ज्ञानेश गुप्ता जी और परिवार
बेटी: मेधा रूपम DM
बेटी: अभि श्री, IRS
दामाद: मनीष बंसल, DM
दामाद: अक्षय लाबरू, DM
भाई: मनीष कुमार, IRS
बहनोई: उपेंद्र जैन, IPS
दैनिक जागरण के अनुसार परिवार ने 28 डॉक्टर है इनके पिता जी डॉक्टर थे
दुनिया का सबसे ज्यादा पढ़ा लिखा परिवार
भारत की लगभग 19% मुस्लिम आबादी कृष्णा को भगवान् नहीं मानती
पूरी दलित आबादी के 60% से अधिक लोग कृष्ण और राम को अपना आराध्य नहीं मानते
तो क्या आपके सलाह से अब सब कुछ होगा
अखिलेश यादव जी को राजकुमार भाटी पर लगाम लगानी चाहिए एक शुभचिंतक होने के नाते मैं उन्हें यह सलाह दे रहा हूँ।
ये महाशय ब्राह्मणवाद और पाखण्ड का विरोध करते करते हमारे आराध्य भगवान श्री कृष्ण तक आ गए।
इन्होंने हाथ आगे करके शपथ लिया है कि हम राम और कृष्ण को भगवान नहीं मानते हैं।
अब राजकुमार भाटी जी वीडियो बनाकर सफाई देने से क्या हो जाएगा जो आपने शपथ ली है क्या वह झूठी हो जाएंगी?
आपको धर्म परिवर्तन करना है करिए किसी को कोई आपत्ति नहीं है लेकिन आप जो दोनों तरफ से बैटिंग करते हैं वो गलत है।
कोई वकील साथी है क्या, एक कंज्यूमर कोर्ट में शिकायत डालनी है एक ऑनलाइन सामान मंगाया था कुछ गड़बड़ी थी तो शो रूम मालिक बकल बोला था सही करवा दूंगा 2 महीने से बस टहला रहा है।
दूसरे राज्य का है वरना मोर तो उसकी दुकान पर जाकर बनाते।😎
राजा भैया मंच से बोल रहे है ये न समझना इतना ही है
उनके कहने के अनुसार अभी वो और रखें है
ऐसे मामले में मायावती की तारीफ करनी चाहिए जब वो मुख्यमंत्री बनी राजा भैया को जेल में डाल दिया था
2 साल से अधिक जेल में रखा था बाद में मुलायम सरकार में राजा भैया बाहर आ गए थे
फिर 2010 में मायावती ने कुछ दिन के लिए ले जाकर बंद कर दिया था
आज अगर शासन बहन जी जैसा मजबूत होता तो राजा भैया हथियार की जगह फूल की पूजा करते दिखते
देवरिया जिला की 2 सीटे ऐसी है जहां आपसी क़लह सपा को कमजोर कर रही है
दोनों सीटों पर 4 से अधिक उम्मीदवार टिकट मांग रहे है
दोनों सीटों में एक पर ब्राह्मण और एक पर ठाकुर ने दावेदारी ठोक रहे है
दोनों सीटों पर अगड़ी जाति की आबादी कम है एक कुशवाहा बहुल सीट है एक यादव बहुल सीट है
राजा भैया मंच से बोल रहे है ये न समझना इतना ही है
उनके कहने के अनुसार अभी वो और रखें है
ऐसे मामले में मायावती की तारीफ करनी चाहिए जब वो मुख्यमंत्री बनी राजा भैया को जेल में डाल दिया था
2 साल से अधिक जेल में रखा था बाद में मुलायम सरकार में राजा भैया बाहर आ गए थे
फिर 2010 में मायावती ने कुछ दिन के लिए ले जाकर बंद कर दिया था
आज अगर शासन बहन जी जैसा मजबूत होता तो राजा भैया हथियार की जगह फूल की पूजा करते दिखते
2 सीटों पर अगड़ी जाति के नेता अखिलेश के कहने के बाद भी PDA महापंचायत नहीं करते है
PDA महापंचायत करने वाले नेता सिर्फ पिछड़ी जातियों में से है और एक मुस्लिम महिला नेता है
लगातार 2 बार से हार रही है लेकिन इस बार चुनाव आते ज्यादा ही सक्रिय दिख रही है
देवरिया जिला की 2 सीटे ऐसी है जहां आपसी क़लह सपा को कमजोर कर रही है
दोनों सीटों पर 4 से अधिक उम्मीदवार टिकट मांग रहे है
दोनों सीटों में एक पर ब्राह्मण और एक पर ठाकुर ने दावेदारी ठोक रहे है
दोनों सीटों पर अगड़ी जाति की आबादी कम है एक कुशवाहा बहुल सीट है एक यादव बहुल सीट है
देवरिया जिला की 2 सीटे ऐसी है जहां आपसी क़लह सपा को कमजोर कर रही है
दोनों सीटों पर 4 से अधिक उम्मीदवार टिकट मांग रहे है
दोनों सीटों में एक पर ब्राह्मण और एक पर ठाकुर ने दावेदारी ठोक रहे है
दोनों सीटों पर अगड़ी जाति की आबादी कम है एक कुशवाहा बहुल सीट है एक यादव बहुल सीट है
2022 में सपा हार गई स्वामी जी के वजह से यादव तुम्हारी बात हम मान लेते है
अब बताओ 2017 में अखिलेश जी काहे हार गए
224 से एक ही बार 47 पर आ गए थे
फिर कैसे ?
समाज सुधार आंदोलन चलाने के लिए पार्टी को इनको बाहर निकाल देना चाहिए क्योंकि राजनीति इनके बस की नहीं है।
2022 में स्वामी प्रसाद मौर्या ने जो किया 2027 में राजकुमार भाटी वही काम कर रहे हैं इनको हटा देना चाहिए।
इनका रोज रोज का हो गया रात में बयान देंगे सुबह बोलेंगे गलत अर्थ निकाला गया जबकि वोट इनसे एक नहीं जोड़ा जाता है।
2 मिनट आंख बंद कर के सोचिए इतना हथियार किसी मुस्लिम नेता के पास होता तो क्या होता
मीडिया बोलती इतना हथियार नेता का घर है या आतंकवादी का
अब बस ये सोचिए इतना हथियार आजम खान साहब के पास होता तो क्या होता
उन्हें क्या क्या बोला जाता , मीडिया जाति देख के राजा भैया से सवाल नहीं कर रही है
(सूत्रों के अनुसार सारे हथियार वैध है)
मुस्लिमों के हक अधिकार की बात करने के लिए नेता जी को मुल्ला मुलायम कहा गया अखिलेश यादव को अखिलेश मियां कहा गया यादवों को यदुमुल्ला कहा गया।
उसके बाद भी अगर किसी मुस्लिम को लगता है कि सपा ने उनके लिए कुछ नहीं किया तो भाई आप स्वतंत्र हो जो आपके लिए इतना करे जाकर उसको वोट दे आओ।🫡
अपनी कायदत खड़ी करनी उसको करके देख लो लेकिन याद रखना जिस दिन देश से सेक्यूलर दल खत्म हुए उस दिन भाजपा वही करेगी जो पाकिस्तान बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ होता है।
राजा भैया के साथ BJP की डील शुरू!
यूपी में भाजपा के 4 सहयोगी दल हैं। RLD, अपना दल(S), सुभासपा, निषाद पार्टी। इसमें से RLD को छोड़कर बाकी तीन दल पूर्वांचल से हैं। लेकिन पूर्वांचल में अब ये भी नाकाफी हैं।
सूत्र बता रहे हैं कि राजा भैया की पार्टी से BJP ने गठबंधन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी लखनऊ में राजा भैया के आवास पहुंचे। यहां सीट को लेकर शुरुआती बातचीत हुई।
राजा भैया को भी पता है कि बीजेपी की हालत खस्ता है। मौका देखकर उन्होंने भी 10 सीटों का अपना प्रस्ताव सामने रख दिया। घटते-घटते मामला 4 से 5 सीट पर आकर बन जाएगा। कुछ दिन बाद अगले दौर की बैठक होगी। संभव है कि नवंबर के महीने में गठबंधन का ऐलान हो जाए।
जनसत्ता दल के अभी दो विधायक हैं। कुंडा से खुद राजा भैया, बाबागंज से विनोद सरोज। पिछली बार बीजेपी ने कुंडा और बाबागंज दोनों सीट से प्रत्याशी उतारे थे। दोनों ही जगह बीजेपी तीसरे नंबर पर रही थी। दोनों ही जगह बीजेपी की जबरदस्त हार हुई थी।
अब सवाल ये है कि आखिर BJP को इतने सहयोगियों की जरूरत क्यों पड़ रही है? वो तो कांग्रेस पर अकेले चुनाव ना लड़ने को लेकर तंज कसती रहती है। अमेठी-रायबरेली में औकात याद दिलाई जाती है। फिर वो ये सब खुद क्यों कर रही है?
एक अकेला, सबपर भारी क्यों नहीं पड़ रहा है?