कुछ तो था उसकी नजर में जो कहीं और नहीं दिखा
इन आंखों ने भी उसके सिवा कुछ और नहीं देखा
वो बोले तो सुकून, वो देख तो सुकून, ही सुकून
बस उस जैसे सुकून मैं कहीं और नहीं देखा
कोई कैसे कह सकता है दर्द है पर पास नहीं है
इसीलिए मैंने तेरे सिवा किसी और का साथ नहीं देखा
हर तरफ़ छाती पीटी जाती है कि हम चाँद पर पहुँच गए हैं हाँ भाई आप चाँद पर पहुँच गए हो,
मगर इंसानियत अब भी भूखी है।
चांद पर जाने से अमीर देशों की टेक्नोलॉजी और हथियार तो मज़बूत हुए,
पर गरीब मुल्कों की थाली अब भी खाली है।
NASA, ISRO जैसी संस्थाएं और SpaceX जैसी कंपनियां आगे बढ़ीं,
मगर गाँव के बच्चे आज भी अंधेरे में पढ़ते हैं।
अब मिशन “मानवता” का नहीं है, बल्कि अमीरों और धन्ना सेठों के जेब भरने का है।
शर्म करो और अपने गिरेबान में झाँको "क्या एक इंसान के तौर पर हम ईमानदार हैं?"
दुनिया का सबसे बड़ा तब्लीग़ी जमात का इज्तिमा भोपाल में शुरू हो चुका है जिसमें 17 को दुआ होगी,
इस इज्तिमें मे लगभग 25 लाख मुसलमान जुड़ेंगे, लगभग 30 हज़ार वोलेंटियर्स इस इज्तिमे की कमान संभालेंगे, ये भोपाल का 78वां इज्तिमा होगा जो 7 लोगो से शुरू हुआ था, सुब्हान अल्लाह।
🚨🕒 Trend Alert — Thursday, 3PM IST
#StopBareillyBulldozer
28 मुस्लिम परिवारों को 10 दिन का नोटिस, घर गिराने की तैयारी!
कसूर? सिर्फ "I Love Muhammad PBUH" लिखना और अपनी पहचान पर गर्व करना!
ये सिर्फ बुलडोज़र हमला नहीं, बल्कि एक सोच पर हमला है — इस्लाम पर हमला है।
बरेली हो या हल्द्वानी, हर बार निशाना वही — गरीब मुसलमानों के घर और मस्जिदें!
📢 Raise your voice!
शिरीन खान ने अपनी दोनों पोस्ट्स में बोला कि लोकल वेंडर्स से ख़रीदारी करो(मॉल्स से नही)
लेकिन हिंदुत्व गैंग ने इसे धर्म से जोड़ दिया, क्योंकि नफ़रत भी तो फैलानी है।
जो हम नहीं हैं ना चाहते हुए भी,वो होना पड़ता है 🥀🥀
आँखों की नमी को छिपा,होठों पे हँसी लाना पड़ता है🥀🥀
कौन किस हाल में है,यहाँ फर्क किसको पड़ता है🥀🥀
गिला किसी से क्यूँ करें,जब जवाब खुद ही देना पड़ता है🥀🥀
रंगत चेहरे की है उतरी हुई,पर खुशगवार दिखना पड़ता है🥀🥀
रोते दिल को चुप करा,मुस्कुराके सब सहना पड़ता है🥀🥀
दर्द में हैं सभी जीते,पर ये जहर सबको पीना पड़ता है🥀🥀
इस गम-ए-जिंदगी में,जरा हँसके सबको जीना पड़ता है🥀🥀