तुम्हारी फाइलों में गाँव का मौसम गुलाबी है
तुम्हारी फाइलों में गाँव का मौसम गुलाबी है
मगर ये आँकड़े झूठे हैं ये दावा किताबी है.
उधर जम्हूरियत का ढोल पीटे जा रहे हैं वो इधर परदे के पीछे बर्बरीयत है, नवाबी है
जन समस्याओं को लेकिन सवाल करना गुनाह नहीं, लोकतंत्र की पहचान है।
ऑफिसर-नेता सेवक हैं, भगवान नहीं।
#लोकतंत्र#जवाबदेही #
गयासुद्दीन, पूर्व मुखिया सह समाजसेवी M. 6201192935