सारण में सड़क के अंदर से निकला जल प्रपात,
सरकार ने तुरंत इसको अपने क़ब्ज़े में लेके क्षेत्र में “हर घर टोंटी” योजना चलाने की बात कही। https://t.co/xLGL67XhC7
पक्का कोई बहुत कम उम्र के विधायक या MLC होंगे तभी सरकारी गनर लेके घूम रहे हैं,
वरना सरकार इतनी बेवक़ूफ़ थोड़ी है जो उत्तरप्रदेश पुलिस का एक आरक्षी ऐसे किसी के साथ घूमने दे।
खैर मुझे क्या मैं चला सत्तू पीने!
आप लोग चुनाव में व्यस्त में हो,
यहां बरेली में एक पानी की टंकी ने आत्महत्या कर ली।
खैर कोई नहीं, हम लोग टैक्स भर देंगे, दोबारा बनवा देना।
📍बरेली उत्तर प्रदेश
>नाम अरविंद कुमार शर्मा
>MLC और ऊर्जा मंत्री उत्तर प्रदेश
>पूर्व IAS गुजरात कैडर
>काम : प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था का ख्याल रखना
>असली काम :खराब ऊर्जा व्यवस्था पर सवाल पूछने पर जय बजरंग बली का नारा लगा कर निकल लेना
>इनके आने से प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था बहुत बेहतरीन थी
>ये उत्तर प्रदेश भेजे गए पहले से अच्छी ऊर्जा व्यवस्था को खराब करने
>जबसे ये आएं है तबसे गर्मी आते ही पूरे प्रदेश में बिजली को लेकर हाहाकार मचता है
>पूरे प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर हाहाकार मचा हुआ है
>बिजली के बिल की कीमतें अनायास ही बढ़ गई हैं
>मंत्री जी जनता के लिए काम करते है या किसी व्यापारी के लिए ?
>मंत्री जी केवल ब्राह्मण सभाएं आयोजित करवाते हैं
>मंचो पर चढ़कर लंबी लंबी बातें फेंकते हैं
>मंत्री जी एकदम बेहतरीन उदाहरण पेश करते हैं कि एक ब्यूरोक्रेट को मंत्री विधायक या सांसद क्यों नहीं होना चाहिए
>मंत्री जी के सर पर राज्य से ज्यादा केंद्र का हांथ है
>तभी तो इतनी शिकायतें होने के बाद भी सरकार में बने हुए हैं
>जनता त्राहि त्राहि कर रही , मंत्री जी मस्त शर्मा की चाय समोसा खाकर लुत्फ उठा रहे , ये कर सको समझो राजा हो।
Politicians, filmmakers, and advertisers all want large banners.
The municipal corporation and traffic authorities give clearances.
But when the banner causes an accident,
It is the common man who bears the brunt.
Citizens' safety is a joke!
📍Tiruppur
गोरे अंग्रेजों की बनाई गई इमारतें रोड अभी तक चल रही हैं,
लेकिन भूरे अंग्रेजों की बनाई रोड में हर दूसरे दिन गड्ढा हो जाता है।
पता नहीं इस देश के लोग कम टोल क्यों देते हैं।
हर 20 मीटर की दूरी में एक टोल होना चाहिए।
📍 तमिलनाडु हाईवे
>नाम रिंकू सिंह
>2004 में PCS परीक्षा पास की
>2009 में 100 करोड़ का पेंशन और स्कॉलरशिप घोटाले का पर्दाफाश
>इनाम में 7 गोलियां मारी गईं
>दो गोलियां चेहरे पर लगीं
>ठीक होने के बाद 2022 में IAS बने
>लेकिन अब उन्होंने ने इस्तीफा दे दिया है
>फील्ड पोस्टिंग न मिलने की वजह से नाराज थे
>शायद उनको नहीं पता कि फील्ड पोस्टिंग बेईमानों को मिलती है
>और ईमानदारों के हिस्से डेस्क जॉब आती है
>देश की जनता को ईमानदार अधिकारियों के साथ खड़ा होना चाहिए
>तभी किसी को ईमानदारी से काम करने की प्रेरणा मिलेगी।
SSP साहब,
सिर्फ इतना बता दो कि,
टिकटों का पैसा आप ने अपनी जेब से दिया है, या सरकारी पैसा है।
क्योंकि हम लोग तो अभी देख नहीं पाए, और हमारे पैसों से आप मजे ले रहे हो।
"हमारा नाम SIR में से काट दिया है। BLO सुन नहीं रहे। पिता की मौत हो गई है, माता को आंख से दिखता नहीं है और मैं मज़दूरी करता हूं, रोज़ रोज़ नहीं आ सकता। मैं सारे कागज़ लेकर आया हूं लेकिन कलेक्टर साहब सुनने को तैयार नहीं हैं। सुनना चाहिए ना?"
📍 इंदौर
पिछले दो हफ्तों में माननीय शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के आधिकारिक अकाउंट से कथावाचक धीरेन्द्र शास्त्री और उनके प्रवचन पर 80 से अधिक ट्वीट किये लेकिन प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था, स्कूलों के खराब हालात, पेपर लीक, बकाया छात्रवृत्ति, शिक्षकों की कमी और विद्यार्थियों की समस्याओं पर सन्नाटा।
राज्य का युवा एवं समझदार व्यक्ति देख रहा है कि हमारे राज्य के शिक्षा मंत्री द्वारा एक धार्मिक कार्यक्रम के लिए लगातार बैठक करके अधिकारियों को दौड़ाया जा रहा है।
लेकिन यही सक्रियता झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद तो कभी दिखी नही ? आखिर राज्य में शिक्षा मंत्री की प्राथमिकता शिक्षा है या कथावाचन ? शिक्षा मंत्री महोदय, क्या गुणवत्तायुक्त शिक्षा से राज्य की प्रगति होगी या बाबाओ के कथावाचन करवाने से राज्य की प्रगति होगी ?
मेरे इस लेखन पर कुछ महामानव कहेंगे कि ये धर्म विरोधी है ? उनको भी कहना चाहूंगा कि धर्म एक आस्था का विषय है। हम किसी भी धर्म के विरोधी नही, लेकिन यहां धर्म की आड़ में राज्य की शिक्षण व्यवस्था बर्बाद होती नजर आ रही है, उस पर सवाल किया जा रहा है।
रात दो बजे गुजरात पुलिस ने इस ट्वीट पर एक और नोटिस भेजा है ,
बात राजस्थान की हो रही और पेट में दर्द गुजरात पुलिस के हो रहा हैं ?
अरे गुजरात के डीजीपी साहब आप बताइए जब सब कुछ ठीक था तो जल शक्ति मंत्रालय का CTR पोर्टल बंद क्यों किया गया ? जिनकी जांच होनी चाहिए उनको अवॉर्ड मिल रहे , जो एक्सपोज कर रहे उनको नोटिस मिल रहे ,
आप JSJB CTR पोर्टल पब्लिक कर दीजिए हम जमीन पर हुए काम देखना चाहते हैं।
बात तो सही है जज साहब की,
आखिर उनके खिलाफ महाभियोग क्यों ?
क्योंकि उनके घर से निकले नोट उनके थे ही नहीं,
अब कोई अगर घर में करोड़ों रुपए रख जाए तो जज साहब की क्या गलती है।
राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में OBC आरक्षण के साथ हो रहा निरंतर खिलवाड़ बेहद चिंताजनक है।
LDC भर्ती में 21% के बजाय मात्र 15% आरक्षण देना युवाओं के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है। चतुर्थ श्रेणी, वनपाल और द्वितीय श्रेणी भर्तियों में भी इसी तरह नियमों की अनदेखी कर आरक्षित वर्गों के साथ सुनियोजित अन्याय किया गया है।
रोस्टर की आड़ में युवाओं के हक छीनना बंद करे भाजपा सरकार। मुख्यमंत्री जी तत्काल दखल देकर आरक्षण की इन विसंगतियों को दूर करें और युवाओं को न्याय दें।