@LoharuJ लोहारू में सुविधा होते हुए भी ट्रेनों के आवागमन की उद्घोषणा तक नहीं की जाती। तो ऐसे स्टेशन को सुविधाएं उपलब्ध कराने का क्या लाभ जहाँ सुविधाओं का उपभोग ही ना किया जाता हो
एक बार एक आगंतुक को आशा थी कि उसे सम्मानित अत��थि माना जाएगा। उसने कहा कि मैं यहाँ पहले भी आया करता था और उसे बहुत धन दिया है। नर्तकी ने उसे नहीं पहचाना और अपने नौकर से कहा देखो यह किसमें है।
तब नौकर ने जवाब दिया,"तीन में न तेरह में, न सेर भर सुतली में, न करवा भर राई में।"😂 ३/३
मुसलमानों ने फलाने को इतने वोट दिए, ढिमाके को इतने वोट दिए ये बात सिर्फ ध्रुवीकरण बढ़ा कर वोट खींचने का जरिया है जबकि किसी को वोट देना न देना उसका संवैधानिक अधिकार है. सवाल होना चाहिए कि राष्ट्रवादी माईबाप के होते हुए ��िर्फ माइनॉरिटी के नाम पर पैसा जा ही क्यों रहा है? खैर..
"बीस वर्ष की आयु में व्यक्ति का जो चेहरा रहता है, वह प्रकृति की देन है, तीस व���्ष की आयु का चेहरा जिंदगी के उतार-चढ़ाव की देन है, लेकिन पचास वर्ष की आयु का चेहरा व्यक्ति की अपनी कमाई है।" -(अष्टावक्र)
हरियाणा के गाँवों के ज्यादातर लड़के चाहें कितने भी माडर्न कपड़े पहन ले या ऐसी माडर्न जगह जाऐ अपणे साथ एक अंगौ��ा तो रख ही लेते हैं, बुजुर्गों की खंडगो पगड़ी की पंरपरा को थोड़ा तोड़ मरोड़ के सही पर जिंदा तो रखा ही हुआ हैं युवा पीढ़ी ने...
"देश से बड़ा कोई नहीं होता, न कोई पिता, न कोई पुत्र और न ही कोई प्रतिज्ञा। देश के हितों से बड़ा तो राजा का कोई हित हो ही नहीं सकता। याद रखो देश की सीमाएँ माँ के वस्त्र के समान आदरणीय है। अतः प्रत्येक संतान का कर्तव्य है कि वह इसकी रक्षा करे।"
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-(भीष्म पितामह, सम्राट युधिष्ठर से)
Hoysaleswar मंदिर कर्नाटक
मंदिर का निर्माण 900 साल पहले हुआ था
पिक -2 गियर और चेन ड्राइव का हैं
पिक _१ मूर्ति के हाथ में भी वहीं गियर और चेन
ड्राइव है
आखिर पुरातत्त्व विभाग इतना सब कुछ देखें नहीं है या देखकर अनजान बन रहे हैं एक मंदिर इतना सवाल खड़े किए हुए हैं
बहीराम -- कोरोना सामूहिक विफलता है - जनता, तंत्र और सरकार की।
सहीराम -- सही बात है। जनता की लापरवाही के लिए उसे पा��िस्तान भेज देना चाहिए। तंत्र को उसकी जर्जरता के लिए गंगा में प्रवाहित कर देना चाहिए। जनता और तंत्र को दी गयी सज़ा सरकार के लिए सीख होगी। सकारात्मकता भी बनी रहेगी।