JNU has started BSc- MSc 5-year integrated program in Ayurveda Biology in 2020-21 session as an interdisciplinary program. The students of this program have prepared a COVID-19 awareness video message. Wonderful initiative. You would love to watch it.
यदि मस्जिदों की व्यवस्था मुसलमानों के हाथ में है और चर्च की व्यवस्था ईसाई समाज के हाथ में है, तो मठों और मंदिरों की व्यवस्था हिन्दू समाज के हाथ में क्यों नहीं, उनपर सरकारी नियंत्रण क्यों होना चाहिए ?
@Rahuliya94 @IAjeetBharti @PuspendraTweet@PMOIndia@vivekagnihotri@Tejasvi_
जब फिल्म इंडस्ट्री में इंडस्ट्री के लोगों के द्वारा उभरते कलाकारों को दबाया जाता है, यहाँ तक की उनकी हत्या कर दी जाती है, तब इंडस्ट्री बदनाम नहीं होती। लेकिन ��ंडस्ट्री में चल रहे घिनौने करतूतों एवं जहरीली ड्रग माफियाओं पर सवाल उठाया जाये ��ो बदनामी लगने लगती है।
@KanganaTeam
@ravi
#रामो_विग्रहवान्_धर्मः
नाम राम को अंक है सब साधन हैं सून।
अंक गएं कछु हाथ नहिं अंक रहें दस गून।।
श्रीरामचन्द्रजी का नाम अंक है और सब साधन शून्य (०) हैं। अंक न रहने पर तो कुछ भी हाथ नहीं आता, परंतु शून्य के पहले अंक आने पर वे दस गुने हो जाते हैं।
#Ayodhya#BhumiPujan#PMO
संस्कृत भाषा बहुत सारी भाषाओं की साक्षात् जननी है तो कुछेक भाषाओं की जननी की जननी है और इस परम्परा का गहन विवेचन किया जाए तो आप को भाषा के रूप में संस्कृत - दादी परदादी के साथ-साथ नवयुवती सदृश भी प्राप्त होगी।
#संस्कृतदिनम्#संस्कृतदिवस#विश्व_संस्कृत_दिवस#WorldSanskritDay
यथा एषा चक्रवाकी गाढं प्रियविरहदुःखिता जाता।
तथा सा मम प्रियतमा सुदीनवदना गमयति कालम्।।
अर्थ :- जैसे यह चकवी अपने प्रिय के विरह से अत्यन्त दुःखी हो गई है वैसे ही मेरी वह अत्यन्त दीनवदना प्रियतमा समय व्यतीत करती होगी।।
#WorldSanskritDay#संस्कृतदिनम्#संस्कृतदिवस
#संस्कृतिः_संस्कृताश्रया
निद्रैव वन्द्यते किं क्रियते देवताभिः अन्याभिः।
यस्याः प्रसादेन प्रियः दृश्यते दूरेऽपि निवसन्।।
अर्थ:- केवल निद्रा हि वन्दनीय है, जिसकी कृपा से दूर रहने वाला प्रिय भी दिखाई दे जाता है। अतः अन्य देवताओं से क्या काम है?
@saurabhmahadev#SanskritDiwas