SBI ₹236,
PNB ₹295,
HDFC ₹295,
ICICI ₹295
Axis Bank ₹354
Bank of Baroda ₹236,
तक सालाना डेबिट कार्ड/ATM चार्ज वसूलते हैं।
अगर करीब 90 करोड़ डेबिट कार्ड य��जर्स से औसतन ₹250 के आस��ास भी लिया जाए, तो हजारों करोड़ रुपये हर साल वसूले जाते हैं।
UPI को “फ्री” बताने से पहले यह भी सवाल पूछिए कि डिजिटल बैंकिंग की पूरी लागत आखिर आम आदमी ही क्यों चुका रहा है?
@nsitharaman
@narendramodi
@PMOIndia
📚 विद्या संबल योजना का एक महीने का गणित देखिए..!
मान लीजिए महीने में 30 दिन हैं 👇
❌ 4 रविवार = 4 दिन छुट्टी
❌ सरकारी/त्योहारों की 2–3 छुट्टियाँ
👉 यानी करीब 6–7 दिन बिना भुगतान के!
बचे लगभग 23–24 कार्यदिवस।
अब 11वीं–12वीं का हिसाब देखिए👇
⏰ 2 पीरियड = 1.5 घंटे
💰 1 घंटे = ₹400
👉 2 पीरियड = ₹600 प्रतिदिन
यानी 24 दिन काम मिला तो👇
24 × ₹600 = ₹14,400
और छुट्टी के दिन?
❌ कोई भुगतान नहीं!
ऊपर से आने-जाने का खर्च 🚍💸
और बाकी खर्च अपनी जेब से…
तो बताइए 🤔
ये विद्या का संबल है या खर्चों का हिसाब? 😂
युवाओं की मांग एकदम साफ है ✊
❌ नहीं चाहिए विद्या संबल
✅ चाहिए नियमित एवं स्थाई शिक्षक भर्ती..
📢 सरकार होश में आओ..!
#नहीं_चाहिए_विद्या_संबल
#स्थाई_शिक्षक_भर्ती_हर_बार
विद्या संबल योजना में राजस्थान सरकार के दावों की पोल खुल रही है!
शाला दर्पण पोर्टल पर खाली पद दिखाकर युवाओं को दूर-दूर से बुलाया जा रहा है, लेकिन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (दीगोद) जैसे स्कूलों में पहुंचने पर प्रधानाचार्य और अधिकारी फॉर्म जमा करने से साफ मना कर रहे हैं। वजह बताई जा रही है कि स्कूल में बच्चों के एडमिशन ही नहीं हैं, तो सवाल यह उठ���ा है कि पोर्टल पर गलत वैकेंसी दिखाकर बेरोजगारों को क्यों परेशान किया जा रहा है?
कोटा
लंबे समय से संविधान प्रदत्त हिस्सेदारी की व्यवस्था यानी आरक्षण के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है। अब इसी मुहिम को “आरक्षण में सुधार” जैसे शब्दों की आड़ में आगे बढ़ाने की कोशिश हो रही है।
कान खोलकर सुन लो���आरक्षण कोई खैरात नहीं है। यह सदियों से सामाजिक भेदभाव और वंचना झेलते समाज को संविधान द्वारा दिया गया प्रतिनिधित्व का अधिकार है।
भारत सरकार व लखनऊ दरबार में बैठे सत्ताधीशों, कान खोलकर सुन लो—आरक्षण व्यवस्था में किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आरक्षण पर हमला यानी सामाजिक न्याय पर हमला है और सामाजिक न्याय से समझौता आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) किसी भी ��ीमत पर नहीं करेगी।
हम यह भी देख रहे हैं कि इस पूरे माहौल को बनाने में मीडिया की बड़ी भूमिका है। हमारे हितों के विपरीत विचार रखने वाले लोगों को बार-बार बुलाकर एकतरफा माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।
लेकिन याद रखिए—हमारे सब्र का इतना इम्तिहान मत लीजिए। अगर हमारी आवाज को लगातार दबाने और नजरअंदाज करने की कोशिश की गई, तो जनता लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देगी।
हम जानते हैं कि मेनस्ट्रीम म��डिया में हमारा पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है, लेकिन हमारी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। मीडिया को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर निष्पक्षता, संतुलन और जिम्मेदारी के साथ अपनी भूमिका निभानी होगी।
और आरक्षण का विरोध करने वालों को आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) खुली बहस के लिए आमंत्रित करती है।
अगर आपके पास आरक्षण के खिलाफ तर्क और तथ्य हैं, तो सामने आइए। बहस हो—तर���क से, तथ्यों से और संविधान के दायरे में।
जय भीम! जय भारत! जय मंडल!
जय संविधान! जय आरक्षण!
बताया जा रहा है कि जयपुर के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित सत्य साईं PG कॉलेज में AIAPGET परीक्षा के दौरान शुरू होने के महज 20-25 मिनट बाद बिजली गुल हो गई😳 पावर ब��कअप तक नहीं था जिसके चलते सुबह करीब 10:25 से 12 बजे तक कंप्यूटर बंद रहे और अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र में बैठे रह गए।
12 बजे समय पूरा होने का हवाला देकर छात्रों को बाहर निकाल दिया गया सालों की मेहनत पर पानी फिरने से हंगामा मच गया, 3 छात्राएं बेहोश हो गईं।
आखिर परीक्षा कराने वाली एजेंसी की इस लापरवाही की सजा छात्रों को क्यों?
वर्तमान में प्रदेश में सबसे बड़ी मांग तृतीय श्रेणी शिक्षकों के ट्रांसफर की है जिसको लेकर शहीद स्मारक पर पिछले दो दिन से शिक्षक साथी धरने पर है, अभी तक सरकार और शिक्षकों के बीच बात नहीं बन पाई है।
इस मांग को लेकर आज 4:00 बजे से
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#3rd_ग्रेड_ट्रांसफर_बहाल_करो
दूसरी तस्वीर जयपुर के शहीद स्मारक से आ रही है।
तृतीय श्रेणी शिक्षकों का तबादला आंदोलन जारी है। सुबह से शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे शिक्षकों का आरोप है कि आंदोलन खत्म कराने के उद्देश्य से बिजली बंद कर दी गई
पहुंच वालों के लिए डेप्यूटेशन, और आम शिक्षकों के लिए 8 साल से सिर्फ आश्वासन?
राजस्थान के तृतीय श्रेणी शिक्षक अब आर-पार की लड़ाई के मूड में जयपुर में डटे हैं। सरकार से ��ांग है कि 'पिक एंड चूज' बंद करे और पारदर्शी तबादला नीति लागू करे।
शिक्षक हक मांग रहे हैं, राहत दीजिए!
#तृतीय_श्रेणी_ट्रांसफर #RajasthanNews
#जयपुर
तृतीय श्रेणी शिक्षक अपनी लंबे समय से स्थानांतरण की मांग लेकर आज शहीद स्मारक पर धरने पर बैठे हैं। ये शिक्षक लंबे समय से सरकार से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है।
सरकार से आग्रह है कि शिक्षकों की जायज़ माँग को संवेदनशीलता के साथ सुना जाए। जो शिक्षक वर्षों से दूर-दराज़ क्षेत्रों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं, उन्हें स्थानांतरण का उचित अवसर दे और इस समस्या का जल्द समाधान करें।
@BhajanlalBjp@RajGovOfficial
कहीं राजस्थान में भी जंतर-मंतर जैसे हालात न बन जाएं… सरकार को तृतीय श्रेणी शिक्षकों के आंदोलन को बिल्कुल हल्के में नहीं लेना चाहिए।
तृतीय श्रेणी शिक्षक वर्षों से अपनी जायज़ ट्रांसफर की मांग कर रहे हैं। अब हजारों शिक्षक जयपुर के शहीद स्मारक पर धरने पर बैठने को मजबूर हो गए हैं, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय संवेदनहीन भाजपा सरकार आवाज़ दबाने में लगी है। बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं तक बंद कर दीं गई हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
हमारी मांग है कि सरकार को गंभीरता के साथ तुरंत शिक्षकों के प्रतिनिधियों से वार्ता कर इस मुद्दे का सकारात्मक समाधान निकालना चाहिए। अगर समय रहते संवाद नहीं हुआ, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी भाजपा सरकार की हठधर्मिता पर होगी।
@BhajanlalBjp@RajCMO
तबादला नीति लागू करवाने एवं अपनी अन्य लंबित मांगों को लेकर प्रदेशभर के तृतीय श्रेणी शिक्षक जयपुर के शहीद स्मारक पर शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं।
भाजपा ने चुनाव के समय वोट बैंक की राजनीति के लिए अपने संकल्प पत्र में 100 दिनों में शिक्षकों के लिए पारदर्शी एवं स्थानांतरण नीति लागू करने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आते ही अपने ही वादों से मुकर गई। आज ढाई साल बीत जाने के बाद भी शिक्षकों की मांगों पर संवाद करने के बजाय उनकी आवाज़ दबाने और आंदोलन को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। जो न्यायोचित एवं लोकतांत्रिक नहीं है l
सरकार अपनी हठधर्मिता छोड़कर शिक्षकों के प्रतिनिधियों से सकारात्मक संवाद करे और उनकी न्यायोचित मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए l @RajCMO@BhajanlalBjp
मोदीजी राजस्थान में शिक्षकों को बंदी बना कर क्या करोगे,क्या इनकी मांग गलत है। पानी, बिजली, मायक सब कुछ बंद कर दिया गया है। सभी अभिभावक अधिक से अधिक शहीद स्मारक जयपुर पहुंचे 🙏😢🤨
@PMOIndia@narendramodi@aajtak@abplive@rahulGandhi
तृतीय श्रेणी शिक्षक लम्बे समय से स्थानांतरण की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। आज अपनी इस जायज मांग को लेकर जयपुर स्थित शहीद स्मारक पर उन���होंने धरना भी दिया |
जब शिक्षक ही अपनी मूलभूत प्रशासनिक समस्याओं के समाधान के लिए सड़कों पर उतरने को विवश हों, तो यह सरकार की संवेदनहीन कार्यप्रणाली को दर्शाता है।
मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp से मांग करता हूँ कि इन शिक्षकों की पीड़ा को सुनते हुए जल्द से जल्द पारदर्शी रूप से तृतीय श्रेणी शिक्षकों का तबादला करने से जुड़ी मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जाये |
@RajCMO
सफदरजंग अस्पताल में भूख हडताल के 23वे दिन जब 21 जुलाई को सोनम वांगचुक जी मेदांता अस्पताल जाने के लिए अस्पताल परिसर से निकलने की कोशिश कर रहे थे तो सफदरजंग अस्पताल प्रशासन और पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की जबकि दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें मेदांता, गुरुग्राम शिफ्ट करने की इजाज़त दे दी थी