अभी तो राम मंदिर के चढ़ावे की चर्चा हो रही अगर मंदिर बनाने के लिए लोगों द्वारा दिए गए हजारों करोड़ के चंदे की जाँच की जाए,
तब भी कई बड़े मुर्गे पकड़ में आएँगे।
ये भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार हैं। ये मान रहे हैं कि चूँकि भारत आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के दौड़ से बाहर हो चुका है और मैन्युफैक्चरिंग आधारित रोजगार सृजन में काफ़ी पीछे रह गया है, इसलिए युवाओं को अब खाना बनाने, प्लंबिंग, केयरगिविंग जैसी नौकरियों पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
एक समय था जब भारत के युवाओं को तकनीक, नवाचार और उच्च कौशल आधारित रोजगारों का सपना दिखाया जाता था। आज स्थिति यह है कि सरकार के शीर्ष आर्थिक सलाहकार ही स्वीकार कर रहे हैं कि अब देश उन क्षेत्रों में अपेक्षित अवसर उत्पन्न करने में असमर्थ हैं।
फोटो में दिख रहे इस शख्स को पहचानते हैं?
इनके नाम से जुड़े तीन ऐसे संयोग हैं, जिन्हें जानकर आप भी सोच में पड़ जाएंगे
ये नृपेंद्र मिश्र है जो 2014 से 2019 तक मोदी जी के प्रशासनिक सलाहकार हुआ करते थे
इनके साथ 3 बड़े अजीब संयोग हुए है जानते है क्या?
1. 1990 में अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलने के समय नृपेंद्र मिश्र मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव थे
2. 2026 में राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के समय नृपेंद्र मिश्र राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष हैं
3. साल 2016 मे जब नोटबंदी हुई थी तब ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार थे
अब ये महज़ एक संयोग या कुछ और?
फैसला आप खुद कीजिए
ग़ुलामी! जानते हैं क्या होती है? इस विडीओ में समझ आएगा।
समस्या भाषा नहीं है, नरेंद्र मोदी अंग्रेज़ी नहीं बोल पाते, इसलिए हिन्दी बोल रहे हैं और अनुवादक अंग्रेज़ी में बोल रहा है, यहाँ तक कोई दिक़्क़त नहीं है।
दिक़्क़त है शब्दों में, दिक़्क़त है बॉडी लैंग्वेज की, दिक़्क़त है राग-दरबारी गाने से। आमतौर पर अमेरिका के राष्ट्रपति को 'मिस्टर प्रेसिडेंट' कह कर सम्बोधित किया जाता है। लेकिन यहाँ नरेंद्र मोदी उन्हें बार-बार 'एक्सेलेन्सी' कह रहे हैं। ये है सबसे बड़ी ग़ुलामी की निशानी।
अब आते हैं शब्दों पर। नरेंद्र मोदी, डॉनल्ड ट्रम्प की किस बात के लिए भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे हैं? पूरी दुनिया में तहलका मचाने के लिए? पश्चिमी एशिया में कौन सी शांति स्थापित की ट्रम्प ने, जिसकी नरेंद्र मोदी इतनी तारीफ़ किए जा रहे हैं?
हमारे नाविक मारे गए, उसके लिए इतने मीठे शब्दों में अनुनय-विनय? कि उनकी जान की रक्षा महत्वपूर्ण है? माना कि डिप्लोमैटिक बातचीत में आप किसी का कॉलर नहीं पकड़ सकते, लेकिन इतना घिघियाया भी नहीं जाता। आपको बोलना चाहिए था कि भारत शान्ति का पक्षधर ज़रूर है, लेकिन भारत की सेनाओं ने चूड़ियाँ नहीं पहन रखी हैं। अमेरिका की ऐसी कोई भी धृष्टता, हमारे सम्बन्ध हमेशा के लिए चौपट कर सकती है।
आप हाथ में पर्ची लिए एक-एक लाइन डर-डर के बोल रहे हैं, आपका हलक़ सूखा जा रहा है। बुला लीजिए किसी बॉडी लैंग्वेज एक्स्पर्ट को, और पूछिए उससे कि क्या ये विडीओ देख कर ऐसा नहीं लग रहा है कि शहंशाह के दरबार में बैठा एक मुलाज़िम, उस शहंशाह की शान में क़सीदे पढ़ रहा है?
पुराने ज़माने में अगर बादशाह सलामत किसी को चाकू फेंक कर मारें और निशाना चूक जाए तो दरबारी कहते थे कि 'ख़ंजर ने ना-फरमाबरदारी कर दी' मतलब चाकू ने महराज के आदेश की अवहेलना की है। आप भी कुछ वैसा करते नज़र आ रहे हैं।
@narendramodi जी, पूरी दुनिया में एक सनकी ने जीना हराम कर रखा है, और आप उसे 'शान्ति के प्रयासों' के लिए धन्यवाद कर रहे हैं?
बेहद शर्मनाक है ये!
When the teleprompter is not there he needs cue cards to help him speak on the world stage.
This is the reality of Mahamanav
Can't even speak 2 lines without a cue card or a teleprompter
मैं बार बार कहता हुँ ये आदमी पीएम पद के योग्य ही नहीं है.
दोनों तस्वीरें हैँ G7 SUMMIT की.. दोनों को बहुत ध्यान से देखना जरा.
पहली तस्वीर में G7 नेताओं की ग्रुप फोटो ली जा रही है.. सभी देशों के पीएम, प्रेसिडेंट सामने देख रहें हैँ,
पर मोदीजी का ध्यान ट्रम्प और मेलोनी की तरफ है, एक 145 करोड़ वाले विशाल देश का पीएम कितना अनपढ़ वाला व्यवहार कर रहा है
दूसरी तस्वीर में ग्रुप फोटो के बाद मोदी उम्मीद भरी नज़रों से TRUMP की तरफ देख रहें हैँ
पर ट्रम्प उनकी तरफ देख तक नहीं रहें, मिलना तो दूर की बात है.. और यहाँ सुशांत सिन्हा जैसे dalle बोलते हैँ मोदी ट्रम्प का फ़ोन तक नहीं उठाते हैँ..
कितना लाचार दिख रहा है ये आदमी.
मतलब उन्होंने हमारे तीन सैनिक शहीद कर दिए और ये विरोध तक नहीं कर पा रहा, कोई इसके पास रुक तक नहीं रहा.
माना इंग्लिश नहीं बोल पाता है, पर थोड़ा सा आत्मसम्मान तो रख सकता था..
राहुल गाँधी भाई और देर मत लगाओ, ये बहुत बेइज्जती करवा रहा देश की..
वीडियो देख कर तो गुस्सा और आएगा.. 😡
हिंदू जगाने वालों ने असल में हिंदू को सुला दिया है
वरना मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के मंदिर से 200 करोड़ की चढ़ावा चोरी की ख़बर पर हिंदू ख़ामोश नहीं बैठता।
Time for us patriotic Indians to ask Modi to retire. The humiliation of Bhartiyas by US and China (e.g., in the G7) of Bharat, in which Modi is not Member but went as a “Observer” an insult to Bharat Mata. Modi has given our undisputed land to China as koyi aya nahin.
पटना में परीक्षार्थी सफोकेशन से मर गया घुट-घुट के। सेशन पर जो अराजकता की स्थिति थी, वह हम सबने देखी। विद्यार्थियों को इस देश में कीड़े-मकोड़े की तरह देखा जाता है।
रैंडम जगह पर सेंटर होंगे ताकि बच्चे अधिकतम समस्याओं का सामना कर सकें। उन्हें एक दिन पहले जाना पड़े, रेल में भीड़ हो, सड़कों पर जाम लगे।
कोई लॉजिक नहीं है बगले के जिले की जगह तीन सौ किलोमीटर दूर सेंटर देने का। कुत्तों की तरह हमारी शिक्षा व्यवस्था इन्हें ट्रीट करती है।
छात्र मर रहे हैं, मारे जा रहे हैं, आंदोलन कर रहे हैं, लीक हुए पेपर की दोबारा परीक्षा दे रहे हैं, और नीरो बंसी बजा रहा है। उसे कोई पॉलिसी नहीं लानी, मरते रहो।
ऐसी निष्ठुर सत्ता, ऐसी घटिया व्यवस्था, ऐसी उपेक्षा मैंने पहले नहीं देखी।