@appuaman 1. मर जाना कबूल है लेकिन बीजेपी में जाना कबूल नहीं है।
2. जब तक नीतीश जी को सीएम के पद से हटा नहीं देता हूं तब तक पगड़ी नहीं खोलूंगा।
नोट: ये दोनों कथन मेरे नहीं हैं।
🔶बिहार में 5 तरह के विचार वाले लोग हैं :–
1️⃣ जो राजद के अंधभक्त हैं और चाहे जो हो जाए वो उन्हीं को वोट देंगे।
2️⃣ जो बीजेपी या नीतीश कुमार के अंधभक्त हैं और चाहे जो हो जाए एनडीए को वोट देंगे।
3️⃣ ऐसे लोग जिनको पीके और जनसुराज की बातों ने बहुत प्रभावित किया है और वो अपना मन बना चुके हैं उनको वोट करने का।
4️⃣ जो पीके और जेएसपी की बातों को समझते तो हैं लेकिन यह मानते हैं कि इस बार इनका जीतने का चांस कम है तो अपना वोट बर्बाद नहीं करेंगे।
5️⃣ ये भी पीके और जेएसपी के विचारों का समर्थन करते हैं और बदलाव भी चाहते हैं लेकिन वो ये कभी नहीं चाहते कि राजद सत्ता में आए और क्योंकि संभावना यह है कि जेएसपी सबसे अधिक एनडीए का वोट काटेगा और उसके चलते राजद के जीतने की संभावना बढ़ती है इसलिए तेजस्वी से बेहतर तो नीतीश ही हैं यह सोच के अंत में एनडीए को वोट दे देंगे।
✴️अब इन सब का प्रतिशत क्या है ये तो किसी को किसी को नहीं पता और ये तो 14 नवंबर को ही पता चलेगा।
🔆मेरी सबसे यही अपील है कि जाति, धर्म, पार्टी, बड़ा चेहरा या पैसा–दारू ले कर वोट न दें बल्कि अपने क्षेत्र के उम्मीदवारों को देखें। चाहे वो किसी पार्टी, जाति–धर्म के हों, अगर साफ सुथरी छवि है, पढ़ें लिखे हैं और आपके क्षेत्र में या पहले विकास किया है या आगे विकास को लेकर उनके पास मुद्दे हैं तो उनको ही वोट करें।
#बिहारचुनाव2025
#BiharElection2025
वीडियो वर्ष 2018 का है जब प्रशांत किशोर जी जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष थे शराबबंदी कानून पर उनका पक्ष सैद्धांतिक तौर पर तब भी यही था जो आज है!
प्रशांत किशोर और दूसरे नेताओं में बुनियादी अंतर यह है कि प्रशांत जी किसी भी नीति या मुद्दे पर एक व्यापक नजरिये से बात करते हैं। राजनीति उनके लिए चुनाव की हार-जीत भर नहीं है।
प्रशांत जी के संदर्भ में अक्सर सायास तौर पर यह भ्रम फैलाने की कोशिश की जाती है कि क्या उन्होंने तब इसका विरोध किया था? दरअसल ज्यादातर इस तरह के प्रश्नों के मूल में एक मंशा होती है , प्रशांत जी की विश्वसनीयता पर हमला करना। चूँकि अब इस सूचनाओं के अम्बार में एक आम व्यक्ति कैसे खोजेगा कि उन्होंने अभी से 9 वर्ष पूर्व क्या बोला था। लेकिन जो लोग प्रशांत जी को पिछले वर्षों में सुन और समझ रहे होंगे उन्हें इस बात का इल्म होगा कि कभी भी प्रशांत जी कभी भी अति ( extreme) में जाकर बात नहीं करते हैं बल्कि एक व्यापक दृष्टिकोण से ही अपनी बातों को रखते आयें हैं।
The last date of filling preference of ministries for ASO in CSS who are selected through SSC CGL 2024, is 31.03.2025 but while filling the preference form, it shows that the "Date has been expired". SCREENSHOTs are enclosed.
Kindly look into matter
@DoPTGoI@abhinaymaths
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मैं भारतीय रेल के पार्सल सिस्टम में एक बड़ी दिक्कत की ओर ध्यान आकर्षित कराना चाहता हूं। अगर कोई आपको पार्सल भेजता है तो आपको उस पार्सल को रिसीव करने के लिए उसकी ओरिजनल रसीद का होना आवश्यक है। मेरा यही सवाल है कि
पहले पार्सल book करो,फिर speed post से उसका रसीद भी भेजो। ये बिल्कुल ही समय, उर्जा और पैसों की बर्बादी है। क्या उस रसीद के xerox alongwith Aadhar card Xerox से कोई सामान नही छुड़ा सकता है?
जब आप आधार कार्ड का फोटो कॉपी ले ही रहे हैं तो ओरिजनल रसीद की क्या यथार्थता है?
अगर वो रसीद की हार्ड कॉपी भेजने में सक्षम होता ही तो पार्सल क्यों भेजता,साथ में ही खुद लेकर आ जाता न।
एक तरह देश के पीएम @narendramodi जी Digital India की बड़ाई करते नहीं थकते हैं और दूसरी तरफ ये घिसी पिटी सिस्टम चली आ रही है।