amal se zindagi banti hai jannat bhi jahannam bhi
ye khaaki apni fitrat mein na noori hai na naari hai
~Allama Iqbal
Iqbal ke is sher se aap kitne muttafiq hain?
आइए सुनते हैं एक ऐसी ही रात की कहानी जब चं��्र-छटा में बैठे सूर्य-वंशी राम द्वारा लिया गया एक निर्णय पूरी पृथ्वी पर सात्विकता के अक्षय उजाले का माध्यम बन गया।कहते हुए मेरा कंठ भर-भर आया था, सुनते हुए आपके आँसू भी तर्पण करेंगे, जानता हूँ😢❤️🙏
Full video 👉🏿 https://t.co/F6hQYsHOzE
मैं ,
बहुत कुछ लिखने का विचार लेकर बैठता हूँ,
पर कागज पर बिना कुछ लिखे ही,
उठ जाता हूँ।
मैं नहीं चाहता ,
मेरी व्यक्तिगत भावनाओं को संजोने के लिए,
किसी हरे भरे पेड़ को काट दिया जाए।
~ आशुतोष प्रसिद्ध