धन्यवाद कि आपने हमारी बात सुनी और हर बाढ़ पीड़ित की क्षतिपूर्ति को फिर प्रशासन को निर्देश दिया। आशा है कि आप अपने निर्देश का पालन भी करवाएँगे। आपको फिर पत्र लिख कर याद दिलाया है कि 2020 बाढ़ में ध्वस्त कृतपुरा गाँव, गोपालगंज के घरों का मुआवज़ा अभी तक लंबित है। @NitishKumar
प्लुरल्स पार्टी के आज एक महीने पूरे होने पर सभी कार्यकर्ताओं को बधाई! जी, माननीय चुनाव आयोग की कृपा से बीच चुनाव में जाकर ही 13 अक्टूबर को पार्टी का निबंधन हो सका। वह एक अलग कहानी है, वह जब जीत जाएँगे तब सुनाएँगे। इतिहास हमेशा विनर लिखते हैं और अभी हम विजेता नहीं हैं।
भले आपके पास पावर न हो, लेकिन बिहार को नंबर एक बनाने के लिए प्लुरल्स को काम करना चाहिए। उस लक्ष्य के लिए आप क्षेत्र में हर टोले-मुहल्ले में, बिना जाति-धर्म, पक्ष-विपक्ष देखे, यथाशक्ति काम करें, अन्याय के विरूद्ध आवाज़ उठाएँ, न्याय को लड़ें। भगवान की भाषा में अहर्निश कर्म करें।
प्रत्याशियों के लिये मेरा यही संदेश है कि यदि आपको एक व्यक्ति ने भी वोट किया है, यदि एक व्यक्ति ने भी आपके पक्ष में हाथ उठाया है, तो आप उस व्यक्ति की ख़ातिर अपने क्षेत्र में जाकर काम करें। आपको परिणाम भले न मिला हो, लेकिन आपके क्षेत्र के प्रति आपकी ज़िम्मेदारी ख़त्म नहीं हो जाती।
प्लुरल्स आंदोलन की प्रेरणास्रोत और पार्टी की प्रेसिडेंट पुष्पम प्रिया चौधरी जी ने पार्टी और राजनीति में अपनी आगामी भूमिका पर विचार करने के लिए समय माँगा है। पार्टी उनके निर्णय का इंतज़ार करते हुए अपना काम जारी रखेगी।
प्लुरल्स पार्टी के संगठन का पंचायत/वार्ड स्तर से राष्ट्रीय स्तर तक पार्टी संविधान के अनुरूप पुनर्गठन किया जाएगा। जो ज़मीनी कार्यकर्ता, ज्ञात-अज्ञात समर्थक दिन-रात नि:स्वार्थ भाव से काम करते रहे, उन्हें पार्टी की संरचना में औपचारिक रूप से शामिल करना हमारा प्राथमिक उद्देश्य है।
प्लुरल्स पार्टी है, बिहार को बदलने का उसका लक्ष्य भी बरकरार है और उसका काम भी जारी रहेगा। पिछले 8 महीनों में हमने सिर्फ़ पाया है, लाखों लोगों का स्नेह। चुनाव की आपाधापी में संगठन, प्रचार और आंदोलन के कई कार्य लंबित रहे। दीपावली-छठ के उपरांत सब व्यवस्थित रूप से शुरू होंगे।
साम-दाम-दंड-भेद की पहली लड़ाई बिहार हार गया है। पक्ष में नीतीश, विपक्ष में लालू और माथे पर मोदी, क्या बेईमानी, चोरी और मक्कारी ही बिहार की नियति है? मुझे नियति में यक़ीन नहीं है।
और जहां हमारे कैंडिडेट को नहीं लड़ने दिया गया था, उन सीटों में अधिकतर पर एनडीए बुरी तरह से हारा है क्योंकि वहाँ प्लुरल्स पार्टी के वोट स्टीलिंग के लिए उपलब्ध ही नहीं थे। मुझे भी यक़ीन नहीं होता लेकिन यही सच है।
मैंने हर जगह आपसे यही कहा कि इस बार अपने लिए नहीं, अपने बच्चों के लिए वोट करें। मुझे पूरा यक़ीन है कि बिहार के लाखों बच्चों का भविष्य अगले पाँच साल तक आपने बर्बाद नहीं होने दिया होगा। #ProgressiveBihar2020
प्लुरल्स का आंदोलन गाँवों, देहातों और शहरों में फैले हज़ारों-लाखों कार्यकर्ताओं-समर्थकों से संभव हुआ है। हमने बहुत कम समय में बहुत शानदार परीक्षा दी है, परिणाम का इंतज़ार करें, अभी गंगा में बहुत पानी बहना बाक़ी है। #PositivePoliticsBihar2020