अपने विचारों पर नज़र रखो,
वे शब्दों में बदल जाते हैं।
अपने शब्दों पर नज़र रखो,
वे क्रियाओं में बदल जाते हैं।
अपनी क्रियाओं पर निगरानी रखो,
वे आदतों में बदल जाती हैं।
अपनी आदतों पर ध्यान दो,
वे चरित्र में बदल जाती हैं।
अपने चरित्र को देखो,
वह आपके भाग्य में बदल जाता है।
क्रोध से अत्यन्त मूढ़-भाव पैदा हो जाता है, मूढ़-भाव से स्मृति में भ्रम हो जाता है, स्मृति में भ्रम हो जाने से बुद्धि का नाश हो जाता है, बुद्धि के नष्ट हो जाने से व्यक्ति ही नष्ट हो जाता है॥
#श्रीमद्भगवद्गीता