देखो मेरी पेट में ख्वाब किसके हैं,
पेट में मेरे पालते तूफ़ान किसके हैं,
नहीं गुज़रा कोई आज तक इस रास्ते से हो कर,
फिर ये मेरी पेट में निशान किसके हैं। और किसके है हिन्दुओ के है
जिसका वजूद नहीं, वह हस्ती किस काम की,
जो मजा न दे, वह मस्ती किस काम की,
जहाँ दिल न लगे, वो बस्ती किस काम की,
हम आपको याद न करें, तो फिर ये मोहब्बत किस कम की।