ग्रामीणों को गुमराह करना बंद करें! लाखों रुपए की सरकारी लागत से बने इस ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र को चलाने के बजाय गांव के सेक्रेटरी गैर-ज़िम्मेदाराना बयान दे रहे हैं कि यह पक्के गड्ढे सिर्फ पन्नी के लिए हैं, गोबर-खाद के लिए नहीं
कब तक ऐसे ही पागल बनाया जाएगा सोशल मीडिया पर कितने महीना से आदेश करते आ रही है शामली पुलिस लेकिन सुन कौन रहा है केवल सोशल मीडिया पर खाना पूर्ति शामली पुलिस करती नजर आ रही है केवल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म क्या खानापूर्ति के लिए बना हुआ है राजकुमार बघेल झूठी रिपोर्ट लगा रहा है