गंगा अपनी संस्कृति और इतिहास की पृष्ठभूमि है। अनादिकाल से इसको मोक्षदायिनी पतित पावनी कहा गया है। वास्तव में यह इस देश की लगभग आधी आबादी की जीवन रेखा भी है।
14 नवंबर 2021, दिन रविवार को होटल त्रिवेणी संगम, अंदावा, झूंसी, प्रयागराज में गङ्गा समग्र, काशी प्रांत के समस्त जिला संयोजकों, सह संयोजकों एवं संरक्षक मंडल की बैठक संपन्न हुई ।
मुख्य अतिथि - मा. रामाशीष जी (राष्ट्रीय संगठन मंत्री, गंगा समग्र)