13 नवंबर 2014 को Reid Hoffman को Epstein ने एक मेल भेजा, जिसमें वो 'डिजिटल इंडिया' की जानकारी दे रहा था। जबकि 'डिजिटल इंडिया' जुलाई, 2015 में शुरू हुआ था।
इसका मतलब है कि हरदीप पुरी ने भारत के नागरिकों से पहले ही Epstein को 'डिजिटल इंडिया' की जानकारी दे दी थी।
हम सोच रहे थे- इस देश की सरकार को एक 'माई का लाल' चला रहा था, जबकि सच्चाई यह है कि अमेरिका में बैठा 'एक दलाल' चला रहा था।
हरदीप पुरी कह रहे हैं- मैं तो Epstein को 'डिजिटल इंडिया' की जानकारी दे रहा था। अब सवाल है कि हरदीप पुरी को यह जानकारी कहां से मिली, वो तो सरकार का हिस्सा नहीं थे।
नरेंद्र मोदी बताएं-
⦁ आप हरदीप पुरी के माध्यम से देश की जानकारी किसे और क्यों दिलवा रहे थे?
⦁ आखिर मोदी जी, हरदीप पुरी और Epstein का क्या रिश्ता है?
: AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
📍 दिल्ली
@PoliticalKida When was Tibet India's part? Issue is that all these high and mighty are beneficiary of big ticket overpriced defence deals so it has become cozy club.
@PoliticalKida Tibet was not Nehru's to give. China attacked it and won it. Same way china took part of Arunachal Pradesh few years back. Same way china has claimed large portion of south China sea and kicked out ONGC videsh. We never criticize china for it. China is strong.
@Khurpenchhealth मैने भी स्टार हेल्थ लिया था पर जब टाइम आया तो इन्होंने 3 लाख के क्लेम में सिर्फ 50 हजार ही दिए बाकी मुझे ही जेब से देने पड़े। 8 साल तक प्रीमियम दिया और जब पहली बार जरूरत पड़ी तो इन्होंने बहुत परेशान किया।
@news24tvchannel@AgrawalRMD हाँ सही कहा,मोदी का तो सबसे पहले रद्द हो
वही विदेशों का आनंद ले रहा भारत माँ कि दुर्दशा कर के,गंगा माँ को दूषित छोड़ दिया, गौ माता की दुर्दशा रोज़ हो रही, हलाल सर्टिफिकेट देते शर्म नहीं आती इसे
प्रकृति माँ के जंगल काट रहा, गंदा पानी पिला रहा,बहुत हो गया अब इसे बाहर ना जाने दें
अमीरों के लौंडे किसी को गाड़ी रौंदने के बाद निबंध लिखकर छूट जाते,
गरीब का लड़का छोटी मोटी हरकत कर दे तो जेल भेजा जाता परीक्षा नहीं दे पाता सो अलग।
वाह री न्यायव्यवस्था , वाह रे लोकतंत्र।