Good news for Prepaid Mobile Users in India
The Govt just introduced Telecom Consumer Protection (Thirteenth Amendment) Regulations, 2026, consumers will now have:
• 30-day recharge plans, reducing the need for 13 monthly recharges to 12 in a year
• Voice and SMS-only plans for those who do not need data
• More suitable options for low-budget consumers who primarily need basic voice calls
Many of you had shared your concerns with me about limited and inflexible recharge options. I raised this issue in Parliament on 11th March, seeking greater choice and more affordable options for consumers.
I am grateful to the Government of India and TRAI for resolving these concerns in the interest of greater consumer choice and convenience.
@aksharmaBharat@UPPCLLKO@PuVVNLHQ@PUVVNLPRTAPGARH@dmpratapgarh महोदय भोजपुर बिहारगंज लाइन में केबल होने के २ साल बाद भी आज तक अर्थ लाइन खींची गई ३ ४ बार शिकायत के बाद भी आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई।
समस्या का निस्तारण करने का निर्देश दे।।
बड़ी कृपा होगी
सूर्यवंश शिरोमणि प्रभु श्री रामलला के दिव्य भाल पर विराजित यह स्वर्णिम 'सूर्य तिलक' आस्था, आत्मगौरव और अध्यात्म का आलोक है।
यह तिलक सनातन संस्कृति की शाश्वत चेतना को जागृत करता हुआ, भारत के जन-जन के हृदय में श्रद्धा, शक्ति और स्वाभिमान का संकल्प-सूर्य प्रज्वलित कर रहा है। यह भारत को उसकी मूल आत्मा से पुनः जोड़ रहा है।
प्रभु श्री राम के दिव्य 'सूर्य तिलक' का आलोक 'विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत' के संकल्पों को दिशा दे रहा है। क्योंकि जहां राम हैं, वहीं राह है, और वहीं भारत उजास बनकर जगमगाता है।
जय जय श्री राम
जिस श्री अयोध्या धाम में पहले जाने पर पुलिस की लाठियां मिलती थीं, गोलियां मिलती थीं, सरकार की प्रताड़ना मिलती थी, दुर्व्यवस्था मिलती थी,
आज वह श्री अयोध्या धाम दुनिया की सुंदरतम नगरियों में से एक बन गई है, भगवान श्री राम के भव्य मंदिर का निर्माण हो गया है...
राजभवन बेंती, कुंडा में दीपों की अद्भुत छटा ✨
जनसत्ता दल सुप्रीमो माननीय श्री राजा भइया जी के निवास पर दीपावली की भव्य सजावट 🪔
सनातन धर्म के प्रकाश पर्व की पूर्व संध्या पर आलोकित बेंती राजभवन 🚩
जय सियाराम 🙏
#Rajabhaiya#Jansattadal#Deewali#Deepavali#Deepawali #Deepawali2025
समस्त देशवासियों को 79वें 'स्वतंत्रता दिवस' की हार्दिक बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएं...
देश की एकता,अखंडता और स्वाभिमान के लिए दिन-रात एक करने वाले वीर जवानों को भावपूर्ण नमन करता हूं!!
@UPPCLLKO Pratapgarh chilbila powar house s voltage aaj 5 din s itna down h ki log pareshan h aur lineman s puchho to kahta h barish hogi tb sahi ho jayega...
@AKSharmaOffice@dmpratapgarh@aajtak@myogiadityanath
Koi h jo sun le...
Ya sirf meeter reading hi lena h
माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री @AmitShah जी के साथ @Uppolice में आरक्षी नागरिक पुलिस के पद पर चयनित 60,244 अभ्यर्थियों को नियुक्ति-पत्र प्रदान करने हेतु लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में... https://t.co/d5tllWcqOr
'दीपोत्सव-2024' के पावन अवसर पर 'राममय' श्री अयोध्या धाम ने 25 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित करने के साथ ही पुनः सर्वाधिक दीप प्रज्वलन का विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर सनातन संस्कृति का जयघोष किया है।
साथ ही, माँ सरयू जी की एक साथ 1 हजार 121 श्रद्धालुओं ने आरती का सौभाग्य प्राप्त कर एक और विश्व कीर्तिमान भी स्थापित कर दिया है।
पूज्य संत जन/धर्माचार्यों के आशीर्वाद तथा श्रद्धालुओं व रामभक्तों के प्रयासों से अर्जित इस उपलब्धि की सभी को बधाई!
जय जय श्री राम!
भाई-बहन के अटुट स्नेह और विश्वास के महापर्व की आप सभी को अनंत बधाई।।।
भाई-बहन का स्नेह और विश्वास ऐसे ही हमेशा बना रहें।।
भगवान भोलेनाथ आप सबकी सारी मनोकामनाएं पुरी करें।।।।
#रक्षाबंधन#सावनसोमवार
हर जगह, हर पोस्टर में तिरंगा लगाना जरूरी नहीं या तो हर पोस्टर में तिरंगा का चित्रण नहीं करें, और अगर लगाएं तो उसका पूरा सम्मान करें।
बजरंग पुनिया को तिरंगा बने पोस्टर पर जूते पहनकर नहीं चढ़ना था। ये गलत है!
विश्व इतिहास गवाह है कि विभिन्न देशों में सत्ता के ख़िलाफ़, उस समय की कसौटी पर, सही-गलत कारणों से हिंसक जन क्रांतियाँ, सैन्य तख़्तापलट, सत्ता-विरोधी आंदोलन विभिन्न कारणों से होते रहे हैं। ऐसे में उस देश का ही पुनरुत्थान हुआ है, जिसके समाज ने अपने सत्ता-शून्यता के उस उथल-पुथल भरे समय में भी अपने देशवासियों की जान-माल व मान की रक्षा करने में जन्म, धर्म, विचारधारा, संख्या की बहुलता-अल्पता या किसी अन्य राजनीतिक विद्वेष या नकारात्मक, संकीर्ण सोच के आधार पर भेदभाव न करके सकारात्मक-बड़ी सोच के साथ सबको एक-समान समझा और संरक्षित किया है।
देश और देशवासियों की रक्षा करना हर देश का कर्तव्य होता है। सकारात्मक मानवीय सोच के आधार पर, एक व्यक्ति के रूप में हर निवासी-पड़ोसी की रक्षा करना भी हर सभ्य समाज का मानवीय-दायित्व होता है, फिर वह चाहे किसी काल-स्थान-परिस्थिति में कहीं पर भी हो।
विशेष रूप से रेखांकित करने की एक बात इतिहास ये भी सिखाता है कि किसी और देश के राजनीतिक हालातों का इस्तेमाल जो सत्ता अपने देश में अंदर, अपनी सियासी मंसूबों को पूरा करने के लिए करती है, वो देश को आंतरिक और बाह्य दोनों स्तर पर कमज़ोर करती है।
कई बार किसी देश के आंतरिक मामलों से प्रभावित होने वाले, किसी अन्य देश द्वारा एकल स्तर पर हस्तक्षेप करना वैश्विक राजनयिक मानकों पर उचित नहीं माना जाता है, परंतु ऐसे में उस प्रभावित देश और उसके अपने सांस्कृतिक रूप से संबंधित व्यक्तियों की चतुर्दिक रक्षा के लिए, उस देश को अपनी मूक विदेश नीति को सक्रिय करते हुए, विश्व बिरादरी के साथ मिलकर साहसपूर्ण सकारात्मक मुखर पहल करनी चाहिए, जिससे सार्थक समाधान निकल सके। जो सरकार ऐसे में मूक-दर्शक बनी रहेगी, वो ये मानकर चले कि ये उसकी विदेश नीति की नाकामी है कि उसके सभी दिशाओं के निकटस्थ देशों में परिस्थितियाँ न तो सामान्य हैं और न उसके अनुकूल। इसका मतलब है कि ‘भू-राजनीतिक’ नज़रिये से उसकी विदेश नीति में कहीं कोई भारी चूक हुई है। सांस्कृतिक-निकटस्थता के सूत्र से एक बड़े भौगोलिक क्षेत्र को बांधकर आपसी समझबूझ और भाईचारे से ही विश्व के विभिन्न अशांत भू-खंडों में अमन-चैन लाया जा सकता है।
सकारात्मक सोच से जन्मा सौहार्द एवं शांति ही मानवीय समृद्धि का मार्ग है