ये है एक तरह कुंठित शिक्षक
आज कोचिंग माफिया की चर्चा हो रही - तो थोड़ा इनको भी जान लो
आपके लिए ये आदमी हीरो हो सकता गरीबों का मसीहा हो सकता है
इसको पहचाना हो तो जरा गौर से इसकी वीडियो देखना
इसने क्या कहा कश्मीरी दलित होता तो - मतलब कहने का इसका अर्थ है वो पंडित थे इसलिए उनकी बात की जा रही दलित होता तो नहीं कि जाती
इस देश में दलितों के लिए एक्ट है -
कितनी झूठी कहानियां रोज दलित नाम से परोसी जाती है कुछ गोपड़ कहानी ये भी परोसा है
लेकिन जिन पंडितों का नरसंहार होगया
कश्मीर में हुआ महाराष्ट्र में हुआ - उनके लिए कोई एक्ट है - उनके बच्चों के लिए कोई आरक्षण है ?
ब्राह्मणों के लिए कोई स्पेशल सुविधा है ?
बहुत कुछ है इसके बारे में लिखने के लिए लेकिन कुछ नहीं लिखूंगा प्रूफ नहीं है
बस इतना ही कहूंगा पढ़ना जो करना मगर इस जैसे आदमी पर ध्यान रखना
जो जैसा दिखता है वैसा होता नहीं
बिहार के गया जिले के शुभम कुमार राय ने IIT में ऑल इंडिया टॉप किया है।
तेजस्वी यादव ने 16 महीने में जो बिहार को कट्टे से निकालकर जो कलम की तरफ मोड़ा था उसी का परिणाम है।🔥
और आप लोग चाहते हैं मैं ऐसे शिक्षकों का अंध समर्थन करूँ? जहाँ मुद्दे की, उचित बता करेंगे वहाँ समर्थन भी करता हूँ
लेकिन माफ़ी कीजिएगा मैं अपने सारे के सारे सोशल मीडिया प्लेटफार्म डिलीट कर दूँगा पर ऐसे शिक्षकों का अंध समर्थन कभी नहीं।
@Shubhamshuklamp भाई जब जीतन राम मांझी ने ब्राह्मण का अपमान किया, जब स्वामी प्रसाद भगवान राम और हमारे ग्रंथ को जलाया तब यही यादव समाज उन्हें बहुजन योद्धा बोलकर महिमा मंडन किए थे, अब जब अपने पर आई तब ये लोग को समझ आ रहा है।
जब संसद में सारे...सवर्ण नेता चुप थे।
तब UGC नियमों के विरोध में एक मात्र शेरनी की तरह दहाड़ने वाली सांसद .@priyankac19 जी थीं।
हम कल भी प्रियंका चतुर्वेदी जी के समर्थन में थे,
और आज भी उनके साथ मजबूती से खड़े हैं
ब्राह्मण संगठनों की सबसे बड़ी समस्या यह है
ये अपने मुद्दों मे कम अन्य मुद्दों मे ज्यादा ध्यान देते है, इनको ही देख लो,BHU मे ब्राह्मण विरोधी प्रश्न पूछा गया
यह महोदय उस पर कुछ नहीं बोला और काकरोच पर ज्ञान दे रहे है।
गलगोटिया का दाहिना गोटा शुभांकर कितना बड़ा पढ़ाकू और मेरिट धारी है आइए जानते है. इसने पहले पैसा दे महंगी यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग में एडमिशन लिया लेकिन इसका मन पढ़ने में लगा नहीं तो यह टिकटॉक बनाना शुरू कर टिकटॉकर बना. उसके बाद यह इंजीनियरिंग और टिकटॉक दोनों को छोड़ बड़का पत्रकार बनने को सोचा चूंकि इसे मालूम था इसके भाई बिरादर के पास बड़े–बड़े मीडिया हाउसेस हैं वह इसे वहां आसानी से जगह दे देंगे. और वही हुआ इसने भाड़े पर जर्नलिज्म की डिग्री ली और इसके भाई बिरादर ने इसे मंच दिया तो इस तरीके से यह दुनिया का बड़का पत्रकार बना.
नहीं तो यह जहां पत्रकार बना बैठा है अगर वह संस्थान उसके भाई बिरादरो की न होती तो इसे वहां कोई संस्था के गेट के बाहर गेटमैनी और गेट के भीतर चपरासी की भी नौकरी पर नहीं रखता. तो इतना टैलेंटेड है यह गलगोटिया का दाहिना गोटा.