दरभंगा में नामांकन के बाद स्थानीय स्तर पर हमें बताया गया कि EVM में महागठबंधन के उमेश सहनी का क्रमांक 6, मेरा अर्थात् पुष्पम प्रिया का 7 और जनसुराज के आर के मिश्रा का 8 नंबर बटन होगा। पर 24 घंटे के अंदर उसे “ऊपर से” बदलकर 5,6,7 कर दिया गया। मशीन में शायद तय किया जा चुका था कि 6 नंबर के वोट नंबर 2 पर संजय सरावगी को ट्रांसफ़र करने हैं। पर महागठबंधन को 6 नंबर पर रखने से भंडाफोड़ हो जाता। यह जल्दबाज़ी में इनकी पहली तकनीकी चूक थी। मशीन में एक बार ट्रांसफ़र का फॉर्मूला तय हुआ तो बेचारा यह गलती सुधार नहीं पाया कि मुझे अपने हज़ारों नाते-रिश्तेदारों वाले होमटाउन दरभंगा में छोटे-छोटे निर्दलीयों से भी कम वोट आना और मुस्लिम वोटरों वाले बूथ पर रिकॉर्ड वोट बीजेपी उम्मीदवार को मिल जाना राजनीतिक व सांख्यिकीय दोनों रूप से असंभव है। मतगणना के दौरान स्वयं बीजेपी उम्मीदवार के काउंटिंग एजेंट हतप्रभ थे कि जहां से कभी वोट नहीं आया वहां वोट कैसे आ रहा है? पर नियति ने इस बार तय कर लिया है कि इनका पर्दाफ़ाश कर ही देना है। इस बार इन्होंने इतनी गलती की है और मेरे पास हर बूथ पर इतने सबूत हैं कि इनका पोल खुलना तय है। #EVM
बीजेपी की आँधी में भी एकदम ध्रुवीकृत बिस्फी में बीजेपी विधायक की हार हुई। क्या वहाँ महिलाओं के खाते में 10000 भी नहीं पहुँचे? नहीं। क्योंकि इस बार वहां मेरे जैसा तीसरा लोकप्रिय उम्मीदवार नहीं था जिसको मिलने वाला खूब सारा न्यूट्रल हिन्दू-मुसलमान वोट EVM में 2020 की तरह उसके नाम ट्रांसफ़र हो पाता। उस साल राजद की आँधी थी और उसका एक क़द्दावर नेता अपने गढ़ बिस्फी में हार गया। उस साल भी बिस्फी में दरभंगा की तरह ही मेरे स्वजनों के वोट भी बीजेपी कैंडिडेट के खाते में ट्रांसफ़र करा लिये गए थे। मुख्य विपक्षी दल/गठबंधन से इतर किसी एक तीसरे लोकप्रिय उम्मीदवार/दल के अधिकतम वोट को अपने नाम कर लेने की यह रहस्यमयी तकनीक है। तब मैं सबूत रहते हुए भी खून का घूँट पी कर रह गई थी। इस बार इन्होंने मेरे घर में ही वोटों की डकैती की है। दुस्साहस है या बाहरी व्यक्ति में जानकारी का अभाव कि दरभंगा मेरा होमटाउन है जहां मेरे हज़ारों नाते-रिश्तेदार रहते हैं? जो भी हो, इस बार EVM से वोट चुराने का पूरा पोल मैं खोल कर रख दूँगी। इस बार इन लोगों से चूक हो गई है। #EVM
“दरभंगा के किसी भी बूथ पर आज पेपर बैलेट से चुनाव करा लें। यदि उसका वोट EVM पर आए वोट के बराबर रहा या निकट भी रहा तो मैं राजनीति छोड़ दूँगी। EVM में वोट चुराने से पहले नॉन-बिहारी एजेंट को जानकारी नहीं दी गई कि इस शहर में 50 साल से राजनीति कर रहे मेरे परिवार के ही हज़ारों वोट हैं।”
EVM का पोल खुल चुका है मेरे होमटाउन में। हर दिन दरभंगा के अनेक वोटर फ़ोन कर रहे हैं, मिलने आ रहे हैं। मैं ख़ुद हर बूथ पर आपसे मिलने आऊँगी। पर इस बीच दरभंगा के सभी प्रबुद्ध वोटरों से अपील किया है कि वे मुझे संपर्क कर बताएँ कि किस बूथ, वार्ड या पंचायत में उन्होंनें मुझे वोट किया था। एक फॉर्म सारे वोटर को भेजा जा रहा है। न्यायालय और वैधानिक सारे रास्ते अख़्तियार किए जाएँगे पर सबसे बड़ी अदालत तो जनता की ही अदालत है। चलिए दरभंगा को चोरों से मुक्ति दिलाते हैं और देश का लोकतंत्र बचाते हैं।
https://t.co/C8LFU4bibx
पूरा वीडियो देखिएगा। तब पता चलेगा कि संजय सरावगी और उनके पाले हुए गुंडे किस स्तर के झूठे, मक्कार और ख़तरनाक हैं। ये लंपट भगवान परशुराम का भी अपमान कर रहे हैं। सरावगी जी ने इनको खूब सम्मान और पावर दे रखा है। एक-दूसरे को संत बता रहे हैं ये। इनकी संतई देखिए कि कैसे एक 23 साल के स्थानीय ब्राह्मण युवक को जानवरों की तरह मार रहे हैं। वो मर जाता अगर थोड़ी भी देर होती। हमें यह लिखना पड़ रहा है क्योंकि ये झूठे, मक्कार लोग पूरे समाज का नाम ख़राब कर रहे हैं। बाकी हमने शिकायत कर दी है और हमें क़ानून पर भरोसा है। संजय सरावगी को दरभंगा की जनता हराए यही सबसे बड़ा न्याय होगा।
मेरा शहर। खुले रिक्शे में स्कूल जाती थी। आज खुली जीप में हूँ। किसी गुंडे को दिक्कत है तो रहे। शिव के धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने वाली माँ सीता का खून है हमारे अंदर। हमारी माँ रावण से नहीं डरीं तो संतान कायर गुंडों से डरेगी? आ जाओ खुली सड़क पर, इस बार साधु का भेष बनाकर मत आना।
प्रधानमंत्री @narendramodi जी आपके पार्टी के लोगों में अब इतना डर एक बेटी @pushpampc13 का हो गया है कि लाइव कार्यक्रम में हमारे लोगों पर हमला किया जा रहा है वो भी आपके विधायक की उपस्थिति में। @ECISVEEP बाकी आप मौन रहिए । याद रखिएगा बेटी का अपमान नहीं सहेगा मिथिला।
कार्यक्रम में विधायक के गुंडे कुर्सी क़ब्ज़ा कर बैठे हुए थे और पुष्पम प्रिया चौधरी जी को सामने पाकर अमर्यादित टीका-टिप्पणी करते रहे। जैसे ही संजय सरावगी कार्यक्रम में पहुँचे वे उत्तेजित होने लगे। गाली-गलौज और धक्का-मुक्की करते-करते वे तुरंत मारपीट पर उतर गए। सब पूर्वनियोजित था।
अभी-अभी दरभंगा में एक लाईव टीवी डिबेट में स्थानीय विधायक श्री संजय सरावगी के गुंडे हमारे कार्यकर्ताओं पर टूट पड़े और हार से डरे हुए विधायक के सामने ही बेखौफ मारपीट की। वे बैठ कर तमाशा देखते रहे और उल्टा कुतर्क करते रहे। यही मिथिला और उसकी बेटी का सम्मान है बिहार के गुंडाराज में।
दरभंगा में चुनावी अभियान के रास्ते आज कुछ मिनटों के लिए मिल्लत कॉलेज पर रुकना हुआ। यहाँ वर्षों पहले मेरे दादाजी स्वर्गीय उमाकांत चौधरी हिन्दी के प्रोफेसर हुआ करते थे। कॉलेज ही नहीं पूरे दरभंगा में एक ऐसी पीढ़ी है जो अभी भी मुझे “उमा बाबू की पोती” के रूप में देखती है। बाबा और उनके मिल्लत कॉलेज के प्रोफेसर दोस्तों के साथ मेरे बचपन की कई खूबसूरत यादें हैं। वे तब खूब गौरवान्वित हुआ करते थे जब उनके दोस्तों के अंग्रेज़ी में कुछ सुनाने के आदेश पर मैं शेक्सपियर का मैकबेथ और ओथेलो जैसा पूरा प्ले सुना दिया करती थी। मेरे बाबा अपने साथी लीडर नीतीश कुमार के 2005 में सीएम बनने के एक सप्ताह बाद ही इस दुनियां से चल बसे थे। दरभंगा के इस चुनाव के अनुभव ने 20 साल का एक पूरा पहिया वापस घुमा दिया है।
दरभंगा विधानसभा चुनाव 2025: पलूरल्स, पुष्पम प्रिया चौधरी द्वारा दरभंगा के लिए घोषणा पत्र।
प्रिय दरभंगा के सम्मानित नागरिकों,
दरभंगा — बिहार की सांस्कृतिक राजधानी और मिथिला की हृदयस्थली — आज अपनी गौरवशाली परंपरा और समृद्ध विरासत के साथ-साथ अनेक आधुनिक चुनौतियों से जूझ रही है।
हमारा शहर, जो कभी ‘द्वार बंगा’ ( बंगाल का द्वारा के नाम से जाना जाता था, आज संकुचित सड़कों, ट्रैफिक जाम, अतिक्रमण और जलजमाव जैसी समस्याओं से त्रस्त है। हमारे तीन प्रमुख तालाब — दिग्घी, हराही और गंगासागर — जो कभी जल संरक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र थे, अब अतिक्रमण और प्रदूषण की चपेट में हैं। इन तालाब को जोड़ने की योजना वर्षों से खटाई में पड़ी है.
डीएमसीएच की व्यवस्था कमजोर है; पार्कों की कमी से बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों को स्वस्थ वातावरण नहीं मिल पा रहा। शहर के ऐतिहासिक क्षेत्रों में ‘नो व्हीकल जोन’ न होने के कारण हमारी धरोहरें खतरे में हैं। दरभंगा राज परिसर की स्थिति दयनीय है, राज मैदान में जलजमाव और गंदगी का अंबार लगा है, और दरभंगा टावर अपनी पुरानी गरिमा खो चुकी है।
दरभंगा एयरपोर्ट की सफलता के बावजूद उस क्षेत्र में सुरक्षित यातायात, सीसीटीवी निगरानी और स्वागत द्वार का अभाव खटकता है। शहर में ट्रैफिक सिग्नलों की अनुपस्थिति भी व्यवस्था को अव्यवस्थित बनाती है।
यह घोषणापत्र इन समस्याओं के समाधान का हमारा ठोस संकल्प है। हमारा विज़न है — “एक स्वच्छ, सुंदर, यातायात सुरक्षित और स्वस्थ दरभंगा”, जहाँ हर नागरिक गर्व से सिर ऊँचा कर सके।
हमारी सभी योजनाएँ स्थानीय आवश्यकताओं पर आधारित हैं, और इनके सफल क्रियान्वयन हेतु नगर निगम, राज्य सरकार तथा सामुदायिक भागीदारी को सशक्त बनाया जाएगा।
1. ट्रैफिक समस्या का समाधान: सुगम और सुरक्षित सड़कें,
शहर के प्रमुख चौराहों पर स्मार्ट सिग्नल सिस्टम और सुरक्षित ट्रैफिक प्रवाह लागू किया जाएगा।
20 नए ई-रिक्शा एवं बाइक पार्किंग जोन विकसित किए जाएंगे, ताकि पैदल यात्रियों को सुरक्षा मिले। शहर में जहां तहां ठेला, खोमचा लगाने पर जुर्माने की व्यवस्था होगी।
लक्ष्य: 2 वर्षों में ट्रैफिक जाम में 60% की कमी।
2. अतिक्रमण हटाओ: शहर को मुक्त और व्यवस्थित बनाओ.
विशेष अतिक्रमण-निवारण दस्ता गठित कर 6 माह के भीतर प्रमुख सड़कों एवं सार्वजनिक स्थलों से अतिक्रमण हटाया जाएगा।
भूमि माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी; जीपीएस मैपिंग द्वारा अतिक्रमण की निगरानी होगी।
प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास और रोजगार की व्यवस्था की जाएगी।
लक्ष्य: सार्वजनिक भूमि को 100% अतिक्रमण-मुक्त बनाना।
3. जलजमाव उन्मूलन: वर्षा ऋतु में सूखा और सुरक्षित शहर।
नए ड्रेनेज नेटवर्क का निर्माण किया जाएगा, जिसमें रेन वाटर हार्वेस्टिंग पम्पिंग सिस्टम जोड़ा जाएगा।
सभी प्रमुख तालाबों को वर्षा जल भंडारण हेतु जोड़ा जाएगा, ताकि पानी का समुचित प्रबंधन हो सके।
जलजमाव प्रभावित क्षेत्रों में पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।
लक्ष्य: 1 से 2 वर्ष में 80% जलजमाव प्रभावित क्षेत्रों को राहत दिलाना।
4. तीन प्रमुख तालाबों का पुनरुद्धार: विरासत को पुनर्जीवित करना।
दिग्घी, हराही और गंगासागर तालाबों से अतिक्रमण हटाकर व्यापक सफाई अभियान चलाया जाएगा।
सीवेज जल को तालाबों से डायवर्ट किया जाएगा और किनारों पर हरित पट्टी, वॉकिंग ट्रैक एवं बच्चों के लिए प्ले एरिया बनाए जाएंगे।
वर्षा जल संचयन और मत्स्य पालन को प्रोत्साहित किया जाएगा।
लक्ष्य: 24 महीनों में इन तालाबों को पर्यटन स्थलों के रूप में विकास कऽ अकार देना।
5. अस्पताल व्यवस्था में सुधार:
24x7 एम्बुलेंस सेवा और 48 वार्डों में मोबाइल मेडिकल वैन की शुरुआत।
6. पार्क निर्माण: हरा-भरा और स्वस्थ दरभंगा
पार्कों का निर्माण, जिनमें जॉगिंग ट्रैक, योग केंद्र और बच्चों के लिए स्विंग की सुविधा होगी।
रामबाग किला परिसर जैसे मौजूदा संरचना का संरक्षण, सौंदर्यीकरण और प्रकाश व्यवस्था।
सभी प्रमुख स्थलों पर सोलर लाइटिंग और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था।
लक्ष्य: प्रत्येक वार्ड में कम से कम एक पार्क उपलब्ध कराना।
7. नो व्हीकल जोन: रामबाग के प्रवेश द्वार से राज मैदन और दरभंगा के चौरंगी से महाराजा महेश ठाकुर की प्रतिमा स्थल तक नो व्हीकल जोन!
फाइन सिस्टम द्वारा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
लक्ष्य: सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना।
हमारा संकल्प:
यह घोषणापत्र केवल वादों का दस्तावेज़ नहीं, आइए, मिलकर बनाएँ — एक नया, आधुनिक और गौरवशाली दरभंगा!
यह सभी कार्य दरभंगा के सम्मानित जनता के सहयोग और समर्थन से संपादित होगा!
जय मिथिला! जय बिहार!
#बीजेपी
#जेडीयू
#दप्पा
#जनसुराज
#राजद
दरभंगा के नवटोलिया रायसाहब पोखर में उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। अंतिम बार पिता के साथ साल 2020 में इस घाट पर आई थी, इसलिए यहाँ से व्यक्तिगत यादें जुड़ी हैं। अब परमपिता सूर्य ही हमारे पिता हैं।
आज शाम दरभंगा राज के ऐतिहासिक कंकाली मंदिर में दरभंगा को बदलने और पूरे जान-प्राण से इस महान शहर के गौरव वापसी की सौगंध ली। पूरे बिहार और देश-विदेश में दरभंगा के मान को पहले की भांति स्थापित कराने का मेरा देवी काली को वचन है।
मैं जीवन में खुद से जो भी कर लूँ, अपने शहर दरभंगा की एक पीढ़ी के लिए मैं हमेशा “विनोद भाई जी” की बेटी ही रहूँगी। कोई ऐसा मुहल्ला या बाज़ार नहीं है, जहाँ जाति, धर्म, समुदाय से परे एक खास उम्र के लोगों ने रोक कर मुझे यूँ न कहा हो कि “ओह तुम तो विनोद भाईजी की बेटी हो, कितनी बड़ी हो गई है”। मेरे पिता ज़िंदादिल व्यक्ति थे। यूनिवर्सिटी से लेकर राजनीति तक उनकी ख़ुशमिज़ाजी ही उनका जीवन रहा। वे भले आज नहीं हैं और उनकी पार्टी भले अलग रही हो, पर वे हमेशा मेरे लिए सबसे बड़े स्टार प्रचारक रहेंगे।
दरभंगा के विधायक के रूप में मेरी प्राथमिकता सिर्फ लोगों के सुख-दुख में शामिल होने की नहीं, बल्कि उनकी समस्याओं का असली समाधान करने की होगी - बिना भेदभाव के, बिना जाति-धर्म देखे, बिना यह देखे कि किसी ने वोट दिया था या नहीं।
इन बच्चों के भविष्य के लिए विकास की सीटी को चुनिए। सभी को देख रहे है सब बस लूटना चाहते है, प्लुरल्स पार्टी ही एक ऐसी पार्टी है जो सही में विकास के लिए आई है, सही लोगों के साथ । कोई तमाशा नहीं, कोई झूठा प्रचार नहीं, बस सीटी बजाइए, विकास लाइए।