पता नहीं क्यों दिल्ली पुलिसकर्मी अपने Name plate/Badges हटा देते हैं ?
यहां एक IPS officer खड़े थे उनके Subordinates ही नहीं Name plates लगाए थे
तो क्या ये सब बड़े अधिकारियों के कहने पर हो रहा है?
उनका काम तो नियम का पालन कराना होना चाहिए
ख़ैर…
जब गांधी जी सत्याग्रह की घोषणा करते थे तो अंग्रेज भी ऐसे ही डर के मारे पुलिस फोर्स लगा देते थे।
आज वर्षों बाद असली गांधी जयंती मन रही है, लोग सड़कों पर उतर रहे हैं और सरकार डरी हुई है।
People are watching what this government is doing to a social activist like Rajiv Talwar.
Rajiv Talwar attends every event, whether it is pro-govt or anti-govt.
But look at how he is being treated at an anti-govt protest.
दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाती हुई एक महिला पत्रकार , महिला पत्रकार का आरोप है क़ि पुलिस वाले ने उन्हें पीछे से छुआ और मुस्कुराते हुए निकल गया ,
इसके बाद महिला ने पुलिस को लेकर जो कहा वो वाकई सोचने पर मज़बूर कर देगा , https://t.co/CDUtZl7w6z
दिल्ली पुलिस ने जंतर -मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति क्यों नहीं दी ?
बस ये मासूम सा सवाल मैं नई दिल्ली के DCP सचिन शर्मा से पूछने की कोशिश करता रहा और वो दाएं - बाएं होकर बचते रहे .
अगर पांच दिन पहले थाने जाकर आज के प्रदर्शन की सूचना देने के बाद भी आप ऐसी किलेबंदी करके सबको डिटेन करते हैं तो इतना बताने में क्या दिक्कत है ?
स्वतंत्र पत्रकार हर्ष को पुलिस ले जाती हुई , लेकिन अचानक बड़ा ट्विस्ट आ गया , हर्ष ने अपना प्रेस का आईडी निकाल कर पुलिस को दिखाया लेकिन फिर भी नहीं छोड़ा ,
बड़ी मुश्किल से सभी पत्रकारो के विरोध करने के बाद हर्ष को पुलिस ने छोड़ा ,
Indian authorities have demolished a mosque in Saharanpur, Uttar Pradesh, following a court ruling. The case was filed by a member of a Hindu nationalist group.
Mosque authorities say the building dates back to 1911. Rights groups are questioning the legality of the decision.
पहले इसने पॉडकास्ट में वीर योद्धा बनकर अपने सारे जुर्म कबूले और कपिल मिश्रा चिराग पासवान और मोदी को अपना बड़ा भाई बताया!
अब ये कानून से भाग रहा है इधर उधर की बातें करके मुद्दे को भटका रहा है अगर दिल्ली पुलिस थोड़ी सी गैरत बची है तो तुरंत इस आतंकी को उठाकर जेल में डालो!
चंद्र शेखर आज़ाद जी भी मैदान में आ गए हैं अगर दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार नहीं किया तो थाने का घेराव करेंगे!
लेकिन क्या वजह है जो अपराधी सारे सबूत खुद दे रहा है उसके बाद उसको गिरफ्तार नहीं किया जा रहा!
4 PM की पत्रकार शाहीन को धार्मिक आधार पर पीटे जाने के BBC लंदन की पत्रकार रही हुदा जरीवाला ने दिल्ली पुलिस को दिखाया आइना ,
हुदा जरीवाला का दिल्ली पुलिस से किये गए ये सवाल आने वाले इतिहास में स्वर्ण पन्नों में लिखें जायेंगे ,
सलाम है ऐसे पत्रकारो पर ,
एक पत्रकार मुस्लिम लड़की को सिर्फ़ इस लिए पीटा के उसने मुस्लिम होते हुए सरकार से सवाल क्यूं पूछा ,,क्या मुस्लिम इस देश के नागरिक नहीं हैं क्या उनको सरकार से सवाल पूछने का अधिकार नहीं है??
क्या अब हम दिल्ली पुलिस को टेररिस्ट आतंकवादी बोल सकते हैं,,हिंदू महिला ने पूछे सवाल👇👇
दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी से सवाल पूछने की कोशिश करने पर पत्रकारों शाहीन और नफीसा को पुलिस द्वारा कथित रूप से मारते-पीटते थाने ले जाने, गाली-गलौज करने, धमकाने और उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप यह बताता है कि World Press Freedom Index में भारत 180 देशों में 157वें स्थान पर क्यों है।
सबसे चिंताजनक यह है कि उनका कहना है कि उनके मुस्लिम होने की जानकारी मिलने के बाद उनके साथ दुर्व्यवहार और बढ़ गया यह भाजपा की मुस्लिम विरोधी मानसिकता और प्रेस की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
सवाल पूछना अपराध नहीं है। पत्रकार की पहचान देखकर उसके साथ भेदभाव करना लोकतंत्र और संविधान दोनों के खिलाफ है।
यह बेहद गंभीर और चिंताजनक है!
ये कॉन्टेंट क्रिएटर श्रद्धा सिंह हैं।
ये जंतर मंतर पर हुए प्रोटेस्ट के शामिल हुई थी।
उसके बाद से इनकी अच्छी वीडियो पर भी ट्रॉल गैंग द्वारा इनका दाम लगाया जा रहा है कोई 200 लिख रहा है तब कोई 300.
इनका कहना है क्या प्रधानमंत्री जी को ये सब नहीं दिखता है? क्या वो कुछ नहीं करेंगे?
This is the best thing you will see on internet today, i bet ❤️
Do you remember ZEE journalist who was mocked with "Godi media and loser" slogans?
He came on Live TV and said 🔥 ––
"GenZ and youth who heckled and trolled me are apologizing to me. Many of those have met me personally and some sent messages. My daughter who earlier cried is now happy after the turnaround on social media. I am absolutely fine"
Ground journalists should not get hate for the mistakes done by anchors sitting in studios
मुंबई में जिस टीवी पत्रकार को उस दिन कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में भीड़ ने ट्रोल किया वह दिलेरी से फिर आंदोलन में पहुंचे।
भीड़ ने उनसे माफी मांगी और उनके काम के लिए धन्यवाद दिया।