“बात करो रूठे यारों से,
सन्नाटे से डर जाते हैं !
इश्क़ अकेला जी सकता है,
दोस्त अकेले मर जाते हैं...!”😢😢
ये लड़का सोने नहीं दे रहा ! ऐसा भी क्या भाई ? ये तो ठीक नहीं किया तुमने 😰😰
"लोग कहते हैं मुझे प्यार सिखाना आये
मैं जो गा दूँ तो वही सारा ज़माना गाये
फिर भी एक गीत है जो प्राणों में चुपचाप पड़ा
कई जन्मों से मेरे होंठो पे आना चाहे
बस एक गीत वही
आखिरी गीत वही
मुझसे गवा दे सावन
इश्क़ बुझता है इसे
कुछ तो हवा दे सावन..!”
@DrKumarVishwas#KVpoetry
❤️💓
हमारे शेर सुनकर भी जो खामोश इतना है,
खुदा जाने गुरुर ए हुस्न में मदहोश कितना है!
किसी प्याले से पूछा है सुराही ने सबब मय का;
जो खुद बेहोश हो वो क्या बताये होश कितना है!!" ~कुमार विश्वास ❣️
@DrKumarVishwas 💓
@KV_poetry@KumarVishvasFC#KumarVishwas#kvpoetry
हमारे शेर सुनकर भी जो खामोश इतना है,
ख��दा जाने गुरुर ए हुस्न में मदहोश कितना है!
किसी प्याले से पूछा है सुराही ने सबब मय का;
जो खुद बेहोश हो वो क्या बताये होश कितना है!!" ~कुमार विश्वास ❣️
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#KumarVishwas
#kvpoetry
"हसीं चेहरे की ताबिन्दगी मुबारक हो,
आपको ये साल गिरह की खुशी मुबारक हो!!"
Happy birthday manju sharma ma'am 🎂❣️😍
आप ही हैं, जिनकी वजह से विश्वास कुमार शर्मा, The डॉ. कुमार विश्वास है।
❣️😍
@DrKumarVishwas#HappyBirthday
"हसीं चेहरे की ताबिन्दगी मुबारक हो,
आपको ये साल गिरह की खुशी मुबारक हो!!"
Happy birthday manju sharma ma'am 🎂❣️😍
आप ही हैं, जिनकी वजह से विश्वास कुमार शर्मा, The डॉ. कुमार विश्वास है।
❣️😍
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जो कुछ हूँ सामने हूँ
कुछ अंदर नहीं हूँ मैं,... !
खादिम हूँ कलंदर का कलंदर नहीं हूँ मैं,
मुझ पर से गुज़र जाइए ,गौहर तलाशिए,
मैं सिर्फ़ एक पुल हूँ, समंदर नहीं हूँ मैं .....
~कुमार वि��्वास 💖
#KumarVishwas
@DrKumarVishwas
@Rekhta
लक्ष्मण जैसै विश्वआदर्श अनुज पर प्राणघातक शक्तिपात किसी भगवान को भी हिला सकता है ! मेघनाद से युद्ध के दौरान उर्मिलापति के निश्चेत हो जाने पर मर्यादा पुरुषोत्तम का यूँ विह्वल हो जाना सहज ही ��ा 😢😢🙏
“मेरो सब पुरुषारथ थाको।
विपति बँटावन बंधु बाहु बिनु करौं भरोसो काको?”
मैं तुम्हारी याद के मीठे तराने बुन रहा था
वक्त खुद जिनको मगन हो, सांस थामे सुन रहा था,
तुम अगर कुछ देर रूकते तो तुम्हें मालूम होता
किस तरह बिखरे पलों में मैं बहाने चुन रहा था,
रात भर हाँ-हाँ किया पर प्रात में ना कर गये
तुम गए क्या, शहर सूना कर गये...!"
@DrKumarVishwas#kv
मैं तुम्हारी याद के मीठे तराने बुन रहा था
वक्त खुद जिनको मग�� हो, सांस थामे सुन रहा था,
तुम अगर कुछ देर रूकते तो तुम्हें मालूम होता
किस तरह बिखरे पलों में मैं बहाने चुन रहा था,
रात भर हाँ-हाँ किया पर प्रात में ना कर गये
तुम गए क्या, शहर सूना कर गये...!"
"रात और दिन का फ़ासला हूँ मैं
ख़ुद से कब से नहीं मिला हूँ मैं
ख़ुद भी शामिल नहीं सफ़र में पर
लोग कहते हैं क़ाफ़िला हूँ मैं !"
~कुमार विश्वास ❤️💕
@DrKumarVishwas#KumarVishwas .#kv#kvpoetry
Peace Ambassador Anagad at his best in Communication Skills 😂😂❤️❤️🙏
‘कौन के सुत?’ बालि कें’ ‘वह कौन बलि’ न जानिए?
‘काँख चापि तुम्हें जो सागर सात न्हात बखानिए’।।
‘है कहाँ वह वीर?’ अंगद ‘देवलोक बताइयो’
‘क्यों गयो?’ ‘र��ुनाथ वान-बिमान बैठि सिधाइयो’।।