@BhajanlalBjp@GajendraKhimsar
7हजार ���ी संविदा निविदा की नौकरी,
इनका हर स्तर पर शोषण
ये खबर पहली बार नहीं कई बार उठी,
लेकिन बेरोजगार ठेकेदारों के शोषण को मजबूर है?
क्योंकि किसी भी सरकार ने सरकारी स्तर पर is शोषण को रोकने के लिए तैयारी नहीं की
सब कुछ ठेकेदारों को सौंप दिया
@cmo@akhilarora93@svoruganti1466
LT समय पर रिपोर्ट न दे तो एक्शन
लेकिन आला अधिकारी कार्मिकों की फाइल ही अटका के बैठ जाये तो?
GP में र���ज. के LT दूसरे राज्यों से पिछड़े हुए
DPC, पदस्थापन तो मैराथनी रेस बन चुके
मागो पर लेग ब्रेक हैंड ब्रेक दोनों खींच रखे हैं
समाधान नहीं
@BhajanlalBjp@RajCMO@GajendraKhimsar
नीट
रीट
SI
कृषि लेक्चरर
इतनों के पेपर लीक
तो फिर पेपर किसके लिए ?
योग्य तो यहाँ भी अधूरी आश के साथ
फिर मेरिट बोनस में क्या दिक्कत?
कम से कम साफ सुथरी मेरिट तो दिखेगी
और योग्य को न्याय भी मिलेगा
@BhajanlalBjp@RajCMO@GajendraKhimsar
कोटा लैब टेक्नीशियन संघ द्वारा वित्तीय,गैर वित्तीय मांग (पदनाम)सहित पेरामेडिकल कोर्सेज करके आने वाले युवाओं की नौकरी पर जांचों के निजीकरण से अटकी तलबार
सरकारी क्षेत्र में जांचों की गुणवत्ता बनाए रखने हेतु ज्ञापन सौंपा है
न्याय की उम्मीद
राजस्थान के स्वास्थ्य संस्थानों में लै��� की जांच से जुड़े कार्यों को हब एंड मॉडल के तहत निजी कम्पनियों को देने का निर्णय अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण व जनविरोधी है | यह निर्णय न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित करेगा बल्कि मरीजों, मेडिकल छात्रों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए गंभीर संकट खड़ा करेगा | निजी कम्पनियों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए ऐसे निर्णय से मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर, इंटर्न, नर्सिंग स्टूडेंट्स और पैरामेडिकल स्ट���फ की पढ़ाई और प्रशिक्षण पर सीधा असर पड़ेगा,मरीजों को जांच और इलाज के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा वहीं इमरजेंसी सेवाओं में देरी जानलेवा साबित हो सकती है साथ ही बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाने की मजबूरी से आम जनता की तकलीफ बढ़ेगी। उदाहरण के तौर पर बताऊं तो थैलेसीमिया जैसे गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों को समय पर जांच और उपचार नहीं मिल पाएगा वहीं वर्षों से अल्प वेतन पर संविदा पर जो लोग कार्य कर रहे थे उन्हें उम्मीद थी कि कभी न कभी सरकार उनके साथ न्याय करेगी और वर्षों की मेहनत का उन्हें सकारात्मक फल मिलेगा मगर सरकार के ऐसे तुगलकी फरमान ने पहले से संविदा पर लगे कार्मिकों के भविष्य पर भी प्रश्न चिन्ह खड़ा कर दिया | मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp को कहना चाहता हूं कि ऐसे निर्णय की तत्काल उच्च स्तरीय समीक्षा करके हब एंड मॉडल के तहत निजी कम्पनियों को दिए गए कार्य प�� रोक लगाए | चिकित्सा क्षेत्र में ऐसे महत्वपूर्ण कार्य में निजीकरण को बढ़ावा देना प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए शुभ संकेत नहीं है |
@RajCMO
@1stIndiaNews@DainikBhaskar@svoruganti1466@akhilarora93@RajCMO
अब तक सुनते थे की संविदा को परमानेंट करेंगे
पहली बार चिकित्सा विभाग का आदेश है कि परमानेंट को हटाकर संविदा पर लगाएंगे
पहले जांचों का निजीकरण
जांचों की गुणवत्ता?
अब परमानेंट पद खत्म
संविदा को ही परमानेंट?
@1stIndiaNews@BhajanlalBjp@GajendraKhimsar@KumariDiya
हम सरकार के कार्मिक हैं
जनहित में,सरकारहित हित में, यूवा हित
जांचों के गुणवत्ता बनाए रखने के लिए केवल अपनी बात पहुंचा सकते हैं
विचार करना ना करना उच्च स्तरीय कार्य लेकिन सही बोलने पर ही नोटिस देना प्रदर्शित करत��� है....?
@BhajanlalBjp@RajCMO@KumariDiya@GajendraKhimsar@DrPremBairwa
माननीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग एक अति संवेदनशील विभाग है
जनता का जांचकार्य MNJY में गुणवत्तापूर्ण है
लेकिन सरकारी लैबों का जांच कार्य निजीकरण के बाद खराब हैं
जनता नाराज
युवा परेशान
सरकार पर अतिरिक्त भार
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निजीकरण जब जांचों की गुणवत्ता प्रभावित हो चुकी है तो अब नागौर CMHO निजी फर्म जिसको मशी�� और मैनपावर उपलब्ध करानी थी
उसके विपरीत जाकर सरकारी कर्मचारी सरकारी मशीनों को ही निजी फॉर्म को दे रहे हैं
MD NHM के गजब आदेश और उनकी पालना
@BhajanlalBjp@RajCMO@GajendraKhimsar
MD NHM के आदेश में लिखा कि विषय विशेषज्ञ जांच लिखें ..
क्या PHC पर जो जांचे लिखी जा रही है उनके विषय विशेषज्ञ है?
दूसरी तरफ ऊपर से दबाव बनाया जाता है कि आप इन जांचों को शुरू कराए
सरकारी सेक्टर को सरकार,अधिकारी कमजोर करें
फिर निजीकरण ?
@BhajanlalBjp@GajendraKhimsar@KumariDiya@RajCMO
राजस्थान की विश्व स्तरीय सरकारी जांच व्यव���्था अब निजीकरण के नाम से सवालों के कटघरे मे
गलत जांचरिपोर्ट के दुष्परिणाम से जनहित में हमने पहलेही अवगत कराया था
दूसरे राज्यों में निजीकरण ने पूरे स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को धूमिल किया है
@BhajanlalBjp@GajendraKhimsar@KumariDiya@RajCMO
राजस्थान की विश्व स्तरीय सरकारी जांच व्यवस्था अब निजीकरण के नाम से सवालों के कटघरे मे
गलत जांचरिपोर्ट के दुष्परिणाम से जनहित में हमने पहलेही अवगत कराया था
दूसरे राज्यों में निजीकरण ने पूरे स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को धूमिल किया है
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दशकों पुरानी GP 4200 की मांग पूरी हो
पदनाम का कैबिनेट अप्रूवल
स्टाफिंग पैटर्न
राज. एक सुखा प्रदेश है
जांचों का निजीकरण युवाओं के सपनों ��े, खिलवाड़ है- बंद हो
गुणवत्ता प्रभावित होगी
मेरिट + बोनस आधारित सीधी भर्ती हो
@BhajanlalBjp@GajendraKhimsar@cmo
युवा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं
युवाओं के हित में - जनहित में - राज्य हित में जांचों के निजीकरण को वापस लो
LT की ग्रेड पे4200
पदनाम का कैबिनेट अप्रूवल
पैरामेडिकल की सीधी भर्ती (मेरिट प्लस बोनस)
स्टॉपिंग पैटर्न जैसी मांगे पूरी हो