अरे आईटी सेल वाले भाई दिहाड़ी मजदूरी के पैसे पूरी तरह से अदा कर रहे हो? तुम बेवकूफ किसे बना रहे हो?
51078 विद्यार्थी सामान्य वर्ग के और पैसे मिले 163 करोड़? 64971 विद्यार्थी दलितों के पैसे मिले 58 करोड़? जबकि पूर्व दशम में दलितों को फीस वापसी होती है 3500₹ और सामान्य वर्ग को होती है 2500₹ भाई दलितों को सामान्य वर्ग की अपेक्षा ज्यादा पैसा मिलता है? और यहां भी उनकी संख्या ज्यादा है? तो सौ करोड़ से ज्यादा पैसा सामान्य वर्ग को कैसे मिल गया?
भयवाह 🚨
उत्तर प्रदेश के कन्नौज में एक ब्राह्मण की चोटी काटने का प्रयास किया गया।
शिवांशु मिश्रा बिजली विभाग में संविदा कर्मचारी हैं, कल २ अक्टूबर की छुट्टी होने के वाबजूद वह अपना कार्य करते रहे, एक गांव में जब वह कार्य करने पहुंचे तो उनके साथ उस गांव के प्रधान ने मारपीट की, ब्राह्मण जानकर उसकी चोटी काटने का प्रयास किया गया।
अब समझिए अभी उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ की सरकार हिंदूवादी सरकार है फिर भी हिंदुओं के साथ यह हाल है, क्या ब्राह्मण हिंदू नहीं हैं? और आईटी सेल वाले भाजपाई कहते हैं कि योगी आदित्यनाथ को सवर्णो की हराने की चाल है, सपा को लाना चाहते हो? अरे भाई जब तुम्हारी सरकार से कुछ हो नहीं पा रहा है तो कोई आए कोई जाए हमें क्या फर्क पड़ता है, इस सरकार को तो सत्ता विहीन ही करना है जिसमें ब्राह्मणों की यह दुर्दशा है।
गज़ब 🥱
कॉमेडियन समय रैना के शो की प्री-सेल शुरू होते ही 24 घंटे में 2 लाख टिकट बिक गए। ₹2,299 की शुरुआती टिकट कीमत के साथ उन्होंने एक दिन में आसानी से ₹40 करोड़ जुटा लिए।
बताएं कितने लोग ऐसे हैं जो केवल इसी बात पर बैठे रहते हैं कि कौन सा फोन नया आ रहा है, कौन सी मूवी नई आ रही है, कौन सा शो नया आ रहा है?
दूसरी तरफ इस देश में आज भी 60 फीसदी लोग दो वक्त की रोटी कमाने के लिए तड़प रहे हैं।
पंकज ध्वरैय्या का साथ देने और थाने से छुड़ाने कोई नेता आगे नहीं आया, आपने देखा होगा कॉक्रोचों के लिए पूरे देश का विपक्ष लग जाता है, यह जो पार्टी खुद को हिंदू कहती है वही पार्टी आगे नहीं आई जबकि देश और धर्म का ठेका सबसे ज्यादा सवर्ण समाज और फिर ऊपर से ब्राह्मण ही उठाता है।
मैंने देखा है दलित हितार्थ कार्य करने पर पूरे देश का दलित और उसके समाज का नेता उसके साथ मे होता है, पिछड़े वर्ग के हितार्थ कार्य करने पर पूरे देश का पिछड़ा वर्ग और उसके समाज के नेता उसके साथ खड़े होते हैं यहां तक कि सवर्ण समाज के सेक्युलर और धार्मिक नेता भी साथ होते हैं लेकिन जब बात सवर्णो की आती है तो बांकी का छोड़ो जो नेता दलितों और पिछड़ों के साथ समाज के खड़े होते हैं सेक्युलरिज्म और धार्मिक बनकर उनके कानों में मोम और मुंह में फेवीक्विक लग जाता है।
उत्तर प्रदेश में बिना ब्राह्मणों के नैया पार नहीं हो सकती है यह बात कॉग्रेस को अच्छी तरह पता है अपा सपा, असपा बसपा क्या जाने ब्राह्मणों का महत्त्व?
देखिए कॉग्रेस ने अराधना मिश्रा उर्फ मोना को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है, अराधना मिश्रा रामपुर खास से विधायक है और अराधना मिश्रा कांग्रेस के नेता प्रमोद तिवारी की बेटी है।
प्रमोद तिवारी 9 बार के विधायक और दो बार के राज्यसभा सांसद हैं।
भाजपा की हार दिन - प्रतिदिन पक्की हो रही है, 2027 का चुनाव भाजपा यदि हार जाती है तो यहीं से भाजपा के पत्ते केंद्र के लिए 2029 में साफ हो जाएंगे।
भाजपा का चुनाव हारना सवर्ण समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है, यदि भाजपा चुनाव नहीं हारती है तो आने वाले पांच साल सवर्ण समाज के लिए नरक हो जाएंगे।
चंद्रशेखर रावण का एक वीडियो देखा जिसमे वह एक गाड़ी के वोनट पर बैठे हैं और उनके बॉडीगार्ड और सरकारी सुरक्षाकर्मी दाएं बाएं लटके हैं गाड़ी फर्राटा भर रहीं हैं रील बन रही है?
क्या नियम कानून सिर्फ आम आदमी के लिए हैं? क्या नेताओं पर यह लागू नहीं होते हैं?
क्या चंद्रशेखर रावण की इस हरकत का प्रशाशन क्या जवाव देगा? गाड़ी सीज करेगा? यदि नहीं होगा ऐसा तो आज से हम जान जाएंगे इस देश का कानून सिर्फ आम आदमियों के लिए हावी है बांकी सबके लिए तमाशा है और दोहरा रवैया रखता है।
इसमें सामान्य वर्ग के छात्र छात्राओं को क्या मिलेगा?
हिंदुत्व का झंडा उठाने वाले सबसे ज्यादा लोग सामान्य वर्ग के हैं, आपको उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के लिए उतावले सबसे ज्यादा लोग सामान्य वर्ग के हैं? लेकिन आपकी छात्रवृत्ति से वंचित रहने वाले भी सबसे ज्यादा लोग सामान्य वर्ग के ही हैं।
मैंने अभी हाल ही में 2500₹ की एक SIP ग्रो के माध्यम से ली है, एक बंधन स्माल कैप और दूसरी पराग परीख फ्लैक्सी कैप की, इस महीने उसकी दूसरी इंस्टालमेंट जमा हुई है लेकिन जब से पैसा लगाया है तब से माइनस में ही जा रहा है।
अभी तक जमा पूंजी में 104₹ कम हो चुके हैं, अब समझ नहीं आ रहा है कि आगे जारी रखूं या विदड्रॉल कर लूं?
जो लोग कह रहे हैं कि भाजपा हिंदुओं के लिए बहुत जरुरी है और ब्राह्मणों और ठाकुरों को भाजपा का विरोध नहीं करना चाहिए कोई विकल्प नहीं है? उन्हें मैं बता देना चाहता हूं कि इस देश में जब जब ब्राह्मणों पर अत्याचार हुआ तब तब भाजपा मौन रही, जब जब ठाकुरों पर अत्याचार हुआ भाजपा मौन रही? जब जब हिंदुत्व पर हमला हुआ, रामचरितमानस की प्रतियां जलाई और फाड़ी गई भाजपा चुप रही, सवर्णों की बहन बेटियों को खुलेआम आम मंचो से मांगा गया भाजपा चुप रही, राम और सीता का अपमान हुआ भाजपा चुप रही, ब्राह्मणों को विदेशी बोला जाता है भाजपा चुप रहती है तो फिर कौन से हिंदुत्व की रक्षा भाजपा कर रही? किस लिए भाजपा को वोट दिया जाए?
मैं देख रहा कैंची धाम के कई वीडियो सामने आए हैं जिसमें बहुत ज्यादा भीड़ हैं, पैर रखने तक की जगह नहीं है।
जबकि हकीकत यह है कि बाबा नीव करोरी जी का असली मंदिर फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद में है जहां सबसे ज्यादा उन्होंने अपना समय व्यतीत किया और जहां उन्होंने सबसे ज्यादा तपस्या की, लेकिन वहां भीड़ न के बराबर होती है।
देख लीजिए आईटी सेलियों आपके बाबा कितने बड़े हिंदूवादी हैं, आप सवर्णो से अपेक्षा करते हो उन्हें कि वह इनको वोट दें?
जो आदमी जाति की बात कर रहा है उसे हिंदुत्व के नाम पर वोट दें? भाजपा की यही हकीकत है वह कभी जाति नहीं छोड़ सकती है, हिंदुत्व का सिर्फ आवरण पहने हैं।
सवर्णों को ध्यान रखना होगा कि वह किसी भी सवर्ण नेता के पार्टी बदलने, टिकट न मिलने, या किसी का अध्यक्ष बनने या टिकट मिलने पर बंधाई या मातम न मनाएं? क्योंकि इनके होने न होने से कोई फर्क नहीं है यह सत्तालोलुप लोग हैं, इन्हे कुर्सी प्यारी है इन्हें समाज से घंटा फर्क नहीं पड़ता है।
समाज के नाम पर सिर्फ दलित और पिछड़े नेता ही अच्छे हैं, जो किसी भी दल में रहे अपने समाज के लिए मुखर रहेंगे।
इसीलिए हम नेताओं की गुलामी और जिंदाबाद करने से बचें, उतनी ऊर्जा अपने समाज के हक और अधिकारों की बात करने वाले सोशलिस्ट लोगों की साथ दें, और खुद उठाएं, तभी परिवर्तन आएगा इन नेताओ की वजह से तुम्हारा उद्धार नहीं होगा।
भाजपा कहती है कि हमने किसानों की आय दोगुनी कर दी आइए आपको बताते है कैसे किसानों की आय दोगुनी हुई है?
मेरे पास 700 पैकेट आलू कोल्ड में रखा है भाव 250₹ से 300₹ है और 142₹ कोल्ड का भाड़ा है?
700×270 = 189000₹
700×142 = 99400₹
189000-99400 = 89600₹
अब इसमें लागत, मेहनत, मजदूरी निकाल दो किसान को क्या बचेगा घंटा?
22 बीघा का यह उत्पादन है।
400₹ पैकट बीज 5 पैकट प्रति बीघा (22 बीघा)
1800₹ DAP, 1 बोरी प्रति बीघा DAP (22 बीघा)।
300₹ प्रति बीघा जुताई 6 जुताई हुई (22 बीघा)।
150₹ प्रति बीघा पानी 5 पानी लगे (22 बीघा)।
300₹ प्रति बीघा आलू गड़ाई (22 बीघा)।
400₹ दिहाड़ी दो दिन लगे दवाई छिड़काव।
4000₹ की दवाई।
1500₹ बीघा आलू खुदाई लेवर (22 बीघा)
> 400 x 5 पैकेट x 22 = 44,000₹
> DAP 1800 x 22 बोरी = 39,600₹
> जुताई 300 x 6 बार x 22 = 39,600₹
> पानी 150 x 5 बार x 22 = 16,500₹
> आलू गड़ाई 300 x 22 = 6,600₹
> दवाई छिड़काव दिहाड़ी 400 x 2 दिन = 800₹
> दवाई 4,000₹
> आलू खुदाई लेवर 1500 x 22 = 33,000₹
कुल खर्च = 1,84,100₹
आलू निकला = 89600₹
मतलब 94500₹ जेब से गए, यह आय दोगुनी हुई है किसानों की, जबकि इसमें और बाईक का पेट्रोल दौड़ भाग में कुछ खर्च जुड़ा नहीं तब यह हाल है।
अपडेट 🙏
पंकज ध्वरैय्या जी अपने साथियों सहित अभी भी दिल्ली पुलिस की कस्टडी में हैं, उनसे शर्त रखी जा रही है कि वह यात्रा न निकालें।
गिरफ्तारी के बाद वाड़ा हिदूराव थानें में सुबह से भूखे प्यासे हैं, अभी जानकारी सामने आई है कि पुलिस उन्हें जेल भेजने की तैयारी में है।
सवर्ण समाज के खिलाफ भाजपा अपनी हर भरपूर कोशिश कर रही वहीं भीम आर्मी और अपने प्रिय लोगों को हिसाब चुकता करने के लिए पूरा समर्थन कर रही है।
कुछ कहना है हिंदू एकता वालों? बताओ कहां तक बर्दाश्त किया जाए?
मोदी जी के सपनों का भारत देखिए 2014 के बाद भारत में सबसे ज्यादा ब्राह्मणों के खिलाफ नफ़रत फैली है, इसका जिम्मेदार सिर्फ मोदी जी हैं।
जाति आधारित जनगणना करवाना इसका प्रथम चरण है, विपक्षी दलों की खासकर असपा और कांग्रेस की यह प्रमुख मांग है, भाजपा सत्ता में बने रहने के लिए कुछ भी करने को तैयार है।