आज जयपुर में भाई पारस गुर्जर जी ने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ अपना समर्थन देकर मुझे मजबूती प्रदान की। यह अपार जनसमर्थन निश्चित रूप से हमारे हौसलों को और ऊंचा करेगा और हम सभी साथी मिलकर इस चुनाव को पूरी ताकत और मजबूती के साथ लड़ेंगे तथा राजस्थान के युवाओं और किसानों को एक बेहतर, संघर्षशील और जनहितैषी युवा नेतृत्व देने का काम करेंगे।
गुर्जर प्रतिहार सम्राट महान मिहिरभोज जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और प्रणाम करने के पश्चात सपा प्रमुख श्री अखिलेश यादव जी ने आज दादरी नोएडा में भाईचारा रैली को संबोधित किया और गुर्जर समाज से अपने हक और अधिकार की लड़ाई में PDA के साथ आने का आह्वान किया और इस मौके पर उत्साहित बड़ी संख्या में गुर्जर समाज ने भी श्री अखिलेश यादव जी का खुलकर स्वागत किया और साथ देने का संकल्प लिया।
🇮🇳 14 फरवरी 2019 — Pulwama attack को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
हमारे 40+ वीर जवानों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर किए।
उनका बलिदान हमें हमेशा एकजुट रहने और आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़े रहने की प्रेरणा देता है।
शहीदों को कोटि-कोटि नमन। 🙏
#PulwamaAttack #SaluteToMartyrs #JaiHind 🇮🇳
स्व. राजेश पायलट जी ने जीवन भर किसानों, युवाओं एवं वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित भाव से काम किया।
एयरफोर्स में रहते हुए उन्होंने अपने साहस और अनुभव से देश की सीमाओं की रक्षा की।
स्व. श्री राजेश पायलट जी की जयंती पर सादर नमन 🙏
#RajeshPilot@SachinPilot
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं किसान नेता राजेश पायलट जी की जयंती पर कोटिशः नमन।
किसानों की आवाज़ रहे राजेश पायलट जी का संघर्ष और समर्पण सदैव याद किया जाएगा। @SachinPilot
दौसा के निर्वाचित कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा (डीसी प्रधान) के साथ दौसा में सरेआम एक अधिकारी ने अभद्र व्यवहार किया। अपमानित किया।
डीसी ने शिकायत गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म से की। विधानसभा में अपनी बात रखी।
कांग्रेस के कितने नेता उनके समर्थन में आए?
उनके समर्थन में कितने नेताओं ने ट्वीट किए?
क्या उनके समर्थन में कोई धरना/प्रदर्शन हुआ?
क्यों डीसी को अपनी लड़ाई खुद ही लड़ने के लिए अकेला छोड़ दिया गया?
कोई भी उनके समर्थन में आगे क्यों नहीं आया?
पूछता है राजस्थान
लोकप्रिय जन नेता श्री सचिन पायलट जी आज_
फुलेरा विधायक और नवनियुक्त जयपुर देहात से जिला अध्यक्ष_
आदरणीय विद्याधर चौधरी जी के शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे 🙏
@SachinPilot@RahulGandhi@priyankagandhi
दौसा में तहसीलदार विधायक से कहता है आप कौन हो यहां से निकलो....
MLA को पुलिस की धमकी देता है
मैं इस सदन का सदस्य हूं और मैं सरकार से मांग करता हूं कि ऐसे तहसीलदार को तुरंत सस्पेंड करो!
@SachinPilot@BairwaDc
दौसा में तहसीलदार विधायक से कहता है आप कौन हो यहां से निकलो....
MLA को पुलिस की धमकी देता है
मैं इस सदन का सदस्य हूं और मैं सरकार से मांग करता हूं कि ऐसे तहसीलदार को तुरंत सस्पेंड करो!
@SachinPilot@BairwaDc
परम आराध्य,लोक देवता सत्यवादी वीर तेजाजी महाराज की जयंती पर आप सभी को हार्दिक मंगलकामनाएं |
सत्य,साहस और धर्म की राह पर चलने के लिए प्रेरणा देने वाले वीर तेजाजी महाराज की कृपा सभी पर बनी रहे |
जय वीर तेजाजी
#तेजा_जयंती@RLPINDIAorg
अपना सम्पूर्ण जीवन गौ माता की सेवा, संरक्षण में और सत्य व वचन के पालन के लिए समर्पित करने वाले, जनआस्था के प्रतीक श्री वीर तेजाजी महाराज जी के अवतरण दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई।
उनका त्याग, वचनबद्धता और धर्म के प्रति अटूट निष्ठा लोक जीवन में सदैव आस्था, साहस और सेवा की प्रेरणा देती रहेगी।
#VeerTejaji
सत्य और अहिंसा के पुजारी, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर कोटिशः नमन।
बापू के आदर्श हमें न्याय और शांति की राह का अनुसरण करने के लिए सदैव प्रेरित करते रहेंगे।
“मेरे खाते में तो सिर्फ 102 रुपये हैं, मैं दिल्ली नहीं आ पाऊँगा।”
कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मन की बात कार्यक्रम में भरतपुर निवासी जितेंद्र सिंह का उल्लेख किया था। वर्तमान में वे सरदार वल्लभभाई पटेल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, सूरत में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत हैं। वर्षों से वे शहीद परिवारों को पत्र लिखते आ रहे हैं। उनके पास शहीदों की स्मृतियों का एक अनूठा संग्रह है 24 हजार से अधिक शहीदों की तस्वीरें और सैकड़ों प्रतिमाएँ। उनकी इच्छा है कि गाँव में एक ऐसा हॉल बने, जहाँ इन शहीदों की अमर स्मृतियाँ सहेजी जा सकें।
इसी बीच प्रधानमंत्री कार्यालय से उन्हें गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने का निमंत्रण मिला। जब अधिकारियों ने दिल्ली आने की बात कही तो जितेंद्र सिंह ने विनम्रता से कहा कि उनके खाते में मात्र 102 रुपये हैं, वे दिल्ली आने में असमर्थ हैं। यह सुनकर प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने कहा आपकी आने-जाने की टिकट हम भेज देंगे।
इतना ही नहीं, जब जितेंद्र सिंह ने यह बताया कि उनकी पत्नी ने कभी हवाई यात्रा नहीं की है, तो अधिकारियों ने दोनों की फ्लाइट टिकट बुक कर दी।
इस पर जितेंद्र सिंह ने जो कहा, वही उनकी साधना और समर्पण का सार है
“अगर कोई मुझे फ्रांस की फ्लाइट का टिकट देकर एफिल टावर दिखा दे, तो वह मेरे किसी काम का नहीं। मेरा जीवन शहीदों और जवानों से जुड़ा है। गणतंत्र दिवस की परेड देखना मेरे लिए किसी पुरस्कार से कम नहीं।”
एक साधारण सुरक्षा गार्ड, जब अपनी पत्नी के साथ विमान में बैठकर दिल्ली पहुँचा होगा और राजपथ की उस भव्य परेड को देखा होगा, तो वर्षों से संजोई शहीदों की निस्वार्थ साधना, उनके त्याग और बलिदान के असंख्य दृश्य उसकी आँखों के सामने सजीव हो उठे होंगे।
यह पूरी घटना श्रीमद्भगवद्गीता के उस अमर श्लोक को साकार करती है–
“कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।
मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥”
अर्थात–
मनुष्य का अधिकार केवल कर्म करने में है, फल में नहीं। कर्मफल की आसक्ति न रखते हुए, निष्काम भाव से अपने कर्तव्य का पालन ही सच्ची साधना है।
जितेंद्र सिंह का जीवन इसी निष्काम कर्म का जीवंत उदाहरण है जहाँ सम्मान लक्ष्य नहीं, बल्कि सेवा ही साध्य है।