“The RSS is itself a product of the revolutionary national movement for freedom.” -JAYACHANDRA VIDYALANKAR, (Freedom fighter; Historian; Author) #OnRSS#GurugramRSS100
I have been always trying to understand the Sangh by coming close to it. Your behaviour, manner and discipline cab attract anybody and create a soft corner for you in his heart.-DR. ISHWRI PRASAD (Historian ) #OnRSS#GurugramRSS100
सरस्वती आपटे ‘ताई’ के नेतृत्व में गोवा मुक्ति आंदोलन में राष्ट्रीय सेविका समिति ने भी हिस्सा लिया. वे पुणे में एकत्रित होने वाले सभी सत्याग्रही गुटों भोजन आदि की व्यवस्था करती थी.#संघयात्रा
जंगल सत्याग्रह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी शताब्दी की दहलीज पर है. ऐसे में यह प्रश्न बार-बार पूछा जाता है कि स्वतंत्रता संग्राम में संघ का क्या योगदान है? इस दृष्टि से स्वतंत्रता संग्राम के सविनय अवज्ञा आंदोलन से संघ के संबंधों का अवलोकन
स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है, और मैं इसे लेकर रहूंगा!" सिर्फ नारा नहीं था, यह उस चेतना की गर्जना थी, जो लोकमान्य तिलक ने भारत के जन-जन में जगाई।
उन्होंने गीता से ‘कर्मयोग’ लिया, संस्कृति से आत्मबल लिया, और भारत को पराधीनता से मुक्ति का रास्ता दिखाया।
राष्ट्रीय सेविका समिति की चतुर्थ प्रमुख संचालिका प्रमिला ताई मेढ़े का आज देहावसान हो गया।आप सेवा, संयम, संगठन, समर्पण की प्रतिमूर्ति थीं। 1950 से 2003 तक समिति में विभिन्न दायित्व निभाये। 2003-04 में 28,000 किमी भारत परिक्रमा की। मरणोपरान्त देहदान द्वारा आपने अंतिम समर्पण किया
राष्ट्रीय सेविका समिति की चतुर्थ प्रमुख संचालिका प्रमिला ताई मेढ़े का आज देहावसान हो गया।आप सेवा, संयम, संगठन, समर्पण की प्रतिमूर्ति थीं। 1950 से 2003 तक समिति में विभिन्न दायित्व निभाये। 2003-04 में 28,000 किमी भारत परिक्रमा की। मरणोपरान्त देहदान द्वारा आपने अंतिम समर्पण किया
तुलसी जयन्ती श्रावण शुक्ल-सप्तमी रामराज्य तुलसीदास जी के सपनों का समाज है, जिसमें राजा और प्रजा दोनों अपने कर्तव्यों का पूर्ण निष्ठा के साथ पालन करते हैं। तुलसीदास जी के अनुसार, राजा का प्रताप तभी स्थापित होता है जब वह अपनी नीयत को शुद्ध रखता है, राजपाट को भोग-विलास का साधन नहीं
लोकमान्य तिलक की ‘स्वदेशी’ अवधारणा और आत्मनिर्भर भारत
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में लोकमान्य तिलक जी ने जिस चतु:सूत्री का प्रतिपादन किया था, उनमें ‘स्वदेशी’ और ‘बहिष्कार’ यह दो सूत्र थे.
अमेरिका की विशेषता विज्ञान से है। इंग्लैंड की पहचान धन से है। जापान की विशेषता नई तकनीक से है। परन्तु भारतवर्ष की पहचान #धर्म से है। धर्म प्राणिमात्र को जीने का, सुखी रहने का अधिकार देता है। इसी शाश्वत तत्व के कारण भारत #जगतगुरु । धर्म के बिना भारत मुर्दा है l
अलीगढ़ में धर्मांतरण का जाल97 महिलाएं लापता, खुफिया एजेंसियां सतर्क उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है,जहां अवैध धर्मांतरण नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है।अब तक की जांच में सामने आया है कि करीब97 महिलाएं लापता हैं,जिनका संबंध इस नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।
92 वर्षीय स्वयंसेवक का अद्भुत समर्पण...
जब बात राष्ट्र सेवा और अपने सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्धता की आती है
तब आयु केवल एक संख्या रह जाती है, यह केवल समर्पण नहीं,बल्कि
कर्तव्य, निष्ठा, और राष्ट्रप्रेम का सर्वोच्च उदाहरण है।
अंतरिक्ष मिशन की सफलता पर ओम बिड़ला ने शुभांशु को दी बधाई लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने आज संसद के मानसून सत्र की शुरुआत में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ल को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की सफल यात्रा और 15 जुलाई को उनकी सुरक्षित वापसी पर बधाई दी।