मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फ़ीस लगाने का रास्ता खोल दिया है।
अब ₹2,000 से ऊपर के merchant UPI लेन-देन पर MDR लगाया जा सकता है। इन ट्रांजैक्शंस की संख्या भले ही सिर्फ़ 5% हो, लेकिन UPI के कुल transaction value का करीब 65% इन्हीं में है।
सरकार कहती है कि ग्राहक से कोई फ़ीस नहीं ली जाएगी। लेकिन दुकानदार पर लगने वाली फ़ीस आखिर आएगी कहां से? कीमतों में जुड़कर ग्राहक की जेब से।
अमेरिकी payment कंपनियां लंबे समय से भारत की zero-MDR नीति का विरोध करती रही हैं। अब मोदी सरकार ने ठीक उसी दिशा में नीति बदलने का रास्ता खोल दिया है।
US Trade Deal की तरह ही, Compromised PM मोदी एक बार फिर अमेरिकी दबाव के सामने surrender कर रहे हैं।
गुजरात में कुछ ऐसी अनाम पार्टियां हैं जिनका नाम किसी ने नहीं सुना - लेकिन 4300 करोड़ का चंदा मिला!
इन पार्टियों ने बहुत ही कम मौकों पर चुनाव लड़ा है, या उनपर खर्च किया है।
ये हजारों करोड़ आए कहां से? चला कौन रहा है इन्हें? और पैसा गया कहां?
क्या चुनाव आयोग जांच करेगा - या फिर यहां भी पहले एफिडेविट मांगेगा? या फिर कानून ही बदल देगा, ताकि ये डेटा भी छिपाया जा सके?
#VoteChori
The exam leaks destroy the hopes and futures of millions of students.
The Congress always protected our institutions. This is what happens when institutions are destroyed by the RSS/BJP.
Believe me when I say, this is only the beginning.
How dare you threaten students for exercising their democratic rights?
Please note, you are the ones that will be held accountable when the time comes.
कल से कुछ हाफ-लिबरल बोल रहे हैं कि चैनल के खिलाफ गुस्सा जायज है, लेकिन ग्राउंड रिपोर्टर पर हमला ठीक नहीं।
उनका क्या मतलब है?
क्या चैनल पर हमला जायज है?
क्या स्टूडियो में बैठने वाले एंकर पर हमला जायज है ?
हिंसा और हमला किसी पर जायज नहीं। सब कुछ शांतिपूर्वक होना चाहिए। 🙏🏼
मीडिया जगत में काम करने वाले मित्र बताते हैं कि चैनल की OB वैन की कीमत 2-3 करोड़ होती है और छोटे छोटे कैमरे भी 50 लाख तक के होते हैं
बहुत खर्चीला काम है चैनल चलाना और ऊपर से हिंसाग्रस्त इलाके से रिपोर्ट करने का रिस्क।
कृपा मीडिया के काम में बाधा ना पहुंचाएं 🙏🏼
*(प्रतीकात्मक तस्वीर)
इंसानियत का कोई धर्म नहीं होता, उसका सिर्फ़ एक नाम होता है मोहब्बत।
सहारनपुर की सुनीता अरोड़ा 180 किलोमीटर का सफर तय करके जंतर-मंतर सिर्फ़ इसलिए पहुँचीं क्योंकि उन्होंने रोज़ एक नौजवान, मोहम्मद जुनैद, को बिना किसी भेदभाव के लोगों की मदद करते देखा था।
मुलाकात होते ही सुनीता जी की आँखें भर आईं। उन्होंने कहा "बेटा, तेरी माँ तुझसे मिलने सहारनपुर से आई है ऐसे ही हिंदू-मुस्लिम एकता और इंसानियत की मिसाल बनकर लोगों की सेवा करते रहना" यह दृश्य बता गया कि नफ़रत की दीवारें चाहे जितनी ऊँची हों, इंसानियत और मोहब्बत उन्हें हमेशा पार कर जाती है।
यही है भारत की असली पहचान प्यार, भाईचारा और इंसानियत।
IF NOT US, WHO?
IF NOT NOW, WHEN !
I will be joining the CJP members in Delhi on 6th June if nothing changes by 5th June. Any self respecting Minister should resign if things go so wrong... Not to mention the effect on millions of young lives and in fact the future of India.
#CockroachJantaParty #CJP #SonamWangchuk
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NEET। CBSE। SSC। और आज CUET।
चार परीक्षाएँ। एक करोड़ बच्चे। एक भी ईमानदारी से नहीं हो पाई।
दावे "विश्वगुरु" के, मगर देश में एक परीक्षा नहीं करवा सकते - मोदी जी ने पूरी शिक्षा व्यवस्था तबाह कर दी है।
जिस पीढ़ी का भविष्य आप बर्बाद कर रहे हैं - वही पीढ़ी आपका हिसाब करेगी।
शिक्षामंत्री ने बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी। उनके कहने का आशय यह है कि हम चुनाव जीत रहे, इसलिए पेपरलीक करा रहे?
नहीं कोई चिंता की बात,
प्रधानमंत्री का हाथ, मंत्री-प्रधान के साथ।
भाजपा चुनाव जीतेगी तो पेपर लीक होगा, महंगाई बढ़ेगी और इस पर कोई सुनवाई नहीं होगी।
#ResignPradhan
बड़े लोग आपदाओं को पहले भाँप जाते हैं.
“मुझे पूरी ईमानदारी से लगता है कि नरेंद्र मोदी का भारत का प्रधानमंत्री बनना देश के लिए एक बड़ी आपदा साबित होगा।”
– पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, मई 2014
कल SSC GD की परीक्षा के लिए एक केंद्र पर 800 लोगों को बुला लिया गया, लेकिन बैठने की व्यवस्था सिर्फ 250 लोगों के लिए ही थी।
कितना दुखद है कि मोदी सरकार ठीक से एक परीक्षा भी नहीं करवा पा रही है।
हालात ये हैं कि जब एक 17 साल का छात्र CBSE से जुड़ी समस्याओं पर गुहार लगाता है, तो अपनी रीढ़ की हड्डी खो चुके कुछ पत्रकार उसे देशद्रोही बताने लगते हैं।
जो प्रधानमंत्री परीक्षा से पहले 'परीक्षा पे चर्चा' करते हैं, वही प्रधानमंत्री पेपर लीक होने पर एक शब्द नहीं बोलते।
पहले NEET के पेपर लीक की खबरें आने लगी, उसके बाद CBSE का मामला सामने आ गया।
आखिर नरेंद्र मोदी की क्या मजबूरी है कि उन्होंने एक अयोग्य व्यक्ति को शिक्षा मंत्री बना दिया है।
: @nsui के प्रभारी @kanhaiyakumar जी
📍 दिल्ली