होते है बलिदान कई जब देश खड़ा होता है ,
अपने जीवन से भी बढ़कर देश बड़ा होता है ।
देश की आजादी के लिए साथ जीने और साथ ही फाँसी के फंदे को हँसते-हँसते चूमने वाले
महान स्वतन्त्रता सेनानी राम प्रसाद 'बिस्मिल', अशफाक उल्ला खाँ और ठाकुर रोशन सिंह जी के बलिदान दिवस पर कोटि-कोटि नमन।
आप सब जानते है लेकिन फिर भी 5 से 50 किलोमीटर वालो के transfer कर दिये ओर बाहर संभाग ओर बाहर जिले के हम लोग अपने घर के लिए मुंह ताकते रह गए
@JM_Scindia@ChouhanShivraj@OfficeOfKNath
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