Assistant Professor Geography 👩🏫M.A.Geography&History,NET(C-89),SET,JRF(C-80),CSIRNET(EarthSc)
Geography mind | Philosophical soul | Aging like fine wine✨
@INCIndia मैं खुद BJP समर्थक हूं पर, जब से राजस्थान में BJP सरकार बनी है , सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार और जातिवाद और हरामखोरी बढ़ गयी है। अफसर अपना कार्य ठीक से नहीं कर रहे।
अध्यात्म और सच्चे रिश्तों का आधार हमेशा 'भाव'ही रहा है।जरूरत से की गई प्रार्थना में एक तरह का स्वार्थ या व्यापार झलकता है,भाव में निस्वार्थ समर्पण होता है। लेकिन फिर भी,आज के यथार्थ को देखें तो जरूरत ही वो धुरी है जिसके इर्द-गिर्द ज़्यादातर रिश्ते और उसकी भक्ति घूमती है।
-गरिमा✍️
मित्रता सदैव समान आयु के वर्ग में ही शोभा देती है; अपने से छोटों को समान अधिकार दे देना प्रायः प्रतिष्ठा को आघात पहुँचाता है। एक गरिमापूर्ण दूरी और अपनी उम्र/समकक्ष लोगों के साथ ही वैचारिक तालमेल सही रहता है।
- गरिमा ✍️
अपनी मुस्कुराहट को अपना 'इंतकाम' बना लो,
क्योंकि लोग तुम्हें टूटता देखने के लिए कतार में खड़े हैं, और तुम्हारी एक हंसी उनकी पूरी मेहनत बर्बाद कर देगी।
-गरिमा✍️
मैंने बहुतों को दौड़ते देखा है, स्वयं भी कई दौड़ हारी हैं। इसीलिए अब मैं जानती हूँ कि रास्ते में कहाँ पैर लड़खड़ाते हैं, कहाँ साँस उखड़ती है और कहाँ इरादे डगमगाते हैं...
-गरिमा✍️
बेहद शर्मनाक नोटिफिकेशन!
राजस्थान सरकार को चाहिए कि अब आईएएस-आईपीएस और आरएएस-आरपीएस अधिकारियों का चयन भी संविदा पर कर लेना चाहिए।
भगवान श्री कृष्ण जी से लेकर चाणक्य ने शिक्षक को राष्ट्र के लिए सबसे ऊपर माना है। एक शिक्षक ही राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। जब शिक्षक को सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तो वो विद्यार्थियों पर कैसे ध्यान देगा, जिसका स्वयं का भविष्य स्थाई नहीं, वो समाज को भविष्य की दिशा कैसे देगा, जो स्वयं सुरक्षित नहीं- स्वयं का निर्माण नहीं कर पाएगा, वो राष्ट्र का निर्माण कैसे करेगा?
समाज का सबसे महत्वपूर्ण अंग संविदा पर, और AC कमरों में बैठकर जनता पर हुकुम हांकने वाले अधिकारी परमानेंट, यह देश-प्रदेश के भविष्य को तबाह करने का पहला कदम है।
जो बीज गुलाम भारत में मैकॉले रोप गया था, वो वट-वृक्ष बन चुका है। प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री जी, उस वृक्ष को उखाड़िये, ना कि हमारे को विश्वगुरु बनाने का मार्ग प्रशस्त करने वाले शिक्षकों का भविष्य अंधकार में करके देश का भविष्य खराब कीजिए!
देश में एक भी शिक्षक चिंतित है, तो समझो वो 100 बच्चों का जीवन असुरक्षित कर रहा है। उसे आर्थिक, मानसिक, शारीरिक, राजनीतिक और पारिवारिक चिंताओं से मुक्त करना राजधर्म है। यदि शिक्षक इन चिंताओं से घिरा रहेगा, तो वो कभी राष्ट्र हित में नहीं हो सकता! @BhajanlalBjp@narendramodi@dpradhanbjp@madandilawar