heat.
@PVVNLHQ@pvvnlghaziabad
I was ordered by @Lenskart_com to cut my shikha and remove my tilak. When I refused to do so, I was fired. - Zeel Soghasia
This is blatant discrimination and bigotry that goes beyond adhering to some internal memo. Mr Soghasia must be recalled and reinstated. @peyushbansal
Bought a Lava Agni 4 for my father to support an Indian brand, but it’s been a terrible experience. The phone kept restarting, overheating, and now it’s completely dead — no screen, no response. Worst part: poor customer service and no proper support. @reachraina#Lava
सोचिये, एक मंत्री होकर भी इनको ये तक नहीं पता कि आरक्षण काम कैसे करता है!
Open seats सबके लिए खुली होती हैं, उसमें SC/ST/OBC/GC सब compete करते हैं!
मतलब एक तो आरक्षित seats लो, open seats लो, फिर आकर ड्रामा भी करो कि हमारा हक़ छीना जा रहा है!
इसको कहते हैं धूर्तता!
चूँकि केशव प्रसाद ‘मौर्या’ हैं, इसलिए तेजस्वी @narendramodi जी ने कहा कि आप करो जितना आंदोलन करना है। पुलिस प्रोटेक्शन भी मिलेगा। जंतर मंतर पर मौर्या को सारी अनुमतियाँ मिलीं।
@BJP4India यह बताना चाहती है कि सामान्य वर्ग कहाँ पर है उसके लिए: लिंग के अग्रभाग पर। साथ ही बेचारे आइटी सेल के छर्रे लिखते घूम रहे हैं कि वामपंथी मैं हूँ! अबे वर्तमान भाजपा से अधिक समाजवादी और वामपंथी पार्���ी भारत में कहाँ है, बता दो!
‘सर्वहारा’ के चार अक्षर, इनके लिए ‘दलित, पीड़ित, वंचित, शोषित’ में बदल गए हैं। हर नीति केवल और केवल इन्हें ही चिह्नित कर के बनाई जाती है। वेलफेयर स्कीम के नाम पर शिक्षा और शोध का दस गुणा बजट इसी खैरात में जाता है।
हमारी बेटियों के रेप और हत्या को ये प्रेम संबंध बता देते हैं, और ऑफर देते हैं कि यदि पॉक्सो लगवाओगे तो तुम पर SC/ST एक्ट लगेगा। चरित्रहनन करना इनकी पुलिस का पसंदीदा काम है यदि लड़की सवर्ण हो।
FIR और हाउस अरेस्ट से ले कर सोशल मीडिया के पोस्ट को हटाने की धमकियाँ दी जाती रहेंगी। हम जानते हैं कि 19 मार्च को सरकार समय माँगेगी। कोर्ट, संभवतः, 7 अप्रैल के बाद का कोई डेट देगा।
बीच मे��, आपको दलितों के आंदोलन होते दिखेंगे। यूजीसी को ले कर सरकार यह कह देगी, यदि दलित समूह प्रेशर बनाते रहे तो, “हमारी सरकार बाबा साहेब के आदर्शों को ले कर प्रतिबद्ध है। किसी भी दलित के साथ अन्याय नहीं होगा। यूजीसी की नियमावली को ले कर हम सुप्रीम कोर्ट से आशा करते हैं कि वो समाज के शोषित-पीड़ित वर्ग का ध्यान रखेंगे।”
सरकार को लगता है कि लोग थक गए हैं। उनका भ्रम जनता दूर कर देगी।
मैं अब इस बात को ले कर आश्वस्त होता जा रहा हूँ कि पिछले कुछ सप्ताह से आने वाले कुछ सप्ताह तक @BJP4India अपने ही सरकार के विरोध में यूजीसी-समर्थन वाली रैलियाँ करवाएगी। एकाध रैली हिंसक हो सकती है, आगजनी या हत्या होगी।
इन रैलियों की भीड़ों को देख कर सवर्ण समाज को बताया जाएगा: देखो, दलित समाज क्या कर रहा है। इसको सवर्णों ने ही भड़का दिया है। स्टे तो मिल ही गया था, पर ये लोग दलितों को उकसाते रहे, आंदोलन करते रहे, अब सरकार करे तो क्या करे?
फिर आपको बताया जाएगा कि कैसे कॉन्ग्रेस ये वोट ले जाएगी। कैसे बसपा उठ रही है, वो इस बात को एक्सप्लॉइट करेगी। कैसे अखिलेश समाज को बाँटने में लगा हुआ है। कैसे मोदी जी ही तुम्हारी जान फलाँ नेत्री के स्टाइल में बचाए रखेंगे!
चाहे कल सामाजिक न्याय मंत्रालय द्वारा जारी किया गया नंबर हो जहाँ कहा गया है कि यदि कहीं दलित-शोषित का उत्पीड़न हो रहा है तो तुरंत सूचना दें, या फिर रावण, मौर्या समेत पटना आदि में ��ल रहे महापंचायत हों, भाजपा की योजना स्पष्ट है।
वह योजना है: सवर्णों को कहा जाए कि खून का घूँट पी लो, मोदी जी ने तुम्हें जीने दिया है। रावण को सुनो, वो तो जूते मारने वाली बात बोल रहा है। मायावती की रैली की भीड़ देखो! अरे यूजीसी क्या है? कितना केस हो जाएगा? देश की सोचो, विकसित भारत की सोचो, क्या कमजोर मोदी वो दे पाएँगे!
पार्टियाँ अलग-अलग स्तर से पतित होती हैं। सबकी अपनी राजनीति होती है। सवर्णों को स���झ लेना चाहिए कि आपकी राजनीति कहीं नहीं है। भाजपा के कई नेता पुनः इफ्तार करने लगे हैं, कुछ ने बुढ़ापे में खतना भी करा लिया होगा, कि वही दिखा कर चार वोट ले लें। सवर्ण किसी को जीत नहीं दिला सकते, इसीलिए त्याज्य हैं। आप केवल हरा सकते हैं।
यदि आपके भविष्य का गला वही पार्टी घोंट रही है, वह भी प्रपंच और राजनीति के सहारे, फिर उससे मोह कैसा? उसे वोट देने की बाध्य��ा कैसी? जब वो आपका वोट ले कर आपको लात मार रही है, फिर आप क्यों बँधे हुए हो?
पिछले दो महीनों में @narendramodi ने कितनी बार यह संकेत भी किया कि सरकार आपके हितों की बात कर रही है, सोच रही है? वो वही उद्घाटन, रैली, भाषण में व्यस्त हैं। उनकी टीम इसमें व्यस्त है कि मोदी जी वायरल हो जाएँ।
सवर्णों को केवल डराने करने के लिए बिहार पुलिस मेरे ऊपर तो FIR कर देती है, पर राजपूत की बेटी को मुगलपुत्री कहने वाली किरन यादव को ��ुछ नहीं कह पाती। वो लोग जो उस मृतका को वेश्या बना रहे हैं, वो सोशल मीडिया पर हैं। और रहेंगे!
भाजपा के नेता-प्रवक्ताओं की चुप्पी, ब्राह्मणों-संतों के वीडियो क्लिप्स को आइटी सेल द्वारा टूलकिट शैली में शेयर करना बताता है कि इनका उद्देश्य इस समस्या का समाधान नहीं, बल्कि सवर्णों को यह बताना है कि मोदी ने किया है तो कुछ सोच समझ कर ही किया होगा। मोदी चुप है यानी देश का कुछ भला होना उसका कार�� होगा।
मैं ऐसा नहीं मानता। भाजपा ने सवर्णों को त्याग दिया है कि ये न तो संगठित हैं, न इनकी कोई ग्राउंड प्रेजेंस है, न तो ये कॉन्ग्रेस आदि को वोट देंगे। अभी रूठे हुए हैं, कुछ समय बाद भूल जाएँगे।
हम भूल तो जाएँगे, पर यूजीसी नहीं, भाजपा को।