आज तक भारतीय इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ होगा कि एक ही भर्ती प्रक्रिया के लिए दो एजेंसी अलग अलग exam ले। पहला BPSM द्वारा,उसमे पास कर जॉब ले लिए तो अब कहा जा रहा है BELTRON से भी पास करना अनिवार्य होगा, जबकि विज्ञापन में BELTRON से दक्षता परीक्षा पास करने का कही भी जिक्र नहीं है।
कार्यपालक सहायक की भूमिका अहम पायदान पर है,दिन रात एक कर के पूरी लगन के साथ सरकार की तमाम योजनाओं का धरातल पर उतारने का काम किया, फिर भी सरकार हमलोगों के प्रति दमनकारी की नीति अपनाई जा रही है। ये भविष्य के लिए बहुत ही खेदजनक बात है,जबकि सरकार के नियमावली के अनुसार नियोजन हुआ है।
बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी (सामान्य प्रशासन विभाग)बिहार पटना के आला अधिकारी पर CBI की जांच होनी चाहिए ऐसा प्रतीत होता है कि इन अधिकारियों के द्वारा कार्यपालक सहायक के एग्जाम हेतु बेल्ट्रॉन से अरबों का DEAL कर लिया है।
#कार्यपालक_सहायकों_की_दक्षता_परीक्षा_रद्द_करें
एक तरफ कोरोना महामारी में सरकार रोजगार की बात कर रही है, वही दूसरी तरफ इस कोरोना महामारी में हर जगह अपने जान जोखिम में डाल कर सरकार द्वारा दिये गए कार्य को निष्पादित किये कार्यपालक सहायक को बेल्ट्रान से दक्षता परीक्षा ले कर सेवा से बाहर करना चाहती है।
@NitishKumar@tarkishorepd
#कार्यपालक_सहायकों_की_दक्षता_परीक्षा_रद्द_करें
परीक्षा में सफल होने के उपरांत बिहार के विभिन्न विभागों में जुलाई2019से नियोजित होकर कार्यरत कार्यपालक सहायकों से सेवा में बने रहने के लिए बेल्ट्रोन के माध्यम से पुनः परीक्षा लेना विज्ञापन/संविदा नियम के खिलाफ यह एक तुगलकी फरमान है।
'बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन' के तहत हुई कार्यपालक सहायकों की बहाली के 10 साल सेवा के बाद अचानक सरकार को लगा कि ये दक्ष नहीं हैं,इसलिए इनकी दक्षता परीक्षा होगी। मुख्यमंत्री जी! अगर ये दक्ष नहीं थे तो 10 साल आपका काम कैसे चला?@NitishKumar@AnupamConnects@ChitranjanGaga1
एक बार परीक्षा देकर सरकारी विभाग में नौकरी किया । फिर कोरोना महामारी काल में तन-मन के साथ बिहार सरकार का कार्य को सफल किया! जिला पदाधिकारी द्वारा एक ही पैनल से अलग - अलग नियम क्यों? दोबारा परीक्षा क्यों ? एक ही पैनल से कुछ व्यक्ति का परीक्षा और कुछ व्यक्ति का परीक्षा क्यों नहीं?
2)- दक्षता परीक्षा के नाम पर टार्चर कर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने पर क्यों उतारू हो गए हैं? अगर वो दक्ष नहीं है तो इतने दिनों से आपके कार्यालय का काम कौन संभाल रहा था,अगर थोड़ी सी भी नैतिकता बची हो तो अविलंब इस आदेश को रद्द करवाएं।
@NitishKumar
1)-माननीय मुख्यमंत्री जी,@NitishKumar जिला पदाधिकारी द्वारा गठित चयन समिति के माध्यम से हर जिले में आरक्षण रोस्टर का पालन करते हुए विभिन्न विभागों में कार्यपालक सहायकों का नियोजन हुआ है और इस कोरोना महामारी में अनेकों कार्यपालक सहायक काल के गाल में समा गए और जो बचे हैं उन्हें आप
इस पिता की पीड़ा को मैं कैसे दूर कर सकूं? काश मैं इनके बेटे का जीवन बचा पाता! ऑक्सीजन के बिना एक और संभावनाशील युवा का असमय अंत हो गया!
नीतीश जी आप इतने निर्मम कैसे हो गए? भाजपा के साथ जाकर निर्लज्जता की पराकाष्ठा पार कर दी आपने?! @NitishKumar
5 घंटे से गांधी मैदान थाने में बैठा रखा है।
इतनी देर में कितने लोगों के लिए ऑक्सीजन हॉस्पिटल बेड, रेमडीसीवीर आदि का प्रबंध कर पाता!
कितनी जिंदगी बचाने का प्रयास कर पाता!
@NitishKumar जी जो करना है जल्दी करें!
आप भाजपा के दबाव में क्रूरता की हद न पार करें!
इतिहास माफ नहीं करेगा!