अभी तीन चार दिन पहले एक कार्यकर्म के दौड़ना @ARanganathan72 साहब पूछ रहे थे आखिर ऐसा क्यों है कि संपूर्ण भारत में अकेले एक पेरिस शहर की बराबर भी टूरिस्ट नहीं आता |
अकेले पेरिस शहर में लगभग बीस मिलियन टूरिस्ट साल भर में आते हैं जबकि पूरे भारतवर्ष में इसके आधे भी टूरिस्ट साल भर में क्यों नहीं आ पाते |
असल वजह यह है कि जब टूरिस्ट भारत में आते हैं तो उन टूरिस्ट्स और महिलाओं से जाहिलों की भीड़ द्वारा पूछा जाता है कि एक शॉट का कितना लेगी | 😡😡
और यह बात पूछी भी उस अजमेर में जाती है जिसका इतिहास में हमारे देश की किताबों में लिख कर सरकार बच्चों को पढ़ाती है | 😡😡
जब इन टूरिस्ट के साथ यह होता है और इस होते हुए की वीडियो बना कर वह लोग अपने देश में ले जाते हैं तब दिखाते हैं सबको कि देखो हमसे पूछ रहा कि एक शॉट का कितना लोगी | 😡😡
@BhajanlalBjp साहब हम इन जाहिलों को तो इजरायली महिला के साथ बत्तमीजी करते नहीं रोक पाए | पर इनके लंगड़ी चाल से जरूर आगे के लिए सबके कान हो जाएंगे |
@IgpAjmer पुलिस आपसे बस यही निवेदन है कि इन जाहिलों का इलाज ऐसा बाँधा जाये ताकि भविष्य में इनके इलाज को देख कर कोई भी टूरिस्ट्स महिलाओं से अभद्रता करने की हिम्मत ना कर सके |
UPITS में एक ही छत के नीचे दिख रहा है बदलते उत्तर प्रदेश का नया चेहरा—ODOP के हुनर से लेकर One District One Cuisine के स्वाद और डिफेंस कॉरिडोर से एडवांस मैन्युफैक्चरिंग तक।
यूपी के हुनर, उद्योग और संभावनाओं की शानदार झलक!
#UPITS_Unplugged
अरे भाई, वो धर्मेंद्र प्रधान नहीं, CEC ज्ञानेश कुमार हैं! 😀
ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर CJP ने 2 अक्टूबर को मुंबई में प्रदर्शन का ऐलान किया था। खबर है कि मुंबई पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी।
अब जरा गणित समझिए...
चुनाव आयोग का मुख्यालय दिल्ली में, संसद दिल्ली में, तमाम राजनीतिक दलों के बड़े नेता दिल्ली में और मुद्दा भी चुनाव आयोग से जुड़ा है।
फिर प्रदर्शन मुंबई में क्यों?
शायद दिल्ली में प्रदर्शन करने से बात उतनी दूर तक नहीं पहुँचती! 😄
या फिर असली लक्ष्य प्रदर्शन से ज्यादा राजनीतिक पहचान बनाना है?
अभिजीत दीपके को नेता भी तो बनना है... और उसके लिए हर राज्य में आंदोलन का अध्याय खोलना भी जरूरी है!
गांधी जी की तरह हर राज्य में पदयात्रा नहीं तो कम-से-कम प्रदर्शन यात्रा ही सही। 😀
एग्जैक्ट लोकेशन को पता नहीं लेकिन इतना जरूर पता है कि जाहिलों द्वारा मंदिर में घुस कर बुजुर्ग पुजारी को पीटने वाला वीडियो राजस्थान के किसी शहर का है |
हिंदुओं ज्यादा कुछ ना हो सके तो राजस्थान के मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp तक पहुंचा देना ये यह जाहिल किसी भी समाज के क्यों ना हो इनका इलाज बंधवा देना | 😡😡
इन जाहिलो को मंदिर में बजने वाले भजन से समस्या थी जिसका समाधान करवाने की बजाए इस जाहिल लड़के ने बुजर्ग पुजारी के गाल पर तमाचा मार दिया | 😡😡
इस वीडियो को देख कर मन बहुत दुखी और गुस्से से भरा हुआ है | क्योंकि ना जाने किसका बीज है जिसको यह हिंदू बुजुर्ग की उम्र का लिहाज भी नहीं हुआ |
Neighbors of the adjoining temple protested the Bhajan being played in the Temple and complained about the sound levels
Later, they beat up the Pujari of the temple
Shameful!
Rajasthan Police should take action against the culprits @RajPoliceHelp@RajCMO
Shocking from Jaipur 🚨
A Jaipur student beat up a mandir pujari because aarti was being played on a loudspeaker.
Violence against a priest inside a temple is unforgivable.
@PoliceRajasthan He must be punished without delay!
5 अक्टूबर पास आ रही है...!
अब कैलेंडर की तारीखें भी शायद थोड़ा सोच-समझकर पलटनी पड़ रही हैं। 😄
श्रीमान केजरीवाल के बयानों में अगर इन दिनों थोड़ी बेचैनी, बदहवासी या बेचैनी की अतिरिक्त परत दिखाई दे, तो ज्यादा दार्शनिक विश्लेषण की जरूरत नहीं।
कभी-कभी अदालत की तारीख भी ऐसी होती है कि
नींद आने से पहले सवाल आने लगते हैं,
और नींद आ जाए तो सपनों में भी अगली तारीख नहीं मिलती! 😂
मामला यह है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने CBI की चुनौती पर सुनवाई के लिए 5 और 6 अक्टूबर तय किए हैं और साफ किया है कि आगे और स्थगन नहीं दिया जाएगा।
अब तक राजनीति में बहुत कुछ कहा जा चुका है...
कौन पीड़ित है, कौन प्रताड़ित है,
कौन षड्यंत्र देख रहा है, कौन साजिश...
लेकिन 5 अक्टूबर को शायद माइक से ज्यादा महत्वपूर्ण होंगे दस्तावेज़, दलीलें और अदालत के सवाल।
इसलिए फिलहाल बस इतना कहिए:
“तारीख पर तारीख” का दौर खत्म...
अब तारीख पर तर्क होगा! 😄
और अगर बेचैनी बढ़े तो घबराइए मत...
5 अक्टूबर अभी कैलेंडर में है,
लेकिन उसकी आहट शायद कुछ लोगों की नींद में पहले ही पहुँच चुकी है! 😉
Big Expose:
Arvind Kejriwal’s new right-hand man and Abhijeet Dipke’s boss, Ajinkya Sinde, is planning to use minors in protests because police can't arrest them, and minors work as a shield for them.
I request @MumbaiPolice@HMOIndia to book Ajinkya Sinde under the POSCO Act.
दुनिया एक बड़े संकट का सामना कर रही है - तेल, ऊर्जा, खाद, भोजन और वित्त। दुनिया के नीति-निर्माता और युद्ध भड़काने वाले यह नहीं कह सकते कि उन्होंने दुनिया पर अपने कामों के असर का अंदाज़ा नहीं लगाया था।
: एस जयशंकर, विदेश मंत्री, भारत
यह मजहबी राजस्थान के प्रतापगढ़ से नाबालिक हिंदू बच्ची को अपने साथ भगा कर ले जा रहा था जिसको रेलवे स्टेशन पर ही बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पकड़ लिया |
मजहबी के सामने कैमरा चालू कर पूछा गए कि किसके कहने पर बच्चों को ले जा रहा है तो मजहबी बेखौफ बोला कि मौलवी साहब के कहने पर | 😡😡
जाहिल खुल कर बता रहा था कि बच्ची को साथ भगा कर ले जाने के लिए एक लाख रुपए मिलेंगे और एक लाख रुपए देने का वायदा मौलवी ने किया है | 😡😡
@BhajanlalBjp साहब कृपया देखो आपके राजस्थान में किस स्तर का मजहबीकरण हो रहा है हिंदू बच्चियों का |
वह तो भला हुआ कि बजरंगदल के कार्यकर्ताओं ने समय रहते इसको पकड़ लिया अन्यथा एक और हिंदू बच्ची का भविष्य जिहाद का शिकार हो जाता |
Please save this thread as a screen recording or in PDF format and share it as much as possible
This thread is the reason why they want to silence me.
#ISupportVijayPatel
₹81 लाख के आरोप ने पत्रकारिता की निष्पक्षता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता महेश जेठमलानी ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान कांग्रेस ने इंडियन एक्सप्रेस को ₹81 लाख दिए।
अगर यह रकम महज विज्ञापन थी, तो उसका पूरा हिसाब सामने रखिए।
अगर इसके पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं था, तो स्पष्ट कीजिए।
लेकिन सवाल दबाने से सवाल खत्म नहीं होता।
कलम अगर सत्ता से सवाल पूछती है, तो उसे अपने वित्तीय संबंधों पर उठे सवालों का जवाब भी देना चाहिए।
₹81 लाख का हिसाब दीजिए।
पारदर्शिता रखिए।
वरना पत्रकारिता की निष्पक्षता पर उठते सवाल और तीखे होंगे।
लोकतंत्र में खबर बिकती नहीं, विश्वसनीयता अर्जित करती है।