#Jaipur: सामग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत व्यावसायिक प्रशिक्षकों की नियुक्ति से जुड़ा प्रकरण
राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस अनुरूप सिंघी ने पूरी निविदा प्रक्रिया पर लगाई रोक, संवेदक पवन गर्ग एवं अन्य ने दायर की है....
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@1stIndiaNews@omsharma8888 व्यावसायिक शिक्षा में 12वर्षों से व्याप्त कंपनियों के दीमक को रोकने के लिए आज राजस्थान हाई कोर्ट ने नई बिड पर रोक लगाई
पिछले 5 से 14माह से शिक्षकों को वेतन नहीं
21 से ज्यादा कंपनियां
कोई स्थाई पॉलिसी नहीं
शिक्षा मंत्री व विभाग शिक्षकों को अपना कर्मचारी तक नहीं मान रही @sharatjpr
व्यावसायिक शिक्षकों की नई भर्ती प्रक्रिया पर हाईकोर्ट की रोक, e-BID और वर्क ऑर्डर पर भी लगा स्टे
जयपुर। राजस्थान में व्यावसायिक प्रशिक्षकों (VTs) की नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद में व्यावसायिक शिक्षकों को बड़ी कानूनी राहत मिली है। पवन गर्ग एवं अन्य बनाम राजस्थान राज्य एवं अन्य मामले में राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ ने 17 अगस्त 2026 को महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी करते हुए VTPs के माध्यम से व्यावसायिक प्रशिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित नई प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।
माननीय न्यायमूर्ति अनूप कुमार सिंघी की अदालत में पेश मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से तर्क दिया गया कि पहले से योग्य एवं कार्यरत व्यावसायिक शिक्षकों को दरकिनार कर VTPs के माध्यम से नए व्यावसायिक प्रशिक्षकों की नियुक्ति करना मनमाना है। याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय के पूर्व आदेश S.B. Civil Writ Petition No.12054/2025, गोविंद राम यादव एवं अन्य बनाम राजस्थान राज्य एवं अन्य का भी हवाला दिया, जिसमें व्यावसायिक शिक्षकों को सीधे संविदा आधार पर नियुक्त करने तथा VTPs के माध्यम से नियुक्ति नहीं करने संबंधी निर्देशों का उल्लेख किया गया।
याचिका में 19 जून 2026 को जारी e-BID (NIB:06/2026-27) तथा 1 जुलाई 2026 के Corrigendum को चुनौती दी गई थी। सुनवाई के दौरान यह भी न्यायालय के संज्ञान में लाया गया कि उक्त प्रक्रिया के आधार पर 14 अगस्त 2026 को Work Order जारी किया जा चुका है।
e-BID और Work Order की कार्यवाही पर रोक
मामले के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही अंतरिम आदेश में 19.06.2026 के e-BID, 01.07.2026 के Corrigendum तथा 14.08.2026 के Work Order के प्रभाव एवं संचालन पर रोक लगाई गई है।
न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि e-BID के तहत VTPs के माध्यम से व्यावसायिक शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित आगे की कार्यवाही फिलहाल स्थगित रहेगी।
हजारों व्यावसायिक शिक्षकों में उम्मीद
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षकों में नई उम्मीद जगी है। लंबे समय से कार्यरत व्यावसायिक शिक्षक नई भर्ती प्रक्रिया के बजाय योग्य एवं अनुभवी VTs को रोजगार में प्राथमिकता देने, सीधे संविदा आधार पर नियुक्ति तथा रोजगार सुरक्षा की मांग उठा रहे हैं।
व्यावसायिक शिक्षकों का कहना है कि न्यायालय के इस अंतरिम आदेश से वर्तमान विवाद में महत्वपूर्ण कानूनी पहलू सामने आया है। अब मामले की आगामी सुनवाई में सरकार एवं संबंधित विभाग को अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा।
फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार VTPs के माध्यम से व्यावसायिक शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित नई प्रक्रिया पर रोक प्रभावी है।
जागो राजस्थान सरकार
#हरियाणा_मॉडल_लागू_करो
@rajeduofficial@RajCMO@RajGovOfficial@BhajanlalBjp@madandilawar
@VTsangharsh राजस्थान में व्यावसायिक शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षकों पर हो रहे शोषण पर संज्ञान लेने का कष्ट करे माननीय शिक्षा मंत्री ओर मुख्यमंत्री महोदय #Madandilawar
@skbishnoi164@rajeduofficial@sharatjpr@pantlp@aajtak@Kunal_Alwar बना दिया सरे आम पागल।
इन कंपनियों को आखिर किसका आशीर्वाद मिला हुआ है जो ये इतनी बड़ी बड़ी फेकती है और कोई कुछ नही कहता।
5 दिन धरना प्रदर्शन करने के बाद भी ऐसे सिर्फ कागजों में ही बकाया भुगतान मिलेगा सोचा नही था।
सब खेल चल रहा है आखिर कब खत्म होगा ये खेल।
@VTsangharsh देखो ! नोटिस पर नोटिस निकल रहे है फॉर्मेलिटी के लिए क्या एक नोटिस इनको ब्लैकलिस्ट करने का नहीं निकल सकता है?
कंपनियों को हटाकर सीधे विभाग में लेने का आदेश नहीं आ सकता है?
क्या गुलामी से मुक्ति का कोई आदेश होता है?
@sharatjpr जी
@BhajanlalBjp जी
मुख्यमंत्री कार्यालय → शिक्षा विभाग → पत्र → पत्र → पत्र… और फिर सन्नाटा!
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा लगातार पत्र भेजे जाने के बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा जवाब तक नहीं देना अपने आप में गंभीर सवाल खड़े करता है।
जब मुख्यमंत्री कार्यालय की चिट्ठियों की भी सुनवाई नहीं हो रही, तो फिर सरकार के विभागों में आमजन और कर्मचारियों की आवाज़ कौन सुनेगा?
पत्रों का जवाब कब मिलेगा ?
और
हमारी समस्या का समाधान कब होगा ?
जागो राजस्थान सरकार
#हरियाणा_मॉडल_लागू_करो @rajeduofficial@RajCMO@RajGovOfficial@BhajanlalBjp@madandilawar
@VTsangharsh देखो ! नोटिस पर नोटिस निकल रहे है फॉर्मेलिटी के लिए क्या एक नोटिस इनको ब्लैकलिस्ट करने का नहीं निकल सकता है?
कंपनियों को हटाकर सीधे विभाग में लेने का आदेश नहीं आ सकता है?
क्या गुलामी से मुक्ति का कोई आदेश होता है?
@sharatjpr जी
@BhajanlalBjp जी