चित मैं जीता, पट तू हारा..
सीटें बढाने के लिए कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट लगता है। इसके लिए तीन चौथाई बहुमत, आधे राज्यो की सहमति चाहिए। यह काम 240 वाली पार्टी के बूते का नही।
याने यह बिल गिरना है, सरकार खुद जानती थी। लेकिन बढाने की छूट महिला रिजर्वेशन के चोले में लाये। ताकि पश्चिम बंगाल और साउथ की पोलिंग के पहले बिल गिर जाए।
तो रैली में कह सकें
कि विपक्ष तो महिला विरोधी है।
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तो इस अचानक बुलाये सत्र का टोटल लब्बोलुआब, विपक्ष को "महिला विरोधी" कहने का मसाला एकत्र करना भर था। कोई विजनरी प्रोग्रेसिव फैसला कर डालने की नही।
तो मैनें बहस नही सुनी। दोनों तरफ से किसी ने भी कुछ भी बोला हो, सुनना वेस्टेज ऑफ टाइम था।
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लेकिन संसद में हो रही कोई भी बात सुनना, वेस्टेज ऑफ टाइम नही है क्या?
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Cash prize जीतें!🤩 18/03/2026
ईनाम राशि ब्लूटिक 100 रुपए
बिना ब्लूटिक 51 रुपए
इनामी प्रश्न संख्या 3-
हाल ही में सांसद राघव चड्ढा ने बैंक अकाउंट में मिनिमम बैलेंस का मुद्दा संसद में उठाया है!
1. राघव चड्ढा संसद के कौनसे सदन के सदस्य हैं?
जवाब देने का समय रात्रि 9 बजे तक रहेगा!
इस पोस्ट का रिपोस्ट किया हुआ होना ज़रूरी है!🙏
किसी के भी कमेंट पर 2 से ज़्यादा लाइक नहीं होने चाहिए!🤩
सबसे कम लाइक वाले जवाब को प्राथमिकता दी जाएगी!
समान लाइक होने पर जल्दी कमेंट करने वाले को लिया जाएगा!🤩
कमेंट बंद होने के बाद 9 बजे मैं एक पोस्ट करूँगा,
जिस पर 10 बजे तक आपको अपना जवाब का स्क्रीनशॉट कमेंट में डालना होगा!
जिसमे कमेंट का टाइम स्पष्ट दिखाई देना चाहिए और ऊपर स्क्रीनशॉट का टाइम भी!🙏
@officialRGHS I want to change RGHS form on department to other departments please suggest what procedure I will follow
I already complain in 181 but didn't change till now
परिवीक्षाधीन कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारी के बराबर काम करने के बावजूद 14,600/- का नियत पारिश्रमिक मिलता है, जो कि आज के इस महँगाई के जमाने में बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है।
राजस्थान सरकार @BhajanlalBjp@RajCMO इस ओर विशेष ध्यान दे 👉🏻#प्रोबेशन_में_पूर्ण_वेतन@LDCsangh
“5th ऑप्शन ने मेरा सपना रोक दिया”
मैं यह सिर्फ एक अभ्यर्थी के रूप में ही नहीं, बल्कि टूटे हुए मन,और कई वर्षों की मेहनत की पीड़ा लेकर लिख रहा हूँ।
राजस्थान की परीक्षाओं में OMR शीट पर 5th option (No Answer) भरने की अनिवार्यता ने न जाने कितने सपनों को आधे रास्ते में ही रोक दिया है। मैं भी उन्हीं में से एक हूँ।
मेरे साथ जो हुआ, वह सिर्फ एक गलती नहीं थी बल्कि वह मेरे भविष्य के साथ हुआ अन्याय था।
Asst. Professor – 2023 की परीक्षा में मैं भी शामिल हुआ था. जहाँ पर मैंने भी गंभीर अभ्यर्थी की तरह तैयारी करके परीक्षा दी.पेपर भी सभी अभ्यर्थियों की अपेक्षा अच्छे हुए थे. तथा तीनों पेपर में मिलाकर 117 मार्क्स बन रहे थे.जो की भूगोल के कठिन पेपर के आधार पर अच्छे थे. लेकिन जब शाम को जाकर देखा तो पता चला कि भूगोल-1 के पेपर में 150 में से 134 प्रश्न हल किये ,बाकी 16 प्रश्न छोड़ दिए थे और स्वयं पर परीक्षा हॉल का दबाव और निरीक्षक द्वारा उस दिन याद न दिलाने के कारण 5th option भरना भूल गया।
परीक्षा हॉल में मुझे भरोसा था कि शायद पहली बार मेरे माता-पिता का सपना पूरा होने वाला है।
घर पहुँचकर जब पता चला कि 10% नियम की वजह से मैं चयन की रेस से बाहर हो गया, तो सच कहूँ — मेरी हिम्मत की नींव ही हिल गई।केवल आंसुओ की अश्रुधारा गालों से नीचे आ रही थी.परिवारजनों की सारी उम्मीदे धराशायी हो गई थी.
क्योंकि मेरे तीनों पेपर में मिलाकर 117 अंक आए थे जो MBC कैटेगरी में चयन के लिए आगे के अभ्यर्थियों में शामिल कर रहे थे.पर एक “खाली गोला” ने सब खत्म कर दिया।
किस्मत पर भरोसा था,
मेहनत पर यकीन था,
पर एक तकनीकी नियम ने मेरी सारी कोशिशें बेरहमी से मिटा दीं।
इसलिए यह नियम केवल मेरे लिये ही नहीं सभी के लिये हटना चाहिए .इसके भी निम्न कारण है :-
1. पेपर लीक इस नियम से नहीं रुकता, पर ईमानदार अभ्यर्थी जरूर फँस जाता है।क्योंकि पेपर लीक करने वाले के साथ जब तक RPSC का कोई सदस्य शामिल नहीं हो तब तक नहीं कर सकता और सदस्य के शामिल होने पर वह इसे खाली छोड़कर या दूसरी OMR शीट परिवर्तित करके अपना चयन पा लेगा. इसलिए इस ऑप्शन का भरना पेपर लीक को रोकने में कोई सार्थक कदम नहीं है.
2. परीक्षा हॉल की घबराहट में, कोई भी गंभीर छात्र गलती कर सकता है।
3. यह नियम मेहनत का मूल्यांकन नहीं—बल्कि मानव त्रुटि की सज़ा देता है।
4. देश के बड़े आयोग (UPSC, SSC, UPSC-CSIR) और कई राज्यों में ऐसा कोई अत्यधिक कठोर नियम नहीं है।
जो ईमानदार मेहनत करते हैं, वही सबसे ज़्यादा चोट खाते हैं।मेरी @RPSC1 व @alokrajRSSB से विनम्र प्रार्थना है कि मेरी यह अपील सिर्फ मेरे लिए नहीं है।यह उन सभी छात्रों की आवाज़ है जो वर्षों के संघर्ष लेकर परीक्षा में पहुँचते हैं और एक छोटी सी भूल उनके सपनों पर ताला लगा देती है।
कृपया 5th option अनिवार्यता पर पुनर्विचार कीजिए।
इस नियम को हटाकर या लचीला बनाकर आप न जाने कितनी ज़िंदगियों को दोबारा उम्मीद दे सकते हैं।
एक अभ्यर्थी की तरफ़ से —
जिसने कोशिश नहीं छोड़ी,
पर व्यवस्था ने उसे बीच रास्ते मे ही रोक दिया।
आप भी सोच सकते होंगे कि केवल एक प्रश्न की वजह से मैंने मेरा सपना खो दिया.आज इस जाल मे मैं फंसा हूँ।कल आप भी फंस सकते हो.
इसलिये इस आवाज को आगे पहुंचाये ताकि RPSC व RSSB पुनर्विचार करे।
#RPSC
#RSSB
@Radhemahwa@SantoshBishnoi_@manojmeena@Kavimeena123
@cop_manjumeena @HansrajGurjarR@JATbera1@madandilawar@arvindchotia@shivani847821
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