ट्रंप नेतन्याहू, ईरान के नेता, बड़े बड़े कारपोरेट दिग्गज, पुतिन,
यहां तक कि मोदी जी भी
कभी-कभी इन सब के मन को गणों को माध्यम बना के चार्ज कर दिया जाता है।
दुनिया को लगता है कि ये लोग एक्शन ले रहे हैं।
लेकिन एक्शन किसी और पोर्टल के दिशा निर्देशानुसार हो रहा होता है
क्योंकि यह उम्मीदवार चुनकर जैसे ही विधानसभा में जाते हैं विधायक मंत्री हो जाते हैं तो यह सत्ता का सुख लेने में लिप्त हो जाते हैं
जिस क्षेत्र से जीत के आए होते हैं उस क्षेत्र की जनता की उपेक्षा करने लगते हैं
समझते हैं 5 साल के लिए यह अमर हैं दल बल से राजा की तरह बर्ताव करते हैं ।
अगर वास्तव में अपने देश को विकसित बनाना है,
देश के बच्चों को रोजगार दिलाना है
और इस लाल फीता शाही से छुटकारा पाना है
तो पैर छूने वाली,
धर्म बिरादरी वाली
राजनीति से ऊपर उठना होगा।
विधायकों की क्षेत्र के लिए जिम्मेदारी तय करने की जरूरत है... वह भी जनता द्वारा
2027 में UP में विधानसभा चुनाव हैं
अगर आपको सही उम्मीदवार चुनाना है
तो वर्तमान विधायक से प्रश्न पूछना कि पिछले 5 साल में तुमने क्या किया जनता के लिए, काम का लेखा-जोखा दो
कोई पहली बार लड़ रहा है तो पूछना है कि पूरी योजना बताए कि अगले 5 साल में क्षेत्र के लिए क्या-क्या करेगा
अब समय आ गया है कि
विधायकों और मंत्रियों की क्षेत्र के प्रति, जनता के प्रति जवाबदेही तय हो
जब यह उम्मीदवार बनकर वोट मांगने आए तो जनता इनसे अगले 5 साल क्या करोगे, इसकी रूपरेखा बाकायदा लिखित रूप में मांगे और तय समय में काम नहीं होते हैं तो क्यों ना इनको बीच में ही बर्खास्त किया जाए
विदेशी निवेशक रोज कस के बिकवाली कर रहे हैं।
और छोटे निवेशक म्युचुअल फंड में हर महीने दना दन पैसा लगाये जा रहें हैं
म्युचुअल फंड में दो तीन साल बैंक FD का ब्याज भी नहीं मिलेगा।
Mutual Fund House वाले पैसा कमा रहे हैं
और मूर्ख Retail पैसा खपा रहा है।
जब उस पर रिटर्न नहीं मिलेगा तो फिर निराशा छाएगी
छोटे निवेशकों को यह समझना होगा कि 2 3 साल के लिए बाजार पहले जैसा नहीं रह गया है ।
शेयर मार्केट में कोरोना काल के समय जो रणबांकुरें भर्ती हुए हैं
जब तक बाजार उनको खत्म नहीं कर देगा तब तक बाजार में नया Bull Run नहीं आएगा
चौकीदार तो बहुत दिनों से बोल रहा था कि सब मारे जाएंगे
रणबाकुंरों के मन में इतना लालच समाया था कि बात ही अनसुनी कर दी
Net inflows into equity mutual funds fell over 40% month-on-month to ₹22,897 crore in May from ₹38,426 crore in April, according to data released by the Association of Mutual Funds in India (AMFI).
बस अब जब redemption होना स्टार्ट होगा पूरी तरीके से
तभी बाजार में भगदड़ मचेगी
Raja Rani में मेरे फाइनल टारगेट आएंगे और यूनिवर्स उसी तरह की योजना बना रहा है
जो खरीदते दिखाई पड़ रहे थे
शायद अब वो बेंचते नजर आएंगे
#silver#gold#anandbhaav
मेरी थोड़ी अजीब सी भविष्यवाणी है
लेकिन शेयर मार्केट में जो #Metals की रैली चल रही है इसके खत्म होते ही Market Crash करेगा।
यह मेरी नितांत निजी राय है
इससे प्रभावित होकर आप बाजार में कोई भी BUY SELL ना करें क्योंकि उसकी वजह से आपको कोई नुकसान होता है तो उसके जिम्मेदार हम ना होंगे
Basanti की चाल तो हमने कल ही बता दी थी
लेकिन options futures वाले कल long करके चले गए
और
बाजार ने आज सुबह-सुबह धीरे से पेंट फाड़ दी और छिलाई कर दी
और इसमें बिजनेस टीवी चैनलों का भी बड़ा योगदान है
ये समझ ही नहीं पाए कल का झटका