Telegraph ने कल एक खबर की थी, मोदी के IIT दिल्ली जाने लो लेकर.
उस खबर में बताया गया कि IIT के छात्रों को निर्देश दिए गए कि मोदी से मेडल लेते समय उन्हें अपना सिर कितना झुकाना है.
ये खबर वायरल हो गई और अब Telegraph ने इस खबर को डिलीट कर दिया है.
लगता है सरकार ने फोन चला गया 🤔
‘जो कहोगे, वही पद देंगे। महामंडलेश्वर बना देंगे। जगतगुरु भी बना सकते हैं। बस 20 लाख रुपए का व्यवहार करना होगा। आश्रम खोलना है, जमीन अखाड़े के नाम पर होगी। देखरेख और संचालन आप ही करना।’
ये ऑफर रिपोर्टर को देश के तीन बड़े अखाड़ों में ऊंचे पदों पर बैठे महंतों ने अलग-अलग मुलाकातों में दिया। रिपोर्टर ने खुद को अमेरिका से लौटा IT प्रोफेशनल बताया। कहा कि पिछले 15-20 साल से अमेरिका के क्यूपर्टिनो में नौकरी की। वाइस प्रेसिडेंट बना। खूब पैसा कमाया।
उज्जैन और मेरठ में जमीन भी है। अब कॉर्पोरेट लाइफ से मन भर गया। सब छोड़कर धर्म की राह पर चलना है। सामान्य साधु नहीं, सीधे महामंडलेश्वर बनना है। इसके लिए पैसा या जमीन कुछ भी दे सकते हैं।
पड़ताल जूना, निर्वाणी और निर्मोही अखाड़े में हुई। तीनों अखाड़ों के महंत-श्रीमहंत से फोन पर बात की। मिलने का वक्त तय हुआ। नासिक और हरिद्वार में मुलाकात हुई। हर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनाने की अपनी-अपनी शर्तें और प्रक्रिया है, लेकिन भास्कर इन्वेस्टिगेशन में पता चला कि ये अखाड़े पैसों और जमीन के बदले महामंडलेश्वर का पद दे रहे हैं।
@vkjatav84 मैं बताए देता हूँ क्योंकि पोंगे वामपंथ से अपनी पकड़ नहीं छोड़ना चाहते, जैसे ही वो देखते हैं कि कोई उनकी पोजीशन को खतरा हो सकता है वो उसे अपने rightist पोंगे जात भाइयों से गालियां पड़वाते हैं, defame करवाते हैं, उसका चरित्र हनन करते हैं और उसे demean करते हैं...
डांगावास प्रकरण में फैसले के बाद एडवोकेट “महेंद्र चौधरी”का कहना है कि CBI ने बहुत गहनता से जांच करके सभी 40 लोगो को निर्दोष पाया है …
“चौधरी साहब”लेकिन वो बेचारे 6 दलित समाज के लोगों को मारा किसने …क्या कोई भूत आया था जो उनको मारकर चला गया …
जब CBI ने इतनी गहनता से जाँच की तो उसे ये क्यों नहीं पता चला कि मारा किसने
Shiva Kunbi Bhosle holds the contemporary world record for the fastest 1000+ km run from Agra to Raigad.
To commemorate his marathon run, Parathas undertake the same run every year on foot. Parathas are forever indebted to Mirza Raja Jai Singh for enabling Chuhaji to create this fond memory for them.
Jai Chuhaji! Jai Jijau!
@USujaan@ajshekha रणकर्कश भाई इन्हें मूर्ख कह कर हल्का कर रहें हैं ये लोग शातिर हैं इन्हें अच्छे से पता है कि यूजीसी डेड रबर है इस लिए इसे चुना और जैसा कि सुधीर गहलोत ने कहा ये एक सोची समझी चाल है ताकि आगे जेन्युइन मुद्दे पर भी प्रोटेस्ट हो तो कोई लड़का न आये उन्हें इतना exhaust कर दो...
@USujaan@ajshekha 😂😂😂 ट्रू एक मरे हुए सांप जैसे मुद्दे को लेकर नाटक किया इतने दिन तक किसके लिए ज्ञापन देने के लिए वो तो ऐसे ही दे आता, ज्ञापन के नाम पर तो भजनलाल भी मिल जाता आराम से कलेक्टर क्या चीज़ है, पर unfortunately एक लड़का मर गया, और वो तो इन जैसे दलालों के लिए ब्लेसिंग इन डिस्गाइज़ है.
राजपूत समाज की समस्या यह है कि वह दो दुनियाओं के बीच खड़ा है, न पूरी तरह ब्राह्मण बनिया समाज की तरह शहरी है और न अधिकांश ओबीसी किसान जातियों की तरह ग्रामीण, इसलिए दूसरे समाजों की राजनीति या मॉडल अपनाने से समाधान नहीं निकलेगा, राजपूतों को अपना खुद का सामाजिक रास्ता खुद बनाना होगा #Think
महिपाल मकराना ने अपनी निजी महत्वकांक्षा के लिए देवराज सिंह पलाड़ा के एक युवक की बलि ले ली।
जो मामला ठंडे बस्ते में है, उस पर आंदोलन का क्या औचित्य है, इसके बारे में मकराना भी ढंग से नहीं बता सकते।
मकराना हमेशा से अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए अनगाइडेड मिसाइल की तरह लक्ष्यहीन मुद्दे को लेकर आंदोलन करते रहते हैं।
इस तरह के आंदोलन से युवाओं की ऊर्जा का बेवजह ह्रास होता है। उन्हें न माया मिलती है और न राम।
इस तरह के आंदोलन से एक दिन ऐसा भी समय आ सकता है, जब जेनुइन मुद्दे पर आंदोलन करने की जरूरत हो तो खोजने पर एक युवा नहीं मिलेंगे।
शायद इसी उद्देश्य को पाने के लिए मकराना जैसे लोगों को आंदोलन के लिए फंडिंग की जाती होगी।
युवाओं को ऐसे आंदोलन से दूर रहना चाहिए।
ये राजस्थान में दल्लो की सबसे बड़ी दुकान है, जिसका मूल स्वरूप #KYS हैं।
वैसे #KYS ने क्यों नहीं इस आशय का पत्र लिखा CM साहब को? ये ध्यान भटकाने का तरीका है और बहरे-गूँगे राजपूतो को मीठी गोली देने का काम करते हैं ।
5 लाख बंदर इक्कठे किए थे और फिर समाज की लंका लगा दी 🤬